'शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मर मिटने वालों का यही बाकी निशा होगा'..आजादी की लड़ाई में शहादत देने वाले शूरवीरों के लिए लगता है भारत सरकार की नजर में इन पंक्तियों के कोई मायने नहीं है। शायद यही वजह है कि सरकार महान क्रांतिकारियों को 'स्वतंत्रता सेनानी' मानने में ऊहापोह की स्थिति में है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कक्षा सात की ग्यारह वर्षीय छात्रा और देश की सबसे कम उम्र की बाल आरटीआई कार्यकर्ता ऐश्वर्या पाराशर के इस संबंध मे सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगे जवाब पर सरकार ने कोई साफ उत्तर न देकर गोलमोल जानकारी दी है। ऐश्वर्या ने प्रधानमंत्री कार्यालय से 25 मार्च 13 को भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, चंद्र शेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और मंगल पांडेय को स्वतंत्रता सेनानी घोषित करने के भारत सरकार के आदेशों की फोटो कॉपी मांगी थी।
प्रधानमंत्री कार्यालय के जनसूचना अधिकारी ने ऐश्वर्या का पत्र भारत सरकार के गृह सचिव को स्थानांतरित किया। आरसी नायक, निदेशक (स्वतंत्रता सेनानी) एवं गृह मंत्रालय के जन सूचना अधिकारी द्वारा ऐश्वर्या को भेजे गए जवाब में केवल यह लिखा गया है कि राष्ट्रीय स्वतन्त्रता संग्राम मंे भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, चंद्र शेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और मंगल पाण्डेय जैसे क्रांतिकारियों की शहादत एक ऐतिहासिक तथ्य है। आर.सी. नायक ने यह भी लिखा है कि स्वतंत्रता सेनानी सम्मान पेंशन स्कीम 1980 के तहत गृह मंत्रालय की स्वतंत्रता सेनानी शाखा उन स्वतंत्रता सेनानियों को पेंशन देता है, जो स्वतंत्रता सेनानी सम्मान पेंशन स्कीम 1980 में निर्धारित मापदंड और प्रमाणिक आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।
अहम बात यह है कि आरसी नायक ने यह तो लिखा है कि पेंशन प्राप्त करने बाले स्वतंत्रता सेनानियांे एवं उनके पात्र आश्रितों के नाम गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं लेकिन भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, चंद्र शेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और मंगल पांडेय को स्वतंत्रता सेनानी घोषित करने के भारत सरकार के आदेशों की फोटो कॉपी देने के बारे में यह पत्र मौन है। जनसूचना अधिकारी द्वारा दी गई भ्रमपूर्ण जानकारी प्राप्त होने पर ऐश्वर्या दुखी और हताश है। ऐश्वर्या ने बातचीत में कहा कि उसे तो बस सात क्रांतिकारियों को स्वतंत्रता सेनानी घोषित करने के भारत सरकार के आदेशों की फोटो कॉपी चाहिए थी जो उसे नहीं मिलीं। ऐश्वर्या कहती हैं कि यदि भारत सरकार ने ऐसे आदेश जारी किए हों तो उन्हें आदेश प्रदान किए जाएं और अगर भारत सरकार ने ऐसे आदेश अब तक जारी नहीं किए हों तो उन्हें ऐसी जानकारी स्पष्ट रूप से दी जाए, इसलिए वह इस मामले में प्रथम अपील भेज रही है।

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