पाकिस्तान से निराश सरबजीत का परिवार भारत लौटा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 1 मई 2013

पाकिस्तान से निराश सरबजीत का परिवार भारत लौटा


पाकिस्तान में जिंदगी की जंग लड़ रहे भारतीय कैदी सरबजीत सिंह का परिवार बुधवार को भारत लौट आया। सरबजीत के परिवार ने यहां कहा कि वे पाकिस्तान के उपचार के तरीके तथा उसके द्वारा सरबजीत की स्थिति के बारे में अंधेरे में रखे जाने से असंतुष्ट हैं। सरबजीत की बहन दलबीर कौर, पत्नी सुखप्रीत और बेटियां स्वपनदीप और पूनम अटारी-वाघा अंतर्राष्ट्रीय सीमा के जरिए सुबह 11.30 बजे भारत लौट आईं। उन्हें फौरन सुरक्षा घेरे के बीच अटारी स्थित सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के ब्रीफिंग कक्ष ले जाया गया।

ये सभी रविवार को सरबजीत से मिलने पाकिस्तान गई थीं। 26 अप्रैल को कोट लखपत जेल में साथी कैदियों के जानलेवा हमले में घायल हुए सरबजीत को लाहौर के जिन्ना हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। सरबजीत के वकील अवैस शेख के मुताबिक, दलबीर ने कहा, "हमें चिकित्सकों द्वारा उनकी सेहत के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई। ऐसा लग रहा है जैसे वे हमसे कुछ छिपा रहे हैं।"

दलबीर ने कहा कि वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करने के लिए बुधवार शाम दिल्ली जाएंगी। वह सरबजीत का भारत में इलाज कराए जाने के लिए उन्हें यहां लाने या उनकी जान बचाने के लिए भारतीय चिकित्सकों को पाकिस्तान भेजे जाने के संदर्भ में सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग करेंगी। 

उनका परिवार 15 दिन के आपातकालीन वीजा पर पाकिस्तान गया हुआ था। हालांकि, सरबजीत की स्थिति के बारे में स्पष्ट न बताए जाने पर उन्होंने खुद ही तीसरे दिन वापस आने का फैसला किया। 49 वर्षीय सरबजीत को पाकिस्तानी न्यायालय ने लाहौर एवं मुल्तान में हुए विस्फोटों का दोषी माना था और 1990 में उन्हें मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। भारत में उनका परिवार यह दावा करता आया है कि अगस्त 1990 में वह अनजाने में सीमा पार पाकिस्तान में प्रवेश कर गए थे। लेकिन पाकिस्तानी पुलिस उन्हें आतंकवादी मानती है।

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