बिहार में भाजपा मंत्रियों ने कामकाज करना बंद किया - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 14 जून 2013

बिहार में भाजपा मंत्रियों ने कामकाज करना बंद किया


भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की गोवा बैठक में, वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को पार्टी की चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में सियासी पारा कई चढ़ गया है। राजग के मुख्य घटक, जनता दल (युनाइटेड) ने जहां गठबंधन से अलगाव की तैयारी पूरी कर ली है, वहीं बिहार में जद (यू) के साथ सरकार में शामिल भाजपा के मंत्रियों ने पहले से ही कामकाज करना बंद कर दिया है। 

सूत्रों के अनुसार, बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी सहित भाजपा के कई मंत्री सरकारी कामकाज नहीं निपटा रहे हैं। भाजपा मंत्रियों के इस रुख को गठबंधन टूटने के प्रमाण के रूप में देखा जा रहा है। बिहार के पर्यटन मंत्री सुनील कुमार पिंटू भी दफ्तर नहीं जा रहे हैं। उनसे जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "अभी क्या करूंगा विभाग जाकर? गठबंधन की स्थिति पर नजर है। राजग के बने रहने या न रहने के फैसले का इंतजार कर रहा हूं।"

भाजपा के कई नेता हालांकि गठबंधन को टूटने को सही नहीं मानते। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सी. पी. ठाकुर का कहना है कि बिहार के लोगों की इच्छा है कि राज्य में न तो राजग टूटे और न ही नरेंद्र मोदी को भाजपा चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के फैसले में कोई बदलाव हो। सूत्रों के अनुसार, भाजपा के नेता दिल्ली से लेकर पटना तक जद (यू) के शीर्ष नेताओं को मनाने की कोशिश में हैं, लेकिन इसका असर जद (यू) के नेताओं पर होता नहीं दिख रहा। भाजपा जहां नरेंद्र मोदी को लेकर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है, वहीं जद (यू) को नरेंद्र मोदी किसी भी हालत में स्वीकार नहीं हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सेवा यात्रा से लौटने के बाद जद (यू) किसी बड़े निर्णय की घोषणाकर सकता है।

इस बीच, भाजपा सूत्रों का कहना है कि पार्टी पहले तो गठबंधन नहीं टूटने देना चाहती और यदि यह टूट भी जाए तो इसका ठीकरा जद (यू) के सिर फोड़ना चाहती है। इसलिए पार्टी के भीतर यह फैसला हो चुका है कि भाजपा का कोई भी मंत्री गठबंधन टूटने के बाद इस्तीफा नहीं देगा, बल्कि भाजपा मंत्रियों को हटाने का फैसला स्वयं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करें, ताकि भाजपा विपक्षी चेहरा लेकर विपक्ष में शामिल हो जाए।

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