छतरपुर (मध्यप्रदेश) की खबर ( 20 जून) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 20 जून 2013

छतरपुर (मध्यप्रदेश) की खबर ( 20 जून)

युवा निःशक्तजनों को विशेष शिक्षा प्रशिक्षण में प्रशिक्षित किया जायेगा  

छतरपुर/20 जून/क्षेत्रीय विकलांग पुनर्वास केन्द्र भोपाल द्वारा युवा निःशक्तजनों को विशेष शिक्षा के डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रदान करने के उद्देश्य से 24 जून 2013 तक आवेदन आमंत्रित किये गये हंै। सामाजिक न्याय विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस एक वर्षीय पाठ्यक्रम में कक्षा 10वीं उत्तीर्ण एवं कृत्रिम अंग उपकरण निर्माण में दो वर्ष का अनुभव रखने वाले युवा निःशक्तजन प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं। इस दौरान इन्हें कृत्रिम अंग एवं प्रत्यंग निर्माण में निपुण होने संबंधी प्रमाण पत्र प्रदान  किया जायेगा। इसी तरह भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान एवं गणित विषय के साथ  कक्षा 12वीं उत्तीर्ण युवा निःशक्तजनांे को एक वर्ष की अवधि का प्रशिक्षण एवं श्रवण वाक एवं भाषा का डिप्लोमा प्रदाय किया जायेगा। इसके अलावा समकक्ष योग्यता वाले अन्य इच्छुक निःशक्तजन आवेदक को विशेष शिक्षा में दो वर्ष का डिप्लोमा प्रदाय किया जायेगा। उप संचालक, सामाजिक न्याय श्री बघेल ने बताया की आवेदन पत्र एवं विवरणिका सामान्य एवं पिछडा वर्ग के आवेदक 750 रूपये तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के आवेदक 450 रूपये में प्राप्त कर सकते हैं। अधिक जानकारी वेबसाइट www.rehabcouncil.nic.in से प्राप्त की जा सकती है। प्रवेश हेतु पात्र निःशक्त आवेदक अपना आवेदन क्षेत्रीय विकलांग पुनर्वास केन्द्र, पुनर्वास भवन, खजूरी मार्ग, पिपलानी, भोपाल 462021 के पते पर भेज सकते हैं।

राज्य स्तरीय आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापित

छतरपुर/20 जून/मुख्य सचिव कार्यालय, भोपाल द्वारा उत्तराखण्ड में फंसे हुये लोगों की जानकारी अतिशीघ्र समस्त जिला कलेक्टर्स से मांगी गयी है। जानकारी निर्धारित प्रारूप में राज्य स्तरीय आपदा नियंत्रण कक्ष में ई-मेल/फैक्स द्वारा भेजनी होगी। इस संबंध में जानकारी हेतु नियंत्रण कक्ष के दूरभाष क्रमांक 0755-2556422 पर सम्पर्क किया जा सकता है अथवा सम्पर्क अधिकारी संतोष जाट के मोबाइल नंबर 9926769808 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

गैंगरेप के मामले में तीन आरोपियांे को दस-दस साल की कठोर कैद
  • सत्र न्यायाधीश विमल कुमा जैन ने सुनाई सजा
छतरपुर-सत्र न्यायाधीश श्री विमल कुमार जैंन की अदालत ने गैंगरेप करने के एम मामले में तीन आरोपियों को दोषी करार दिया। और उन्हें आईपीसी की धारा 376(2)(जी) में दस-दस साल की कठोर कैंद 5-5 हजार रुपये जुर्माना एवं धारा 450 में दस-दस साल की कठोर कैंद 5-5 हजार रुपये की जुर्माने की सजा सुनाई। एडवोकेट लखन राजपूत ने बताया कि घटना दिनांक 18 मई 2012 को रात्रि 12 बजे थाना खजुराहो क्षेत्र अंतर्गत रहने वाले ग्राम अकौना निवासी विजल पुत्र रतीराम यादव, लक्ष्मन पुत्र घनश्याम कुशवाहा और मोतीलाल उर्फ मोहन पुत्र उद्दी कुशवाहा एक राय होकर ग्राम अकौना निवासी एक महिला के घर में जबरन घुस आये। आरोपी विजय महिला को कमरे में खीचकर ले गया जहां आरोपी लक्ष्मन कुशवहा, मोतीलाल कुशवाहा की मदद से आरोपी विजय ने जबरन महिला के साथ दुष्कृत्य किया और महिला को रिपोर्ट करने पर जान से मारने की धमकी देकर आरोपी मौके से फरार हो गये। पीडि़ता ने घटना की शिकायत थाना खजुराहो में की। तीनों आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप का मामला दर्ज कर थाना खजुराहो के तत्कालीन थाना प्रभारी मुकेश खम्परिया ने आरोपियों को गिरफ्तार किया और मामलें को अदालत के सुपुर्द कर दिया। सत्र न्यायाधीश श्री विमल कुमार जैंन ने गुरुवार को मामले की अंतिम सुनवाई करते हुये आरोपी विजल यादव, लक्ष्मन कुशहवा और मोतीलाल कुशवाहा को उक्त घटना का दोषी पाया। और तीनों आरोपियों को आईपीसी की धारा 376(2)(जी) में दस-दस साल की कठोर कैंद 5-5 हजार रुपये जुर्माना एवं धारा 450 में दस-दस साल की कठोर कैंद 5-5 हजार रुपये की जुर्माने की सजा सुनाई।

एसआई की वेतन से 5 हजार रुपये काटने का अदालत ने दिया आदेश

  • एसपी को किया पत्र जारी 
छतरपुर- प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश श्री डीके पालीवाल की अदालत ने एक एसआई की वेतन से 5 हजार की राशि काट कर अदालत में जमा कराये जाने के संबंध में एसपी को पत्र जारी कर दिया। एडवोकेट लखन राजपूत ने बताया कि थाना प्रकाश बम्हौंरी में पदस्थ तत्कालीन थाना प्रभारी एसआई राहुल गजभिये ने दिनांक 02 मई 2010 को ग्राम घटहरी खजुआ पहाड़ में हुई वारदात के मामले का अन्वेषण किया था। तथा मामले का विचारण प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश डीके पालीवाल की अदालत में किया जा रहा हैं। एसआई श्री गजभिये वर्तमान में जिला मण्डला की चैकी हृदयनगर के प्रभारी हैं। जिन्हें उक्त मामले में गवाह देने के लिये बार बार अदालत के द्वारा समन जारी किये जाते रहें। जब श्री गजभिये अदालत में गवाही देने के लिये उपस्थित नही हुये तब अदालत ने श्री गजभिये के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। एसआई श्री गजभिये दिनांक 14.06.13 को एक अन्य मामले में छतरपुर अदालत में आये हुये थें उसी समय प्रकाश बम्हौंरी के वर्तमान थाना प्रभारी लखन तिवारी भी आ गये जिन्होने अदालत को गिरफ्तारी वारंट की सूचना दी। एसआई श्री गजभिये ने श्री पालीवाल की अदालत में गिरफ्तारी वारंट के माध्यम से उपस्थित ना होकर स्वयं नियत पेशी दिनांक 19 जून 2013 को अदालत में गवाह देने के लिये उपस्थित होने के लिये निवेदन किया। एसआई श्री गजभिये ने इस संबंध में 5 हजार का स्वयं का मुचलका भरकर अदालत में पेश किया। 19 जून 2013 को एसआई राहुल गजभिये श्री पालीवाल की अदालत में उपस्थित नही हुये जिस कारण प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश श्री पालीवाल की अदालत ने एसआई राहुल गजभिये की वेतन से 5 हजार रुपये काट कर एसपी मण्डला के माध्यम से अदालत में जमा कराये जाने का आदेश कर दिया। एसपी मण्डला को उक्त संबंध में अदालत ने पत्र जारी किया हैं।

खजुराहो सांसद श्री जितेन्द्र सिंह बुन्देला ने माॅॅ बम्बरबैनी तेजस्वनी ग्रामीण महिला संघ के सदस्यों को दिलाई शपथ

लवकुश नगर के मण्डी प्रांगण मे आज दिनाॅक 20.6.13 को म.प्र. महिला वित्त एवं विकाष निगम द्वारा प्रायोजित तेजस्वनी ग्रामीण महिला सषक्तिकरण के शपथ ग्रहण एवं महाअधिवेषन कार्यकृम मे बतौर मुख्य अतिथि खजुराहो सांसद श्री जितेन्द्र सिंह बुन्देला ने महिला सदस्यों को समाज मै फैली कुरीतियों, महिला हिंसा, सामाजिक सोषण के विरूद्ध कार्य करने तथा अपनी सहयोगी सदस्य व महिलाओं की सहायता करने की शपथ दिलाई। सांसद मीडिया प्रभारी राजू नामदेव ने बताया कि छतरपुर की महिला समिति द्वारा किृयांवित माॅ बम्बर बैनी तेजस्वनी ग्रामीण महिला संघ के सदस्यों को संबोधित करते हुए सांसद श्री बुन्देला ने कहा कि महिला मात्र शक्ति है जो आज के समय मे कन्धे से कन्धा मिलाकर अपने परिवार को संभाल रही है, अपने गाॅव को, अपने प्रदेष को तथा देष को सम्भाल रही है। आज महिलाऐं किसी के भरोसे नहीं है वे अपने परिवार का भरण पोषण कर रहीं है। भारत देष के सर्वोच्च पद से लेकर कई अन्य महत्वपूर्ण पदों पर महिलाऐं अभूतपूर्व योगदान दे रही है। सांसद श्री जितेन्द्र सिंह बुन्देला ने कहा कि म.प्र. की भाजपा सरकार मे मान्नीय मुख्यमंत्री षिवराज सिंह की सरकार ने आज हमारी बेटियों के जन्म से लेकर उनकी पढाई लिखाई से शादी तक की महत्वपूर्ण योजनाऐं चला रखीं है। जननी सुरक्षा योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, कन्यादान योजना, सहित अनेक हितकारी योजनाओं को महिलाओं के चला रखा है। आज के समय मे हर महिला का कर्तव्य है कि वह अपनी बेटी को स्कूल अवष्य भेजे ताकि आने वाले समय मे कोई भी महिला अषिक्षित न रहे और न ही किसी के सामने उसे आषायित रहना पड़े। इस मौके पर उपस्थित बयोवृद्ध समाजसेविका श्रीमती गायत्री देवी परमार के संदर्भ मे श्री बुन्देला ने कहा कि मैं जब छोटा था तब से उनको महिलाओं के हक की लड़ाई लड़ते देख रहा हॅू। श्री मती गायत्री देवी परमार ने महिला सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि लगभग साठ वर्ष पूर्व उन्हौने महिला समिति की शुरूआत की थी, तब महिलाओं मे षिक्षा की बहुत कमी थी वे सुबह से शाम तक काम करतीं रहती थी और उनके इस काम का कोई हिसाब नहीं रहता है। आज माॅ बम्बर बैनी तेजस्वनी ग्रामीण महिला संध मे 2800 सदस्य है जिनके द्वारा थेाड़ा थोड़ा करके पच्चीस लाख छब्बीस हजार आठ सौ रू. उनकी खुद की कमाई है जो उन्ही के काम आएगी। इस मौके पर उपस्थित कार्यकृम की अध्यक्षता कर रहीं भाजपा महिला मोर्चा की जिलाअध्यक्ष श्रीमती उपमा त्रिपाठी ने भी महिला सदस्यों को संबोधित किया। इस कार्यकृम मे भाजपा मण्डल अध्यक्ष श्री दलपत राजपूत, श्री राकेष रिछारिया, वेद प्रकाष चतुर्वेदी, बीरेन्द्र सर्राफ, बाबूराम सिंह परिहार, बहादुर गिरी गोस्वामी, अनिरूद्ध सिंह, रामआसरे पाल, राजाबेटा पटैल, परियोजना समन्वयक मनोज नायक, बीरेन्द्र जी, तथा जनपद सी.ई.ओ. श्री मिश्रा जी, एस.डी.ओ.पी. श्री दण्डोतिया जी, तहसीलदार यू.सी. मेहरा सहित छतरपुर से आई महिला सदस्य व कर्मचारी उपस्थित थीं।

उच्च शिक्षा मे पिछड़ा वर्ग आरक्षण के उपर तीन दिवसीय सेमीनार का समापन

मातेश्वरी जन कल्याण समिति छतरपुर के तत््वाधान मे उच्च शिक्षा मे पिछड़ा वर्ग के आरक्षण संबंध नितियों के प्रभाव पर सेमीनार का सफल समापन डाइट नौगाॅव मे किया गया । इस कार्यक्रम के अन्तिम दिन श्री जय प्रकाश त्रिवेदी लखनउ द्वारा कार्यक्रम की शुरूआत की गई । दीप प्रज्जोलन के साथ डाइट व्याख्याता श्री आर.के.वर्मा ने उच्चत्तम न्यायालय के महात्वपूर्ण निर्णय जैसे- इंद्रिरा साहिनी वनाम राज सरकार अशोक ठाकुर वनाम राजसरकार आदि का विस्तुत वर्णन किया एवं कहा कि आरक्षण की नितियां समय समय पर पुनरीक्षित की जानी चाहिये, क्योंकि परिस्थितियों के परिवर्तन के साथ यदि नितियों मे परिवर्तन नही किया जाता है तो आपेक्षित वर्ग को उसका लाभ नही मिल सकता है । इसी संदर्भ मे व्याख्याता डाॅ. प्रकाश चैरसिया एवं डाॅ पाठक ने वहस के क्रम को आगे बढाते हुये कहा कि - पिछड़े वर्ग के वह परिवार जिन्है आरक्षण का लाभ मिल चुका है एवं उनकी सामाजिक , आर्थिक एवं शेक्षणिक परिस्थितियाॅ विकसित हो चुकी है । उन्है आरक्षण के दायरे से बाहर करके सामान्य वर्ग मे शामिल कर देना चाहिये तथा निति निर्माताओं को प्रत्येक निश्चित समय मे आरक्षण संबंधी सर्वेक्षण करना चाहिये तथा मूल्यांकन करके प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाना चाहिये । कार्यक्रम के अगले सत्र मे प्रतिभागियों द्वारा प्रशिक्षिकों एवं संसाधन व्यक्तियों के सामने उनकी संस्तुतियां एवं प्रश्न रखें गये इसके अंतर्गत श्री सुरेन्द्र दीक्षित ने कहा कि क्या आरक्षण समान्यता के मौलिक अधिकारी के विरूद्व नही है ? इसी क्रम मे श्री निश श्रीवास्तव ने अपने बात रखते हुये कहा कि आरक्षण का लाभ लाभार्थियों को न मिल पाने का कारण उनके अंतर निति संबंधी जागरूकता की कमी है । श्रीमती विनीता प्रजापति ने अपनी बात रखते हुये कहा कि आरक्षण जैसे महात्वपूर्ण मुद्दों पर इस प्रकार के कार्यक्रम जन जागरूकता के लिये आवश्यक है । श्रीमती मंजू व्यास ने कहा कि - मंचासीन संदर्भ व्यक्तियों से कहा कि आरक्षण पिछड़ें वर्ग को जो समाज की मुख्य धारा से पूरी तरह से कटे हुये है अवश्य रूप से मिलना चाहिये । लेकिन यह नही हो पा रहा है जिसका कारण कुछ राजनैतिक स्वार्थ से जुडे़ व्यक्तियों की प्रतिवधिता की कमी दर्शाता है । जो  कि अपने वर्ग का विकास नही चाहते है ताकि उनका राजनैतिक जीवन सुचारिता से कटता रहेै । श्री अभिलाष निगम ने कहा कि - उच्च शिक्षण संस्थान जैसे आई.आई.टी. , आई.आई.एम. , एम्स आदि संस्थानो मे पिछड़े वर्ग की उतनी सहभागिता नही हो पायी है जितनी आपेक्षित थी , उनका कहना है कि पर्याप्त संख्या मे इस वगर््ा के बच्चें प्राईमरी स्तर पर ही स्कूल से वाहर हो जाते है या फिर उनका नामांकन ही नही हो पाता है । अतः सर्वाधित प्रसास इस वर्ग के बच्चों की माध्यमिक शिक्षा को पूरा करने मे किया जाना चाहिये । कार्यक्रम के अंत मे श्री त्रिवेदी जी ने समस्त विचारों का दस्तावेजीकरण करके एक प्रतिवेदन के रूप मे सेमीनार के प्रयासों को नीतिगत परिवर्तन के लिये संकलित किया तत्पश्चात कार्यशाला का समापन किया गया । साथ मे यह भी कहा कि मातेश्वरी जन कल्याण समिति छतरपुर द्वारा समय समय पर ऐसे मुद्दों पर गोष्टियों का संचालन होता रहेगा । अंत मे समिति के सचिव तेज प्रताप सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया ।

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