अखिलेश राज में मासूमों के लिए इन्साफ सुनी नहीं जाती, तुष्टिकरण के बाद समय नहीं है खाली !!!
मां के अपहर्ताओं को अभी तक गिरफ्तार न किए जाने पर मासूम बच्चों ने गुरुवार को विधान भवन के सामने आमरण अनशन जारी रखा। बच्चों का कहना है कि जब तक उनकी मां की बरामदगी और दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा तब तक वह आमरण अनशन जारी रखेंगे। अनशन पर बैठे बच्चों ने न्याय दिलाये जाने के लिये प्रदेश सरकार से गुहार लगायी है। बलिया जिले के रसड़ा थानान्तर्गत डेहरी गांव के निवासी गीता देवी पत्नी राणा प्रताप को निकट के अस्पताल से बीते 31 अगस्त 2009 को उसी गांव के ही दीपक सिंह पुत्र सुरेन्द्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर अपहरण कर लिया।
राजधानी आये हुये बच्चों राजनन्दिनी 16 वर्ष, रागिनी 12 वर्ष, राज प्रताप 8 वर्ष, शुभम प्रताप 6 वर्ष पुत्र राणा प्रताप सिंह का कहना है कि इस मामले की प्राथमिकी रसड़ा थाने में 27 नवम्बर 2009 को दर्ज करायी लेकिन इस सन्दर्भ में पुलिस ने अभी तक कार्रवाई नहीं की है।
बच्चों ने बताया कि पिता राणा प्रताप सिंह को जिला सत्र न्यायालय में सजा हो चुकी है। वह जमानत पर रिहा है और जमानत खत्म होने पर कभी भी जेल जा सकते हैं। इस हालत में वे कहां रहेंगे कहां जायंेगे और अपना भरण पोषण कैसे करेंगे। नम आंखों से बच्चों ने प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री से मां को बरामद किये जाने और मामले की उच्चस्तरीय जांच कराये जाने की गुहार लगायी है।

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