संयुक्त राष्ट्र ने शुक्रवार को जारी एक रपट में कहा है कि वर्ष 2028 के आसपास भारत आबादी के मामले में चीन को पीछे छोड़ देगा। 'विश्व की आबादी की संभावना : 2012 पुनरीक्षण' शीर्षक वाली रपट में अनुमान जाहिर किया गया है कि वर्ष 2050 तक दुनिया की आबादी 9.6 अरब को छू लेगी। जनसंख्या में वृद्धि विकासशील देशों, खास तौर से अफ्रीका में होगी।
दिल्ली स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है, "दुनिया की वर्तमान आबादी 7.2 अरब है। अनुमान है कि अगले 12 वर्षो में आबादी करीब एक अरब बढ़कर 8.1 अरब हो जाएगी और 2050 तक विश्व की आबादी 9.6 अरब हो जाएगी।" अब से लेकर 2050 तक जनसंख्या में चौतरफा वृद्धि उच्च प्रजनन वाले देशों, मुख्य रूप से अफ्रीका के साथ-साथ बड़ी आबादी वाले देशों जैसे भारत, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, फिलीपींस और अमेरिका में संभावित है।
भारत की आबादी में कुछ दशकों तक वृद्धि जारी रहेगी और यह 1.6 अरब तक पहुंचेगी और उसके बाद इसमें मामूली गिरावट आएगी और वर्ष 2100 तक देश की आबादी 1.5 अरब हो जाएगी। दूसरी तरफ चीन की आबादी में 2030 के बाद गिरावट शुरू हो जाएगी और 2100 तक यहां की आबादी 1.1 अरब होगी।
संयुक्त राष्ट्र के अवर प्रधान महासचिव (आर्थिक एवं सामाजिक मामले) वू होंगबो ने कहा, "यद्यपि पूरी दुनिया की आबादी की वृद्धि दर मंद है, फिर भी रपट से यह रेखांकित होता है कि कुछ विकासशील देश खास तौर से अफ्रीका में अभी भी तीव्र वृद्धि जारी है।"

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