राजनैतिक दलों की अनदेखी के चलते चौरसिया समाज की महापंचायत १६ को भोपाल में
नीमच। म.प्र. में चौरसिया समाज एवं घटक दलों की संख्या लगभग ४५ से ५० लाख है। चौरसिया समाज एवं घटक दलों की इतनी बड़ी संख्या होने क बाद भी म.प्र. के प्रमुख दल भाजपा एवं कांग्रेस द्वारा लगातार कई वर्षों से अनदेखी एवं उपेक्षा की जा रही है। इन दलों द्वारा समाज का शोषण किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी एवं कांग्रेस द्वारा अभी नई प्रदेश कार्यकारिणी एवं जिला कार्यकारिणी में समाज को कोई स्थान नहीं दिया गया। उक्त बात चौरसिया समाज के म.प्र. अध्यक्ष कृष्णकांत चौरसिया ने नीमच प्रवास के दौरान प्रेस नोट में कही, साथ ही कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री द्वारा समाज के विभिन्न सम्मेलन जो भोपाल में आयोजित कार्यक्रमों में, जिसमें १० हजार चौरसिया बंधु उपस्थित थे। उनमें प्रमुख घोषणाएं जो उनके द्वारा की गई। चौरसिया समाज की पान पंचायत, म.प्र. शासन में समाज के व्यक्ति को प्रतिनिधित्व पान की खेती को कृषि का दर्जा एवं भाजपा से जुड़े राजनैतिक व्यक्तियों को चौरसिया बाहुल्य विधानसभा क्षेत्र से टिकिट एवं भोपाल में समाज को ११ हजार वर्ग पुâट का भुखण्ड आदि। माननीय मुख्यमंत्री द्वारा विगत १० वर्षों से यह घोषणा की जा चुकी है, परन्तु आज तक शासन द्वारा इन घोषणाओं पर अमल नहीं किया गया, जिससे चौरसिया समाज में रोष व्याप्त है। पूर्व में म.प्र. विधानसभा में चौरसिया समाज के ५ विधायक हुआ करते थे, परन्तु आज समाज की अनदेखी के कारण स्थिति नगण्य है। ये दल समाज को टिकिट देकर मुख्यधारा में लायें। समाज दोनों दलों की उपेक्षा का शिकार है। पान की खेती आज बर्बाद हो रही है। पान की खेती का व्यापार चौपट हो रहा है, चूंकि शासन द्वारा पान की खेती को कृषि का दर्जा नहीं दिया गया, इसके बाद गुटखे का प्रचलन हो गया, परन्तु शासन द्वारा गुटखे पर प्रतिबंध तो लगाया गया परन्तु गुटखा माफिया को संरक्षण देकर प्रदेश में धड़ल्ले से हर मोहल्ले और गलियों में गुटखा खुलेआम बेचा जा रहा है। ये लोग लोग की अवैध कमाई का जरिया बन गया है, क्योंकि शासन उदासीन है। ऐसे में चौरसिया समाज द्वारा निर्णय लिया गया है कि १६ जून, रविवार को चौरसिया समाज की महापंचायत कर इसमें लगभग ५० हजार समाज के लोग एकत्रित होकर समाज के स्वाभिमान की रक्षा के लिए एक राजनैतिक दल की तलाश करेंगे।

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