गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के राजनीतिक कद को बढ़ाए जाने के बाद बिहार में सतारूढ़ गठबंधन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल युनाइटेड (जदयु) के बीच बढ़ी तल्खी से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में टूट तय माना जा रहा है। इस बीच जदयु ने अपने विधायकों की बैठक रविवार को दोपहर में बुलाई है। समझा जाता है कि इसके बाद गठबंधन टूटने का औपचारिक एलान कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंत्रिमंडल की बैठक भी बुलाई है। जदयु की एक नेता की मानें तो राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव के शनिवार की रात पटना पहुंचते ही राजनीति और तेज हो गई है। शरद ने पटना पहुंचते ही मुख्यमंत्री से लंबी मंत्रणा की थी। सूत्रों की मानें तो भाजपा के मंत्रियों की मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल होने की उम्मीद बहुत कम है।
उल्लेखनीय है कि 243 सदस्यों वाले बिहार विधानसभा में जदयु के कुल 118 विधायक हैं, जबकि भाजपा के 91 विधायक हैं, कांग्रेस के चार, माकपा के एक और छह निर्दलीय हैं। जदयु का दावा है कि चार निर्दलीय विधायकों के समर्थन से वह विधानसभा में जरूरी विश्वास मत हासिल कर लेगी। बिहार विधानसभा में जादुई आंकड़ा 122 है। गौरतलब है कि भाजपा के गोवा अधिवेशन में मोदी के चुनाव प्रचार समिति का प्रमुख बनाने की घोषणा के बाद दोनों दलों में तल्खी बढ़ने लगी थी।

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