ग्रैंडमास्टर और पूर्व वर्ल्ड जूनियर चैंपियन अभिजीत गुप्ता ने 11वें और आखिरी राउंड में हमवतन भारतीय खिलाड़ी जी. आकाश के साथ बाजी ड्रॉ खेलकर कॉमनवेल्थ चेस चैंपियनशिप का टाइटल जीता।
अभिजीत ने शुरू से ही शानदार प्रदर्शन किया और संभावित 11 में से नौ पॉइंट्स बनाए। चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने के लिए उनका टाईब्रेक स्कोर भी बेस्ट था। वह उक्रेन के टॉप सीड सर्जेई फेडोरचक और हॉलैंड के सर्जेई तिवियाकोव के साथ टॉप पर थे, जिसके बाद टाईब्रेक स्कोर से विजेता की घोषणा की गई। अभिजीत ने कॉमनवेल्थ ही नहीं बल्कि ओवरऑल खिताब भी जीता।
ओपन कैटिगरी में भारत ने क्लीन स्वीप किया। इसमें अभिजीत को गोल्ड, ग्रैंडमास्टर दिव्येंदु बरूआ को सिल्वर और ग्रैंडमास्टर एमआर ललित बाबू को ब्रॉन्ज मेडल मिला। महिलाओं में ग्रैंडमास्टर सौम्या स्वामिनाथन ने सिल्वर मेडल और नैशनल विमिन चैंपियन मैरी एन गोम्स ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। गोल्ड मेडल इंग्लैंड की इंटरनैशनल मास्टर जोवान्का होसाक ने जीता। भारतीयों ने जूनियर कैटिगरी में भी क्लीन स्वीप किया।
जी. आकाश ने गोल्ड, सहज ग्रोवर ने सिल्वर और राकेश कुलकर्णी ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। कुलकर्णी ने इसके साथ साउथ अफ्रीकी ओपन ब्लिट्ज चैंपियनशिप भी जीती।द्धअभिजीत ने शुरू से ही अच्छा प्रदर्शन कर लगातार छह बाजियां जीती। उन्होंने इस बीच हमवतन ललित बाबू को भी हराया। इसके बाद उन्होंने फेडोरचक, तिवियाकोव और बरूआ के साथ बाजियां ड्रॉ खेली और फिर सहज ग्रोवर को हराकर लीड हासिल की। आखिरी राउंड में आकाश के साथ ड्रॉ खेलकर उन्होंने पहली बार कॉमनवेल्थ टाइटल जीता। यह चैंपियनशिप दो कैटिगरी में आयोजित की गई थी और इसमें 29 देशों के 800 खिलाडि़यों ने भाग लिया था। इसकी मेन कैटिगरी में आठ ग्रैंडमास्टर समेत 271 खिलाडि़यों ने हिस्सा लिया था। साउथ अफ्रीका के प्रेजिडेंट जैकब जुमा ने पुरस्कार वितरित किए, जिस दौरान रूस के पूर्व वर्ल्ड चैंपियन गैरी कास्पारोव भी मौजूद थे।
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