इसके साथ ही मरे 77 सालों में यह कारनामा करने वाले पहले ब्रिटिश खिलाड़ी बन गए हैं। विंबलडन में 1936 के बाद से किसी ब्रिटिश खिलाड़ी ने सिंगल्स खिताब नहीं जीता है। इससे पहले फ्रेड पैरी यहां जीतने वाले आखिरी ब्रिटिश खिलाड़ी थे। पैरी ने यहां तीन बार खिताब जीता था।
सेंटर कोर्ट पर खेले गए फाइनल मुकाबले में मरे ने पहले सेट में दो बार सर्विस ब्रेक की और एक घंटे में सेट को अपने नाम किया। जोकोविक ने जल्द ही वापसी की और दूसरे सेट में 4-1 की बढ़त ले ली, लेकिन दर्शकों के जबरदस्त समर्थन के बीच मरे ने दो बार सर्बियाई खिलाड़ी की सर्विस ब्रेक करते हुए दूसरा सेट भी अपने नाम कर लिया। तीसरे सेट के पहले गेम में मरे अपनी सर्विस गंवा बैठे। इसके बाद जोकोविक ने मरे की सर्विस ब्रेक करते हुए 4-2 की बढ़त बनाई, लेकिन मरे ने जोरदार खेल दिखाते अगले चारों गेम जीत ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इससे पहले मरे पिछले साल भी फाइनल में पहुंचे थे, जहां उन्हें फेडरर के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।

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