सीबीआइ कोर्ट में गवाही दर्ज
रांची : पूर्व मंत्री हरिनारायण राय से संबंधित आय से अधिक संपति मामले में शुक्रवार को श्रद्धानंद सोरेन ने गवाही दी। गवाही सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश आरके चौधरी की अदालत में दर्ज की गई। इसी कोर्ट में मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) घोटाला में जयंत सिन्हा की भी गवाही हुई।1मानसिक स्वास्थ्य कानून लागू करने को पीआइएल1रांची : राज्य में मानसिक स्वास्थ्य कानून लागू करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका परवेज आलम की ओर से दायर की गई है।
दुष्कर्म के अभियुक्त को सात साल की सजा
रांची : 13 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने के दोषी अभियुक्त सिल्ली निवासी पंकज कुमार को अदालत ने सात वर्ष की सजा सुनाई। वहीं पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया। सजा एवं जुर्माना शुक्रवार को महिला फास्ट ट्रैक कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सीमा सिन्हा की अदालत ने सुनाई। अदालत ने आरोपी को पूर्व में दोषी ठहराया था। मामले में लोक अभियोजक एके मिश्र ने अभियोजन की ओर से सात लोगों की गवाही दर्ज करवाई। 9 सितंबर 2011 को घटी घटना को लेकर 10 सितंबर 2011 को पीड़िता की बयान पर सिल्ली पीएस कांड संख्या 141/11 के तहत प्राथमिकी दर्ज किया गया था।
आठ हफ्ते में पेंशन भुगतान का आदेश
रांची : न्यायमूर्ति डीएन पटेल की बेंच ने उपेंद्र नाथ गोराई की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी पुनरीक्षित पेंशन का भुगतान आठ हफ्ते में करने का आदेश दिया है। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने 2012 में ही पुनरीक्षित पेंशन की राशि के भुगतान का आदेश दिया था।
फर्जी मुठभेड़ के आरोपों की हो निष्पक्ष जांच
रांची : ग्लैडसन डुंगडुंग ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि 21 मार्च 2013 को गुमला जिले के रायडीह-बांसडीह मार्ग पर नक्सली मुठभेड़ में कथित नक्सली नवीन साहु के मारे जाने का पुलिस ने दावा किया था। प्रार्थी के अनुसार यह मुठभेड़ हुई ही नहीं थी। पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाया गया है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। साथ ही मुठभेड़ के लिए दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की गई है।
चयन बोर्ड के अध्यक्ष और डीजीपी को नोटिस
रांची : न्यायमूर्ति डीएन पटेल की बेंच ने फातिमा कुजूर की अवमानना याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए राज्य के डीजीपी और पुलिस चयन बोर्ड के अध्यक्ष को नोटिस जारी किया है। फातिमा कुजूर ने पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। उनके अनुसार वे नियुक्त होने की सारी अर्हता पूरा करती थीं। इसके बाद भी उनकी नियुक्ति नहीं की गई। इसलिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। अदालत ने भी राज्य सरकार को इनकी नियुक्ति करने का आदेश दिया था। आदेश के बाद भी नियुक्ति नहीं होने के बाद प्रार्थी की ओर से अवमानना वाद दायर किया गया। इस पर भी समय पर जवाब दायर नहीं किए जाने पर अदालत ने नाराजगी जाहिर करते हुए नोटिस जारी किया है और अगली सुनवाई तक जवाब दायर करने का निर्देश दिया है।
---अमित झा---
रांची

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