छात्रों के हित को देखते हुए फैसला वापस ले आईबीपीएस नहीं तो होगा उग्र आंदोलन
आईबीपीएस द्वारा बैंकिग प्रवेश परीक्षा के नियमों में हुए बदलाव का एआईएसएफ की बिहार राज्य परिषद ने विरोध करते हुए इस फैसले को छात्र विरोधी करार दिया है। संगठन के राज्य सचिव विश्वजीत कुमार ने आज यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि आईबीपीएस द्वारा आयोजित होने वाले बैंकिग प्रवेश परीक्षा के लिए अधिकतम उम्र की सीमा 30 वर्ष से घटाकर 28 वर्ष कर दिया गया हैं। साथ ही फार्म भरने के लिए भी आवश्क अंक 55 प्रतिशत से बढ़ा कर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। आईबीपीएस का यह फैसला छात्र विरोधी हैं। इसके चलते कम ही छात्रों को बैंकिग सेवा की परीक्षा में शामिल होने मौका मिल पायेगा।
उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी सुरसा की तरह मुंह बाय खड़ी है। छात्र-नौजवानों को रोजगार के लिए दर-दर की ठोकरे खानी पड़ रही हैं इस हालत में आईबीपीएस के द्वारा लिया गया यह फैसला करोड़ो बेरोजगार छात्र-नौजवानों को धोखा देना ही है। इस फैसले से छात्रों को रोजगार के कम अवसर प्राप्त होगें। वहीं पिछड़े व कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए यह फैसला काफी नुकसानदेह होगा जिसे संगठन बर्दास्त नहीं करेगा। श्री कुमार ने आईबीपीएस के चेयरमैन के. आर. कामाथ से मांग की है कि इस फैसले को आईबीपीएस छात्र-नौवजवों के हितों को देखते हुए वापस ले अन्यथा संगठन इसके खिलाफ आंदोलन करेगा । वहीं राज्य सचिव ने केन्द्र सरकार एवं प्रधानमंत्री से भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए आईबीपीएस के द्वारा लिये गये इस फैसलो को वापस लेने की मांग की है।

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