सीबीआई की एक विशेष अदालत ने आज यहां राजस्थान के पूर्व गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया और तीन अन्य को अग्रिम जमानत दे दी जिनका नाम सोहराबुद्दीन शेख फर्जी मुठभेड़ मामले में आरोपपत्र में है। कटारिया के साथ आर के मार्बल के निदेशक विमल पाटनी, आंध्र प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी एन बालासुब्रमण्यम और पुलिस निरीक्षक श्रीनिवास राव को 50,000 रुपये के मुचलके पर अग्रिम जमानत दे दी गयी।
सीबीआई ने कटारिया तथा अन्य तीनों के खिलाफ 14 मई को आरोपपत्र दाखिल किया था जिसके बाद उन्होंने अग्रिम जमानत की गुहार लगाई थी। सोहराबुद्दीन शेख और उसकी पत्नी कौसर बी को गुजरात के आतंकवाद निरोधी दस्ते ने कथित तौर पर हैदराबाद से उठाया था और नवंबर 2005 में गांधीनगर के पास एक फर्जी मुठभेड़ में उन्हें मार दिया था। मुठभेड़ के अहम गवाह तुलसीराम प्रजापति को पुलिस ने कथित तौर पर दिसंबर, 2006 में बनासकांठा जिले के चापरी गांव में मार दिया था।
सीबीआई के आरोपपत्र के मुताबिक शेख ने जबरन वसूली के तौर पर पाटनी से 24 करोड़ रुपये मांगे थे और इसलिए उसे मार दिया गया। सीबीआई ने पहले कहा था कि शेख अपने जबरन वसूली के गिरोह का विस्तार राजस्थान में करना चाहता था और अपना सिक्का जमाने के लिए उसने रुपयों की मांग की थी।

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