प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता वाली एक समिति ने मंगलवार को विनिर्माण क्षेत्र और खासकर इस्पात, कपड़ा, नागरिक विमान, बिजली और हाइब्रिड परिवहन उत्पादन में तेजी लाने का फैसला किया। साथ ही प्रधानमंत्री ने विनिर्माण क्षेत्र की बाधाएं दूर करने की अपील की। विनिर्माण क्षेत्र पर एक उच्चस्तरीय समिति की बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में विनिर्माण क्षेत्र के विकास में आ रही बाधाएं दूर की जानी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा, "प्राय: हमारा उत्पादन मूल्य श्रंखला में सबसे नीचे होता है। हमारे निर्यात में कच्चा माल और प्राथमिक वस्तु शामिल रहता है और हमारा आयात विनिर्मित वस्तुओं से भरा होता है।" उन्होंने कहा, "हमें अपनी ताकत का पूरा लाभ उठाते हुए इन बाधाओं को हटाकर इस स्थिति को सुधारने की जरूरत है।" इस्पात और कपड़ा उत्पादन में तेजी लाने के लिए प्रधानमंत्री ने संबंधित मंत्रालयों को कार्य योजना लेकर सामने आने के लिए कहा।
उन्होंने कहा, "इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड परिवहन, नागरिक विमानों के उत्पादन और उन्नत सामग्रियों पर मैं मानता हूं कि हमें भविष्य के लिए काम करना चाहिए, चाहे भले ही इसमें समय लगे और चाहे भले ही यह रास्ता अनिश्चितता से भरा हो।" उन्होंने कहा कि वाहन, वाहन कल-पुर्जे, औषधि, धातु और सीमेंट में भारत ने पिछले दो दशकों में बेहतरीन काम किया है।
उन्होंने कहा, "लेकिन हम पारंपरिक उद्योगों और उभरते क्षेत्रों दोनों ही में अपनी ताकत का उतना लाभ नहीं ले सके हैं, जितना ले सकते थे। हम इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार क्षेत्र में विनिर्माण क्षमता हासिल नहीं कर सके।" सिंह ने कहा कि आठ से नौ फीसदी विकास दर हासिल करने के लिए विनिर्माण क्षेत्र में तेजी लाना जरूरी है। सिंह ने कहा, "विनिर्माण क्षेत्र और विनिर्माण क्षेत्र अकेले उन सभी को जीविका के बेहतर अवसर दे सकता है, जिन्हें इसकी जरूरत है।"

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