रुपये की कमजोरी को थामने के लिए आरबीआई कदम उठा रहा है। लेकिन, रुपये में ज्यादा रिकवरी नजर नहीं आ रही है। रुपये में भारी उतार-चढ़ाव दिख रहा है।
आरबीआई के पूर्व गवर्नर, बिमल जालान का कहना है कि पिछले 3 महीनों से रुपये को लेकर जो अनिश्चितता बनी हुई थी, उस पर आरबीआई ने सही और कड़े कदम उठाए हैं। लेकिन, इस कदमों का असर दिखने में वक्त लगेगा।
बिमल जालान के मुताबिक पहले के मुकाबले हालात बदल गए हैं। लेकिन, कुछ दिनों में रुपये में स्थिरता लौटने की उम्मीद है। निवेशकों का रुपये पर भरोसा लौटना जरूरी है।
कई जानकारों का कहना है कि मौजूदा समय में डॉलर का सही भाव 70 रुपये है। इस पर बिमल जालान का कहना है कि रियल एक्सचेंज रेट को पता करना मुश्किल है।
बिमल जालान के मुताबिक आगे रुपये की चाल कैसी रहेगी ये कहना मुश्किल है। करंट अकाउंट घाटे में कमी और विदेशी निवेश पर निर्भरता कम होने से रुपये रुपये की गिरावट पर रोक लगेगी। रुपये में स्थिरता लौटने पर आरबीआई ये कदम वापस ले सकता है। रुपये में स्थिरता और निवेशकों में भरोसा लौटने से ग्रोथ को सहारा मिलेगा।
आरबीआई ने मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (एमएसएफ) और बैंक बढ़ाकर रेट 10.25 फीसदी किया है। इसके पहले आरबीआई ने बैंकों के करेंसी फ्यूचर्स और फॉरेक्स ऑप्शंस में प्रोपराइटरी ट्रेडिंग पर रोक लगाई थी। इसके अलावा 18 जुलाई को 12000 करोड़ रुपये के सरकारी बॉन्ड भी बेचे जाएंगे। बॉन्ड बेचने से बाजार से लिक्विडिटी कम हो जाएगी, जिससे रुपये को मजबूती मिलेगी।

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