18 जुलाई से शुरू होगा 48 धंटे का भूख हड़ताल
- एआईएसएफ का राजभवन मार्च, आईबीपीएस परीक्षा पद्धति में हुए फेरबदल पर शाम में वितमंत्री से बात करेंगे राज्यपाल, वितमंत्री को सौंपेंगे छात्रों का ज्ञापन,
पटना, 16 जुलाई। आज आईबीपीएस प्रवेश परीक्षा के नियमों में हुए बदलाव के खिलाफ आॅल इण्डिया स्टूडेन्ट्स फेडरेशन के बैनर तले छात्रों ने राजभवन मार्च किया। मार्च के दरम्यान आक्रोशित छात्रांे ने चार पुलिस बैरिकेट तोड़ बेली रोड़ स्थित हड़ताली मोड़ पहुंचे। छात्रांे को रोकने के लिए डाकबंगला, कोतवाली, इनकम टैक्स, बैरिंगरोड क्रासिंग पर पुलिस बैरिकेट लगाया गया था। जिसे आक्रोशित छात्रों ने तोडते हुए हड़ताली मोड पहुंच गये। हड़ताली मोड पर स्थित आयरन गेट को पुलिस ने बंद कर रखा था। जिसे आक्रोशित छात्रों ने जोर-जोर से हिलाते हुए रोषपूर्ण प्रदर्शन किया। छात्रांे के उग्र तेवर को देखते हुए जिला नियंत्रण कक्ष के दंडाधिकारी कृष्णानंद द्विवेदी के साथ पांच सदस्यीय एआईएसएफ के प्रतिनिधि मंडल को राजभवन भेजा गया।
प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत में राज्यपाल डी. वाई. पाटिल ने कहा कि छात्रों के साथ मेरी सहानुभूति हैं। जिस मसले को छात्रों का प्रतिनिधिमंडल उठा रहा हैं वह काफी गंभीर हैं। राज्य के छात्रों के साथ नाइंसाफी नहीं हो इसके लिए आज ही छात्रों का पत्र केन्द्रीय वित मंत्री पी. चिदंबरम को भेज दिया जायेगा। राज्यपाल ने छात्रों के द्वारा उठाये जा रहे तीनों सवालों क्रमशः स्नातक में 60 प्रतिशत एग्रीगेट की बाध्यता खत्म करने, उम्र सीमा में हुए संशोधन को रद्द कर 30 वर्ष करने, आवेदन पत्रों की शुल्कवृद्धि की वापसी करने से वितमंत्री से अवगत कराने का भरोसा दिलाते हुए आज शाम में वितमंत्री से बात करने का आश्वासन दिया। लगभग 20 मिनट तक हुई बातचीत में राज्यपाल ने आगामी 26-27 जुलाई को दिल्ली जाने पर इस मसले पर वित मंत्री से मिलकर छात्र हित में कदम उठाने की बात कही। प्रतिनिधि मंडल ने वित मंत्री के नाम से प्रेषित पत्र राज्यपाल को सौंपा। प्रतिनिधि मंडल में एआईएसएफ के राज्य सचिवमंडल सदस्य सुशील कुमार, दुर्गेश कुमार, विवके कुमार, विजया सौरभ एवं राजेश कुमार शामिल थे।
हड़ताली चैराहे पर हुई सभा में संगठन के राज्य सचिव विश्वजीत कुमार ने कहा कि छात्रांे का आंदोलन जारी रहेगा 48 धंटे के भीतर अगर मांगों पर कार्रवाइ की खबर नहीं आती हैं तो 18 जुलाई से छात्रों का 48 धंटे का भूख हड़ताल शहीद भगत सिंह चैक, गांधी मैदान पर शुरू होगा। वहीं सभा की अध्यक्षता करते हुए कार्यकारी जिला सचिव आकाश गौरव ने आज एबीभीपी के गंुड़ो द्वारा छात्रों के साथ दुव्यवहार, गाली-गलौज एवं विश्वासधात की निंदा करते हुए कहा कि छात्र समुदाय के बीच इससे उक्त छात्र संगठन का असली चेहरा सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि जब राजभवन मार्च का ऐलान एआईएसएफ ने किया था तो उसी दिन एवं उसी समय दूसरे छात्र संगठन द्वारा राजभवन मार्च का अचानक हड़बडी दिखाना क्या साबित करता हैं। इससे पूर्व छात्रों का विशाल जुलूस राजेन्द्र नगर पुल के उतरी छोर से एआईएसएफ एवं आईबीपीएस प्रतियोगिता परीक्षार्थी संघ के बैनर तले निकला। दिनकर गोलंबर के पास खड़े एबीभीपी के कार्यकर्ताओं ने जुलूस के आगे अपना बैनर, पोस्टर लगा दिया। जुलूस नाला रोड़, बाकरगंज होते हुए शहीद भगत सिंह चैक की तरफ बढ़ना था लेकिन उक्त संगठन के लोगों ने जबरन मौर्या होटल की तरफ मोड़ दिया। जिससे छात्रों का जुलूस का एक टुकड़ा भगत सिंह चैक की तरफ मुड़ा वहीं दुसरा जत्था मौर्या होटल की ओर मुड़ा। शहीद भगत सिंह चैक से एआईएसएफ एवं आईबीपीएस प्रतियोगिता परीक्षार्थी संध के बैनर तले छात्रों का विशाल जुलूस पुनः राजभवन की ओर मार्च करते हुए फे्रजर रोड, रेडिया स्टेशन, डाकबंगला, बेली रोड, हाईकोर्ट होते हुए हड़ताली मोड़ पहुंचा।
वहीं जब प्रतिनिधि मंडल मिलने के लिए राजभवन से बुलावा आया तो उक्त छात्र संगठन ने पांच फर्जी एआईएसएफ के प्रतिनिधियों को खड़ाकर राजभवन दस सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ले गया। जिसे राजभवन के गेट के बाहर रोक दिया गया। जब एआईएसएफ प्रतिनिधि राज्यपाल से मिलने पहुंचे तो इसकी सूचना मिली। हांलांकि राजभवन में उपस्थित अधिकारियों ने भी उक्त छात्र संगठन की कार्रवाई को निंदनीय बताते हुए कहा कि उन्हें मात्र एआईएसएफ के प्रदर्शन की सूचना थी और फर्जी तरीके से दूसरे संगठन के लोग राजभवन में घुस गये। वहीं बोरिंग रोड, पटना विश्वविद्यालय, मखनिया कुंआ, भिखनापहाड़ी से अलग-अलग जत्थे बनाकर आये बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं जुलूस में शामिल हुए। प्रदर्शन में जिला सचिव पीयूष रंजन झा, बीडी काॅलेज छात्र संघ अध्यक्ष अभिषेक आनंद, उपाध्यक्ष अखिल गौरव, महेश कुमार, राज्य पार्षद मो. दानिश, सुशील उमाराज, हरेराम, अभिषेक दूबे, रूपेश, विक्की, राहुल, जनमेजय, आरती, नितेश, अमित, अजय, जयनारायण, राकेश, पवन, विकास, पूजा सहित सैकड़ो छात्र शामिल थे।

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