उत्तराखंड की विस्तृत खबर (16 जुलाई ) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 16 जुलाई 2013

उत्तराखंड की विस्तृत खबर (16 जुलाई )

नहीं बंट सके चैक, आज से मिल पाएगी सहायता राशी

देहरादून, 16 जुलाई, । सोमवार को सरकार द्वारा की गई घोषणा के बावजूद भी सरकार मंगलवार को लापता लोगों को आर्थिक सहायता के चैक नहीं बांट पाई। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने एनजीओ की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अब लापता लोगों के परिजनों को चैक वितरण का काम बुधवार से शुरू हो पाएगा। एक सवाल के जवाब में मुख्यंत्री ने कहा कि इस बावत कुछ औपचारिकताएं पूरी होनी शेष हैं, जिन सरकारी कर्मचारियों को यह आर्थिक सहायता के चैक दिए जाने हैं, उनके बारे में अभी कागजात पूरे करने संबंधी औपचारिकताएं शेष हैं, जिन्हें आज पूरा कर लिया जाएगा तथा बुधवार से लापता लोगों को आर्थिक सहायता के चैक वितरित किए जा सकेंगे। इस आपदा में 57 राज्य कर्मचारी भी मारे गए हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री द्वारा आपदाकाल में काम करने वाले विभिन्न एनजीओ की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें एनजीओ संचालकों से उनके द्वारा किए गए बचाव और राहत कार्यों के बारे में जानकारियां ली गई। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा कि एनजीओ के कामों की समीक्षा की जाएगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी पाई गई तो उनके खिलाफ कार्यवाही भी होगी। 

वैदिक मंत्रोच्चारण से गूंज उठी हर की पैड़ी

देहरादून, 16 जुलाई,। विश्व विख्यात हर की पैड़ी धर्म नगरी हरिद्वार में मंगलवार को दिनभर वैदिक मंत्रोच्चारण से गूंजामान रही। मौका था पिछले जून माह राज्य में आई भीषण आपदा में मारे गए हजारों लोगों की आत्मा की शांति के लिए कार्यक्रम का आयोजन। पूरे विधि विधान से आपदा में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए बदरीकेदार मंदिर समिति और गंगा सभा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पूरा कार्यक्रम साधु-संतो की उपस्थिति में 15 विद्वान पुरोहितों ने पूरा कराया। कार्यक्रम के तहत पुरोहितों ने गायत्री मंत्र, ओम नमो भगवते वासुदेवा मंत्र का जाप, विष्णु सहस्त्रानाम का पाठ सहित शांति पाठ और हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। मृतकों का पूरे विधि-विधान से सामूहिक तौर पर पिंड दान और तर्पण भी किया गया।  इस दौरान गढ़वाल सांसद सतपाल महाराज, केंद्रीय मंत्री हरीश रावत तथा पर्यटन मंत्राी अमृता रावत सहित नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट व उक्रांद नेता काशी सिंह ऐरी आदि भी उपस्थित रहे। 

मौसम का साथ मिला तो 15 दिन बाद तैयार हो जाएगा पैदल मार्ग

देहरादून, 16 जुलाई, । उत्तराखण्ड में आई जलप्रलय के एक माह बाद आज भी वहां के हालात जस के तस बने हुए हैं। हवाई मार्ग ही राहत का एकमात्र विकल्प अभी तक बड़ा सहारा बना हुआ है। जुलाई माह में बरसात का महीना होने के चलते मौसम भी लगातार बेरूखी दिखाने पर अड़ा हुआ है। इससे रेस्क्यू टीम को भारी दिक्कतों से जुझना पड़ रहा है। वहीं केदारघाटी तक पहुंचने के लिए पैदल मार्ग बनाने की कवायद तेजी पर है। यदि मौसम ने साथ दिया तो अगले 15 दिनों तक गौरीकुण्ड से केदारनाथ तक के लिए पैदल सड़क बना ली जाएगी। कृषि मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि पीडब्ल्यूडी के करीब ढाई सौ कर्मचारी, जुनियर इंजिनीयर सहित पुलिस प्रशासनिक अमला गौरीकुण्ड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग बनाने पर जुटा हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का पहला उद्देश्य जल्द से जल्द पैदल मार्ग खोलने की है और इसके लिए सरकारी मशीनरी की मशक्कत तेज हो रखी है। उध्र केदारनाथ मंदिर के आसपास आज भी एक माह पहले वाले हालात बने हुए हैं। मंदिर परिसर के आसपास भारी पत्थरों का ढेर और मलबा बिखरा पड़ा है। आपदा के बाद चले बचाव अभियान में वहां पफंसे तीर्थ यात्रियों को निकाल लिया गया था। मंदिर के आसपास चहल पहल बिल्कुल थम चुकी है। पसरा सन्नाटा गाहे-बगाहे वहां पहुंचे मात्रा कुछ लोगों के पहुंचने पर टूट रहा है। केदारनाथ मंदिर परिसर पर भी बोल्डर-मलबा बिखरा पड़ा है। सड़क मार्ग खुलने पर जेसीबी व भारी मशीनों को वहां पहुंचाया जाएगा। जिससे मंदिर परिसर के आसपास का मलबा हटाया जा सकेगा। 

अभिलेखों में कूट रचना करने का आरोप 

देहरादून, 16 जुलाई, । विभागीय धन गबन करने के उद्देश्य से पावर कारपोरेशन के अधिकारी पर अभिलेखों में कूट रचना करने का आरोप लगाया गया है, वहीं यह भी आरोप है कि इससे विभाग को आर्थिक रूप से क्षति भी पहुंची है। कारपोरेशन के अधिकारी की ओर से मिली तहरीर के आधार पर कैंट पुलिस ने तत्कालिक अधिशासी अभियंता विकास शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। कैंट इंस्पेक्टर विनोद कुमार जेठा ने बताया कि यमुना कालोनी स्थित ऊर्जा विभाग के अधिशासी अभियंता रविन्द्र कुमार की ओर से मुकदमा दर्ज कराते हुए तहरीर में उन्होंने कहा कि सन 2005-07 तक तत्कालिक अधिशासी अभियंता विकास शर्मा के कार्यकाल में विभाग द्वारा एक हवेली खरीदी गई थी। आरोप कि विकास शर्मा द्वारा कंपनी को पफायदा पहुंचाने के उद्देश्य से विभाग द्वारा हवेली की कीमत का जो पैसा दिया गया, उसकी प्रोसेस गलत तरीके से अभिलेखों में दर्ज की गई। रविन्द्र कुमार के आरोप कि तत्कालिक अधिशासी अभियंता द्वारा संघ की निजी संपत्ति तथा विभाग की धनराशि गबन करने के उद्देश्य से विभागीय अभिलेखों में कूट रचना की, जिससे विभाग को भारी आर्थिक क्षति पहुंची। उपरोक्त मामला प्रकाश में आने पर विभाग की ओर से जांच बैठाई गई। जिसमें अभिलेखों में कूट रचना किए जाने की पुष्टि हुई। कैंट पुलिस ने तहकीकात शुरू कर दी है। 

खण्डूडी ने की आपदा प्रभावितों से मुलाकात

देहरादून, 16 जुलाई, । पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चन्द्र खण्डूड़ी ने अपने चार दिन के आपदा प्रभावित क्षेत्रों के भ्रमण पर मंगलवार सुबह गुप्तकाशी में  आपदा प्रभावित लोगों एवं स्थानीय जनता से मिले तथा उनकी समस्यायें सुनी एवं सरकार द्वारा दी जा रही राहत आदि के विषय में जानकारी ली। उसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में आई जल प्रलय में मारे गये लोगों को गुप्तकाशी में श्रद्धांजली दी। इस मौके पर उनके साथ प्रदेश भाजपा महामंत्री श्री ज्ञान सिंह नेगी, भाजपा के चमोली जिले के जिलाध्यक्ष विनोद कपरवाण, जिला महामंत्री सेमवाल एवं अन्य भाजपा के कार्यकर्ता व स्थानीय जनता ने भी जल प्रलय में मारे गये लोगों के लिये प्रार्थना की एवं श्रद्धांजली अर्पित की। पूर्व मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार से यह अनुरोध किया है कि इस समय आपदा प्रभावित जनपदों में आपदा से प्रभावित परिवारों का घर दुकान रोजगार सबकुछ उजड़ चुका है तथा उनकी कमाई का भी कोई जरिया नहीं है। ऐसे समय पर आपदा प्रभावित जिलों में केन्द्र सरकार के खाद्य सुरक्षा विधेयक मंे दी गई खाद्यान्नों की दरों पर ही आपदा प्रभावित जिलों में खाद्यान्न उपलब्ध कराना जाना चाहिए। उन्होनें इस बात पर भी आश्चर्य एवं विरोध जताया कि मीडिया में आ रही रिर्पाेट के अनुसार प्रदेश में आई आपदा की इस घड़ी में भी केन्द्र की यू0पी0ए0 सरकार द्वारा आपदा प्रभावितों के लिये अतिरिक्त खाद्यान्न रियायती दरों या मुफ्त में देने की जगह इकनोमिक कास्ट देने की बात कर रही है। 

डीबीएस अनिश्चितकालीन के लिए बंद

देहरादून, 16 जुलाई, । राजधानी के डीएवी और डीवीएस कालेज के छात्रों का मैरिट के आधार पर एडमिशन तथा सीटे बढाए जाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। डीबीएस कालेज के कुछ छात्र मंगलवार को अपनी मांगलों को लेकर कालेज परिसर की छत पर चढ़ गए और घण्टों तक हंगामा किया। सहयोगी छात्रों द्वारा इन छात्रों को किसी तरह से समझाकर छत से उतारा गया, लेकिन छात्रों के विरोध के कारण कालेज प्रशासन ने डीबीएस कालेज को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया। मंगलवार सुबह जैसे ही कालेज खुला छात्र नेताओं ने अपनी मंागों को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। इन छात्रों की मांग है कि मैरिट के आधार पर एडमिशन की व्यवस्था समाप्त की जानी चाहिए तथा राज्य के छात्रों को मैरिट में 10 प्रतिशत की छूट मिलनी चाहिए। वहीं इन छात्रों द्वारा कालेज में सीटों को बढ़ाने की मांग भी की है। छात्रों का कहना है कि अगर राज्यों के कालेजों में राज्यों के छात्रों को ही एडमिशन नहीं मिलेगा तो वह कहंा जाएंगे, उधर कालेज प्रशासन का कहना है कि कालेज में छात्र संख्या के बारे में निर्धारण विश्वविद्यालय द्वारा किया जाता है किसी भी कालेज द्वारा विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित सीटों से अधिक छात्रों को एडमिशन नहीं दिया जा सकता। इन मुद्दों को लेकर सोमवार को भी डीएवी और डीबीएस में छात्रों ने जमकर हंगामा किया था और कालेज में तालाबंदी कर दी थी। छात्रों का हंगामा मंगलवार को भी जारी रहा। डीएवी में छात्रों ने जहां प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन और तालाबंदी की, वहीं डीबीएस में हंगामे के कारण कालेज को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया है। 

आम आदमी का खून पी रही यूपीए सरकार सपा

देहरादून, 16 जुलाई, । बीते दिनों केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल के दामों में वृद्धि के खिलाफ समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आज केंद्र सकरार के खिलाफ शहर में पद्रर्शन करते हुए केंद्र सरकार का पुतला फूंका और पेट्रोल के दाम वापस लेने की मांग की। इससे पहले सता कार्यकर्ता मंगलवार दोपहर प्रदेश कार्यालय में एकत्र हुए जहां उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल के दामों की गई वृद्धि की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए केंद्र के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सपा कार्यकर्ताओं का कहना था कि एक ओर महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़कर रख दी है, तो वहीं आए दिन एक के बाद एक घोटाले हो रहे हैं। यूपीए सरकार के कार्यकाल में सैकड़ों घोटाले हो चुके हैं और सरकार ने दोषियों को बचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि घोटाले का पैसा यदि जनता में बांट दिया जाए तो देश का हर आदमी करोड़पति हो जाएगा, केंद्र सरकार आम आदमी का खून पीने में लगी है, एक माह में कई बार पेट्रोल के दामों में वृद्धि की जा चुकी है और यह वृद्धि लगातार जारी है, जिससे महंगाई से जनता काफी परेशान है। उन्होंने केंद्र से मांग की है कि वह पेट्रोल के दामों में की गई वृद्धि को वापस लें। 

हरबर्टपुर में नहीं बन पाया अंतर्राज्यीय बस अड््डा 

देहरादून, 16 जुलाई, । हरबर्टपुर में अंतर्राज्यीय बस अड्डे का निर्माण कार्य अधर में लटकता दिख रहा है। बस अड्डे के लिए परिवहन निगम को जमीन ट्रांसफर हुए साढ़े तीन वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। परिवहन निगम ने बस अड्डे का बोर्ड लगाकर छोड़ रहा है। नगरपंचायत हरबर्टपुर द्वारा अंतर्राज्यीय बस अड्डे के लिए रेशम विभाग की 18 बीघा भूमि उपलब्ध कराई गई है। नगरपंचायत बस अड््डे की इस भूमि को शहरी विकास विभाग के नाम ट्रांसफर करवाना चाहता था, लेकिन शासन ने यह भूमि परिवहन निगम के नाम ट्रांसफर कर दी। इसका शासनादेश भी जारी हो चुका है। रेशम विभाग को इसके बदले श्यामपुर में वन विभाग से जमीन उपलब्ध कराई गई है। परिवहन निगम के नाम बस अड्डे की भूमि को ट्रांसफर हुए तीन वर्ष बीतने को हैं, लेकिन अभी तक परिवहन निगम ने बस अड्डे का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया है। परिवहन निगम द्वारा बस अड््डे की इस भूमि का हल्का सा समतलीकरण किया गया व जिन स्थानों पर चहारदीवारी टूट रखी थी उसे ठीक कराया गया और फिर परिवहन निगम का बोर्ड लगाकर छोड़ दिया गया। हरबर्टपुर से पावंटा साहिब, नाहन, शिमला, धर्मशाला, चंडीगढ़, अंबाला, रोहतक, सहारनपुर, दिल्ली, चकराता, उत्तरकाशी, देहरादून आदि क्षेत्रों के लिए बसें निकलती हैं। यहां से निकलने वाली बसें कुछ समय हरबर्टपुर चैक पर रुकने के बाद जाती हैं। बस अड्डे का निर्माण कार्य अधर में लटकने से लोगों में रोष व्याप्त है। नगरपंचायत की योजना इस भूमि पर बस अड्डे के साथ-साथ 42 दुकानें, कम्युनिटी हाल और बस ड्राइवर व कंडक्टरों के रहने के लिए विश्राम गृह बनाने की थी, जिससे कि नगरपंचायत की आय बढ़ सके। लेकिन यह जमीन परिवहन विभाग को ट्रांसफर होने से नगरपंचायत खुश नहीं है। फिलहाल अंतर्राज्यीय बस अड्डे के निर्माण का मामला लटक गया है।  

भोगपुर गांव का वजूद खतरे में पड़ गया 

ऋषिकेश/देहरादून, 16 जुलाई,। गंगा में आए उफान से राजाजी राष्ट्रीय पार्क क्षेत्र स्थित गंगा भोगपुर गांव का वजूद खतरे में पड़ गया है। बारिश होने पर लोग रातभर जागकर काटने को मजबूर हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश से ऋषिकेश में गंगा पूरे उफान पर है। इससे यमकेश्वर प्रखंड के गंगा भोगपुर गांव में रहने वाले लोगों की नींद उड़ी हुई है। बीन नदी से करीब डेढ़ किमी आगे गंगा की धारा ने तटबंध को क्षतिग्रस्त कर दिया है। ऐसे में अगर गंगा में जलस्तर बढ़ता है तो गांव में बाढ़ की संभावना बढ़ जाएगी। पूर्व में प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष सत्यपाल सिंह पयाल ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ मौका मुआयना करके विभाग को वस्तु स्थिति से अवगत कराया था। सोमवार को यमकेश्वर ब्लॉक प्रमुख प्रशांत बड़ोनी ने संबंधित क्षेत्र में भ्रमण किया। ब्लॉक प्रमुख ने गंगो भोगपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने नदी से हुए कटाव के कारण ग्रामीणों को हुई क्षति का आकलन सिंचाई विभाग के अधिकारियों से करवाया। साथ ही गंगा भोगपुर में टूटे तटबंध व अन्य क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि कटाव के कारण गांव के लोगों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। इस दौरान ग्राम प्रधान सरिता भंडारी, पूरण चंद्र कुकरेती, प्यारेलाल रणाकोटी, संदीप कुमार, सोहन सिंह भंडारी सहित सिंचाई एवं वन विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। 

बनास गांव भी भूकटाव की जद में आया 

पौड़ी गढ़वाल/देहरादून, 16 जुलाई, । विकासखंड थलीसैंण के पैठाणी में दैवीय आपदा से मची तबाही के बाद अब बनास गांव भी भूकटाव की जद में आ गया है। गांव के नीचे से लगातार हो रहे भू-कटाव से ग्रामीण दहशत में हैं। एहतियात के तौर पर स्थानीय प्रशासन ने गांव के नीचे से हो रहे भूमि कटाव को देखते हुए तीन मकानों को खाली कर पंचायत भवन व अन्य स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है। बीते दिनों हुई भारी बारिश से पैठाणी व इससे सटे दर्जन भर गांवों में दैवीय आपदा ने काफी तबाही मचाही थी। कई आवासीय मकान भी खतरे की जद में आ गए। अब दुबारा से प्रकृति ने यहां के बिनास गांव में कहर बरपाना शुरु कर दिया है। बीते दिनों हुई भारी बारिश से गांव के नीचे का गदेरा ऊफान पर आ गया है जिससे यहां भू-कटाव शुरु होने से गांव के अस्तित्व को संकट पैदा हो गया है। फिलहाल गांव के नीचे से लगातार हो रहे कटाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तीन मकानों को खाली कर दिया है। जिसमें इन मकानों में रह रहे छह परिवारों में से चार को पंचायत भवन तथा दो परिवारों को अन्यत्र शिफ्ट कर दिया है। इसके अलावा पैठाणी-बडेथ मार्ग पर करीब पचास मीटर मोटर मार्ग भी गदेरे में समा गया है। काश्तकारी भूमि भी तबाही के कगार पर आ गई है।बारिश से ऊफनाए गदेरे से यदि भू-कटाव यू हीं जारी रहा तो पूरा गांव खतरे की जद में आ सकता है।

पहाड़ी क्षेत्रों के लिए आफत का सबब बन रही टिहरी डैम की झील 

देहरादून, 16 जुलाई, । टिहरी डैम की झील मैदानों के लिए राहत लेकर आई तो पहाड़ी क्षेत्रों के लिए आफत का सबब बन रही है। भारी बरसात के दौरान भागीरथी और भिलंगना का पानी अपने में समेटने वाली झील का जलस्तर बढऩे के बाद अब झील से सटे गांवों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। इन दिनों झील का जलस्तर 790 मीटर तक पहुंच गया है। टिहरी डैम की झील का जलस्तर बढऩे से दर्जनों गांवों को खतरा पैदा हो गया है। पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश के बाद भागीरथी और भिलंगना उफनने लगी थीं। दोनों नदियों से करीब 2500 क्यूसेक पानी झील में प्रतिदिन आ रहा था। अगर यह पानी सीधा छोड़ दिया जाता तो ऋषिकेश और हरिद्वार में भयानक बाढ़ आ सकती थी, लेकिन झील में पानी रुकने के कारण मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ नहीं आई। लेकिन अब झील का जलस्तर बढऩे के बाद झील से सटे गांवों में भूस्खलन का खतरा बन गया है। अगर बारिश लगातार होती रही तो कोई भी अनहोनी हो सकती है। झील से सटे 24 गांव को शासन ने चिन्हित भी किया था, लेकिन अभी तक इन गांवों के पुनर्वास की शुरुआत नहीं हो सकी है। इन गांवों में 20 हजार से ज्यादा की आबादी हर वक्त खतरे के साये में जी रही है। पुनर्वास निदेशालय को लोगों की जान की कोई परवाह नहीं है। गांवों में खतरे को देखते हुए सोमवार को शासन से एक उच्च स्तरीय समिति ने झील के आसपास के गांवों का दौरा किया। इस दौरान समिति के सदस्यों ने जलस्तर बढऩे से गांवों को होने वाली खतरे की रिपोर्ट बनाई। पुनर्वास निदेशालय के मुताबिक समिति अभी कई गांवों का दौरा करेगी।  पुनर्वास निदेशालय के अधिशासी अभियंता आरके तिवाड़ी ने आरएनएस को बताया कि  झील से जिन गांवों को खतरा है, उनके लिए सर्वे किया जा रहा है। खतरे की जद में आए गांवों को चिन्हित किया गया है। 

नही हो पा रही खाद्यान्न एवं रसोई गैस की आपूर्ति 

रुद्रप्रयाग/देहरादून, 16 जुलाई,। आपदा के चलते क्षतिग्रस्त हुए मोटर एवं पैदल मार्गाे के कारण दूरस्थ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न एवं रसोई गैस की आपूर्ति नहीं हो पा रही। ऐसे में प्रभावित ग्रामीणों के सामने दो जून की रोटी का भी संकट खड़ा हो गया है। यही नहीं, रसोई गैस न पहुंचने से लोगों के सामने चूल्हे का इंतजाम करना भी चुनौती बन गया है। 16-17 जून को मंदाकिनी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ ने रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाइवे को कई स्थानों पर ध्वस्त कर दिया। कई स्थानों पर तो हाइवे का नामोनिशान भी नहीं बचा। नतीजा, हाइवे पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप है। आपदा में केदारघाटी व काली गंगा घाटी के मोटर मार्ग व गांवों को जोडऩे वाले पैदल मार्ग भी खत्म हो गए। इसके चलते लोग गांव से बाहर तक नहीं निकल पा रहे हैं। साथ ही उनके सामने निवाले का भी संकट खड़ा हो गया है। मोटर एवं पैदल मार्ग बाधित होने से प्रभावित 74 गांवों में से मात्र 15 तक ही सरकारी खाद्यान्न पहुंच पाया, जबकि बाकी 59 गांवों के लोग जैसे-तैसे दिन गुजार रहे हैं। आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित गुप्तकाशी क्षेत्र के ल्वारा, लंबगौंडी, सल्या, तुलंगा, खेड़ा, भेलखुल, देवागण, ल्वानी, अंद्रवाड़ी, नमोली, देवली भणिग्राम, फलीफशालत, नागजगई आदि गांवों में बीते दो माह से रसोई गैस आपूर्ति ठप पड़ी है। रास्ते न होने से जंगलों से लकड़ी लाना भी मुश्किल है। जैसे-तैसे ले भी आएं तो भारी बरसात के चलते लकडिय़ां भीगी हुई हैं। रसोई गैस न होने से ग्रामीणों के साथ-साथ आपदा में लगे कर्मचारी एवं अधिकारियों के सम्मुख भी खाना बनाना चुनौती बन गया है। जिला पूर्ति अधिकारी जगदीश वर्मा ने आरएनएस को बताया कि रास्ते बंद होने के चलते खाद्यान्न पहुंचाने में समस्या आ रही है। कालीमठ क्षेत्र में ट्राली लगाई जा रही है। जिन क्षेत्रों में खाद्यान्न नहीं पहुंचा है, वहां शीघ्र राशन भेज दिया जाएगा।

गैस की रिफलिंग का धंधा जारों पर

देहरादून, 16 जुलाई, (मनोज इष्टवाल)। कस्बे के रुड़की-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर घरेलू गैस की कालाबाजारी कितने बड़े पैमाने पर हो रही है, यह किसी से छिपा नही। मगर यह बड़ा गौरखधंधा महज 6 इंच की एक ‘बंसुरी’ पर टिका हुआ है। चिंता की बात यह है कि रसोई गैस की अवैध रिफिलिंग को जिस ढंग से अंजाम दिया जाता है वो कभी भी किसी बड़े हादसे का सबब बन सकता है। यानी इस ‘खेल’ में जरा सी चुक हुई तो चारों और तबाही का मंजर दिखाई देगा। मगर अफसोस कि आमजन की सुरक्षा से बेपरवाह प्रशासन कार्यवाही के नाम पर महज खानापूर्ति ही करता नजर आता है जबकि प्रशासन की यह सुस्ती अवैध धंधेबाजों के हौंसले लगातार बुलंद कर रही है। रसोई गैस की कालाबाजारी ने न सिर्फ गैस की भारी किल्लत पैदा कर दी है, बल्कि अवैध तरीके से हो रही रिपफलिंग से आमजन की जिन्दगी भी खतरे में है। वजह है गैस रिफिलिंग का वह अवैाध व खतरनाक तरीका, जिसमे 6 इंच लम्बे लोहे के एक पाइप बांसुरी के जरिए बड़े सिलेंडरो से छोटे सिलेंडरो में गैस रिफिल की जाती है। छोटे सिलेंडर के नांब में इस बांसुरी को फंसाकर उसके उपर बड़ा सिलेंडर रखा जाता है। डिमांड के अनुरुप गैस भरने के बाद इसे तौलकर ग्र्राहक को बेच दिया जाता है। रिफिलिंग के इस खेल में रिस्क तो है लेकिन मुनाफा भी कम नही। यही वजय है कि कस्बे व आसपास क्षेत्र में दर्जनों अवैध रिफिलिंग सेंटर खुल गए है। अधिकतर राष्ट्रीय राजमार्ग, तंग गलियो व घरों मे चल रहे है। बर्तन भंडार, लाइट हाउस, चूल्हा रिपेयरिंग सेंटरो से लेकर परचून की दुकानों तक में इस खतरनाक खेल को अंजाम दिया जा रहा है जिसमें जरा सी चूक न जाने कितने लोगो की जिंदगी को खतरे में डाल सकती है। मगर इसके जरिये  32.10 रुपये प्रति किग्रा की दर से मिले वाली रसोई गैस को 85.90 प्रति किलो की दर से बेचा जा रहा है। यानी 420 रुपये के घरेलू सिलेंडर से पूरे 1150 रुपये बनाए जा रहे है इस पूरे खेल में गैस एजेंसियो के उन वैंडरो की भूमिका सबसे अहम है जो इन लोगो को ब्लैक में घरेलू गैस सिलेंडर मुहैया कराते है। सूत्रो की माने तो 420 रुपये का सिलेंडर इन अवैध धंधेबाजो को 700 से 750 रुपये  में आसानी से मिल जाता है जिसकी गैस रिफिलिंग के जरिए बेचकर ये लोग एक हजार रुपये से अधिक रकम बना लेते है। मगर आमजन की जिंदगी को खतरें में डाल अवैध ढंग से मोटा मुनाफा कमा चांदी काट रहे है। इन ध्ंाधेबाजो पर नकेल डालने में प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है।

एफआरआई में तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया

देहरादून, 16 जुलाई, । विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग व हैस्को के सम्मिलित प्रयासों से हिमालय व पर्वत क्षेत्रों के विभिन्न आयामों पर चर्चा करते हुए तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन एफआरआई में किया गया। राज्य में आई आपदा को मददेनजर रखते हुए इस कार्यशाला का उद्घाटन सरलता से संपन्न किया गया। यहां एफआरआई के सभागार में कार्यशाला के उददेश्यों पर प्रकाश डालते हुए हैस्को के संस्थापक डा. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि यह कार्यशाला हिमालय व पर्वत श्रेणियों के आर्थिक, सामाजिक व परिस्थितिक पर वैज्ञानिक व सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक सामूहिक पहल है। डा. जोशी ने टाइम, टैक्नोलॉजी इंटरनेशनल और माउन्टेन इरोसिस्टम के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गत दशक में इस कार्यक्रम ने हिमालयी क्षेत्रों के वैज्ञानिक व सामाजिक पहलुओं का गंभीर अध्ययन करते हुए सामाजिक उत्थान में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हिमालय में पानी, मिटटी, जंगल, रोजगार, खेती आदि टाईम का हिस्सा रहे है। उनका कहना है कि देश भर से आये वैज्ञानिकों से हिमालय के प्रति उनके योगदान की अपेक्षा की गई। इस दौरान डा. सुनील अग्रवाल ने कार्यक्रम की रूपरेखा व विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग की भागीदारी की विस्तृत चर्चा की। उनका कहना था कि विभाग हिमालय के प्रति संवेदनशील है और हिमालय के संरक्षण व आर्थिकी से जुडी योजनाओं के लिए समर्पित है। उन्होंने टाईम के विभिन्न कार्यव्रफमों की विस्तृत चर्चा की। इस दौरान विभाग की सलाहकार डाविनिता शर्मा ने कहा कि टाईम कार्यव्रफम आज गांव के व्यक्ति से जुडा है। यह जहां संसाधनों पर आधारित हिमालय में रोजगारों को जन्म देगा वहां ही बेहतर पर्यावरण के भी अवसर पैदा करेगा। यह कार्यक्रम जन केन्द्रित होगा और समाज के हर पहलू में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को समझने व बढाने के लिए संकल्पित होगा। उन्होंने देश से आये वैज्ञानिक व सामाजिक कार्यकर्ताओं का आहवान किया है कि वह हिमालय के संरक्षण में अपनी भूमिका के साथ हिमालय के विभिन्न मुददों पर काम करें। उनका कहना है कि हिमालय की रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य ही नहीं धर्म भी है क्योंकि हिमालय सदियों हम सब के जीवन का स्त्रोत है। कार्यक्रम में देश के 60 वैज्ञानिक व कार्यकर्ता भाग ले रहे है, तीन दिवसीय की इस कार्यशाला में हिमालय से संदर्भित वैज्ञानिक रणनीति तैयार होगी जो जन केन्द्रित होगी।

पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता कार्यालय के समक्ष कांग्रेसियों का प्रदर्शन

देहरादून, 16 जुलाई, । वार्ड 59 की समस्याओं को लेकर महानगर कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड के कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया और कहा कि यदि शीघ्र ही समस्याओं का निदान नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जायेगा। यहां कमेटी के कार्यकर्ता कचहरी स्थित पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड के कार्यालय पहंुचे और वहां पर उन्होंने प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वार्ड 59 बल्लूपुर गांधी नगर में आपदा से स्वीकृत राशि से नाली व सीसी सडक का निर्माण हो रहा है और विभाग व ठेकेदार द्वारा भाजपा के पार्षद के दवाब में घटिया निर्माण किया जा रहा है, लगभग 16 लाख के इस निर्माण कार्य में पुरानी ईंटों का ही इस्तेमाल हो रहा है और पूर्व में भी शासन में एस्टीमेट भिजवाया गया जो आज तक लंबित है। उनका कहना है कि कई बार पूछे जाने के बाद भी समस्याओं का समाधन नहीं हो पा रहा है। उनका कहना है कि सीसी मार्ग के साथ मोहन ठाकुर के घर से रोशन के घर तक सीसी मार्ग के अंदर एक पाईप डाला जायेगा लेकिन आज तक विभा इससे मुंह मोड रहा है जबकि बैठक में तय किया गया था की पाईप की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जायेगी लेकिन इसकी भी अनदेखी की जा रही है। ठीक नाली को तोड़कर सरकार का पैसा पीडब्ल्यूडी अधिकारी बर्बाद कर रहे है। उनका कहना है कि गांधी नगर में दिया गया पैसा आपदा का स्वीकृत हुआ है और शिलापटट व बोर्ड में नाम लिखा जाये। गांधी नगर में नाली तोडते समय कई घरों की दीवार व स्लैब तोडी गई लेकिन भाजपा पार्षद के द्वारा मना करने पर कई घरों की तोडी दीवार जो कि ठकेदार के मजदूरों द्वारा तोडी गई है वह अभी तक नहीं बनाई गयी है, इनका तत्काल निर्माण किया जाना चाहिए। जनता की परेशानी को देखते हुए वहां पर पाईप डालकर सीसी मार्ग का निर्माण किया जाये व जनता तथा सरकार के पैसे की बेकदरी न की जाये। वक्ताओं ने कहा कि स्ट्रीट चार वार्ड नंबर आठ में भी कार्य राज्य सरकार योजना के तहत हुआ है लेकिन शीलापटट में नाम भाजपा नेताओं का है। पूर्व में भी महानगर कमेटी द्वारा इस दिशा में अवगत कराया लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है और कमेटी इस प्रकार की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं करेगी और निर्माण कार्यों में भाजपा नेताओं का नाम लिखा जाता है इसके स्वीकार नहीं किया जायेगा। इस दौरान अधिशासी अभियंता ने उचित कार्यवाही करने का भरोसा दिया। इस दौरान दीप वोहरा, ममता गुरूंग, मोहन जोशी, संचित गुप्ता, हरजीत सिंह, मयूख नेगी, दीपा चैहान, बाला शर्मा, सुरेश सनवाल, अनुराध तिवारी, मोहित बिष्ट, तरूण पंुडीर आदि शामिल थे।

भाजपा पार्षदों ने की जिलाधिकारी से मुलाकात

देहरादून, 16 जुलाई, । जिलाधिकारी से मुलाकात करते हुए भाजपा पार्षदों ने कहा कि कई विभागों के अधिकारी पार्षदों द्वारा दी गई समस्याओं को महत्व नहीं दे रहे है और न ही उनके समाधान के लिए कोई कार्यवाही करते है, जिससे पार्षदों में रोष बना हुआ है और ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही किये जाने की जरूरत है। उनका कहना है कि अधिकारी जन प्रतिनिधियों का अपमान करने पर तुले हुए है। यहां भारतीय जनता पार्टी के पार्षद जिलाधिकारी कार्यालय पहंुचे और वहां पर उन्होंने जिलाधिकारी से भेंट करते हुए अपनी समस्याओं को रखा। इस दौरान पार्षदों ने कहा कि लोक निर्माण विभाग, पेयजल निगम, तहसील, विद्युत विभाग, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग सहित अन्य ऐसे विभाग है जहां पर क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता के साथ उठाया जाता है और यहां तक की लिखित रूप में भी शिकायत करने के बाद भी उनकी शिकायत पर अधिकारी किसी भी प्रकार का ध्यान नहीं दे रहे है और लगातार संपर्क करने के बाद भी अधिकारी तवज्जो नहीं दे रहे है। उनका कहना है कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ त्वरित कार्यवाही किये जाने की आवश्यकता है अन्यथा सड़कों पर उतरकर आंदोलन भी किया जायेगा। उनका कहना है कि इन विभागों के अधिकारियों के लिए सख्त निर्देश दिये जाने की जरूरत है, जिससे यह अपने दायित्व का सही ढंग से निर्वहन कर सके। उनका कहना है क दून शहर के अंतर्गत जितनी जिम्मेदारी विधयकों, मंत्रियों की होती है उसमें थोड़ी बहुत जिम्मेदारी नगर एवं संबंधित क्षेत्रों को व्यवस्थित करने की नगर के पार्षदों की जिम्मेदारी होेती है लेकिन कुछ विभागों द्वारा कई क्षेत्रों के पार्षदों को दरकिनार किया जा रहा है। उनका कहना है कि जन प्रतिनिधियों की बातों को ध्यान में रखते हुए व जनता के हितों को देखते हुए इन विभागों को जन प्रतिनिधियों द्वारा सुझाये गये विकास कार्यों को प्रमुखता से लेकर उनका समाधान कराये जाने की जरूरत है जिससे जनता को क्षेत्र में विकास कार्यों का लाभ मिल सके। इस दौरान जिलाधिकारी ने इस मामले को गंभीर से लेते हुए उचित कार्यवाही करने का भरोसा दिया। इस दौरान पार्षद भूपेन्द्र कठैत, नंदिनी शर्मा, दया जोशी, सतीश कश्यप, अरूण शर्मा, महिपाल धीमान, सरोज पंवार सहित अनेक पार्षद शामिल थे।





(मनोज इष्टवाल)

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