लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों का सीमा से तीन दिन पहले निराकरण करने के निर्देश
आम जनता को शासकीय सेवाओं का लाभ एक निश्चित समय सीमा में सुलभ कराने के लिए म.प्र. शासन द्वारा लोक सेवा गारंटी अधिनियम को लागू कर इसमें विभिन्न विभागों की 106 सेवाओं को शामिल किया गया है। विकासखंड स्तर पर खोले गये लोक सेवा केन्द्रों में इन सेवाओं के लिए आवेदन प्राप्त होने पर उसका निर्धारित समय सीमा में निराकरण किया जाना अनिवार्य है। समय सीमा में निराकरण नहीं करने पर दोषी अधिकारी पर 250 रु. प्रतिदिन की दर से जुर्माना लगाकर यह राशि समय पर सेवा नहीं मिलने से परेशान हुए आवेदक को प्रदान की जाती है। कलेक्टर श्री बी. चन्द्रशेखर ने लोक सेवा गारंटी की सेवाओं के लिए पदाभिहीत सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे आवेदन पत्र के निराकरण की समय सीमा से तीन दिन पहले आवेदनों का निराकरण करना सुनिश्चित करें। लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों के निराकरण के लिए अंतिम समय सीमा का इंतजार न करें।
केले की फसल ने किसान श्यामराज को बनाया मालामाल
बालाघाट जिले में वैसे तो परंपरागत रूप से धान की खेती की जाती है। लेकिन धान की खेती में लागत अधिक होने के कारण स्थिति ले दे के ढाक के तीन पात वाली ही रहती है। किसान धान के अलावा दूसरी नगदी फसलों की खेती करे तो उसके अच्छे परिणाम सामने आते है और किसान को मुनाफा भी होता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है ग्राम डूडवा के किसान श्यामराज भाजीपाल ने। अपनी सीमित खेती में धान के साथ केले की खेती कर श्यामराज ने दिखा दिया है कि नगदी फसल लगाने का मजा ही कुछ और होता है। किरनापुर विकासखंड के ग्राम डूडवा(कान्द्रीकला) के कृषक श्यामराज भाजीपाले के पास खेती के लिए 5 एक़ड़ जमीन है। इसमें से तीन एकड़ में वे केले की खेती करते है और दो एकड़ में धान की खेती करते है। पहले वे केले की खेती केवल शौकिया तौर पर करते थे। लेकिन जब उन्हें लगा कि केले की फसल में दम है तो उन्होंने उद्यान विभाग के अधिकारियों से सलाह लेकर उन्नत प्रजाति के केले की फसल लेना प्रारंभ किया है। पहली बार उन्होंने अपने तीन एकड़ खेत में केले की उन्नत किस्म टी.-9 के 1400 पौधे प्रति एकड़ की दर से लगाये है। वर्तमान में केले के प्रत्येक पौधे पर 30 से 40 किलोग्राम तक फल लगे हुए है। कलेक्टर श्री बी. चन्द्रशेखर ने 6 जुलाई को किरनापुर क्षेत्र के भ्रमण के दौरान श्यामराज के खेत में लगे केले की फसल को देखा तो वे भी खुश हुए। उन्होंने श्यामराज से कहा कि वे दूसरे किसानों को भी केले की फसल लगाने के लिए प्रोत्साहित करें। कृषक श्यामराज को इस वर्ष केले की फसल से 2 लाख रु. की आय होने का अनुमान है। उसने बताया कि उसके दो एकड़ की खेती में खरीफ के सीजन में 40 क्विंटल और रबी के सीजन में 60 क्विंटल धान की फसल प्राप्त हो जाती है। श्यामराज का कहना है कि किसान को केवल धान की खेती पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें धान के साथ उद्यानिकी फसलों व सब्जियों की खेती भी करना चाहिए। सहायक संचालक उद्यान श्री तोमर ने बताया कि बालाघाट जिले में वैनगंगा, बाघ एवं बावनथड़ी नदी के किनारे के ग्रामों में केले की फसल के लिए उपयुक्त स्थिति पाई जाती है। उद्यान विभाग द्वारा लांजी विकासखंड के ग्राम बापड़ी, मोहझरी, खैरलांजी विकासखंड के ग्राम मोवाड़ में केला की फसल का रोपण कराया गया है।
कलेक्टर ने की आई.ए.पी. योजना से मंजूर शाला भवनों के कार्यों की समीक्षा
कलेक्टर श्री बी. चन्द्रशेखर ने गत दिवस आई.ए.पी. योजना की राशि से मंजूर किये गये शाला भवनों एवं अतिरिक्त कक्षों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना समन्वयक श्री विनय रहांगडाले, सहायक यंत्री श्री भास्कर शिव एवं संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव मौजूद थे।
15 जुलाई तक कार्य पूर्ण नहीं होने पर सरपंच पर होगी कार्यवाही
आई.ए.पी. योजना की राशि से मंजूर किये गये शाला भवनों के कार्यों की कलेक्टर द्वारा ग्राम पंचायतवार समीक्षा की गई। इस दौरान उन्होंने बैहर विकासखंड की ग्राम पंचायत नव्ही, आगमहन एवं कंदई तथा बिरसा विकासखंड की ग्राम पंचायत मछुरदा एवं दड़ेकसा को तीन दिनों के भीतर कार्य का पूर्णता प्रमाण पत्र तथा फोटोग्राफ्स प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये। निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान पाया गया कि लांजी विकासखंड की ग्राम पंचायत खांडाफरी एवं किरनापुर विकासखंड की ग्राम पंचायत जामड़ीमेटा द्वारा कार्य पूर्ण नहीं किया गया है। इस पर कलेक्टर श्री चन्द्रशेखर ने इन दोनों पंचायतों के सरपंचों को निर्देशित किया है कि वे 15 जुलाई तक कार्य को पूर्ण कर लें। 15 जुलाई तक कार्य पूर्ण नहीं करने पर वहां के सरपंचों के विरूध्द धारा-40 की कार्यवाही कर पद से पृथक कर दिया जायेगा।
सचिव को कारण बताओ नोटिस
किरनापुर विकासखंड की ग्राम पंचायत कोसमारा को निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये गये। निर्माण कार्य में विलंब के लिए कोसमारा के सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करने कहा गया है क्यों न उसके विरूध्द पद से हटाने की कार्यवाही की जाये।
सरपंच सचिव से वसूली के लिए आर.आर.सी. जारी करने के निर्देश
बैठक में निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान पाया गया कि परसवाड़ा विकासखंड की ग्राम पंचायत बोदा एवं सरेखा में अब तक कार्य पूर्ण नहीं किया गया है और राशि का गबन कर लिया गया है। इस पर कलेक्टर श्री चन्द्रशेखर ने ग्राम पंचायत बोदा के पूर्व सचिव महेन्द्र वल्के, सरपंच मंशाराम उईके तथा ग्राम पंचायत सरेखा के पूर्व सचिव बालवंद ऐठकर व सरपंच श्रीमती सेवकली मर्सकोले के विरूध्द आर.आर.सी. जारी कर बकाया राशि शीघ्र वसूल करने के निर्देशा दिये गये। इसी प्रकार बिरसा जनपद की ग्राम पंचायत बाकल के पूर्व सचिव देवेन्द्र मानेश्वर एवं सरपंच श्रीमती बिन्दा बाई से निर्माण कार्य की बकाया वसूली करने के लिए उनके विरूध्द आर.आर.सी. जारी करने के निर्देश दिये गये है।
डाबरी पंचायत को 30 जुलाई तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश
बैठक में बताया गया कि बिरसा विकासखंड की ग्राम पंचायत डाबरी द्वारा निर्माण कार्य अब तक पूर्ण नहीं कराया गया है। इस पर कलेक्टर श्री चन्द्रशेखर ने वहां के सरपंच सचिव को 30 जुलाई 2013 तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये। 30 जुलाई तक कार्य पूर्ण नहीं होने पर बैहर के एस.डी.एम. को डाबरी के सरपंच के विरूध्द म.प्र. राज अधिनियम की धारा 40 के तहत कार्यवाही कर सरपंच को पद से पृथक करने तथा वहां के सचिव की सेवायें समाप्त करने के निर्देश दिये गये है।
बिरनपुर के सचिव पर हुई निलंबन की कार्यवाही
समग्र सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत पेंशन हितग्राहियों के खातों का सत्यापन का कार्य आनलाईन नहीं करने, कार्य पर उपस्थित नहीं होने तथा शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने पर जिला पंचायत के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री धनंजय मिश्रा ने लांजी जनपद की ग्राम पंचायत बिरनपुर के सचिव यशवंतराव भलावे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत कार्यालय लांजी रखा गया है। इसके साथ ही ग्राम पंचायत ओटेकसा के सचिव धेड़ूलाल लिल्हारे को ग्राम पंचायत बिरनपुर के सचिव का प्रभार सौंपा गया है।
म.प्र. राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष का दौरा कार्यक्रम
म.प्र. राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री इन्द्रेश गजभिये का आगामी 14 जुलाई को बालाघाट आगमन हो रहा है। श्री गजभिये 14 जुलाई को प्रात: 6 बजे छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस से गोंदिया पहुंचेंगें तथा वहां से प्रात: 7 बजे बालाघाट पहुंचेंगें। 14 जुलाई को प्रात: 10.30 बजे वे जनप्रतिनिधियों एवं निगम अधिकारियों से भेंट करेंगें तथा दोपहर एक बजे वे अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला सम्मेलन में शिरकत करेंगें। शाम 7 बजे वे बालाघाट से गोंदिया के लिए प्रस्थान करेंगें तथा वहां से छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस से 15 जुलाई को प्रात: 6 बजे भोपाल पहुंचेंगें।
गूंगे-बहरे बच्चों के उपचार के लिए मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना
ऐसे बच्चे जिनमें जन्म से अथवा जन्म के बाद श्रवण क्षमता नही होने के कारण वे सुनने एवं बोलने में असमर्थ होते है उनमे सुनने और बोलने की क्षमता का विकास करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना माह जून 2013 से लागू की गई है। इस योजना में उपचार के लिए 8 लाख रु. तक की सहायता देने का प्रावधान किया गया है। उप संचालक सामाजिक न्याय श्री धनंजय मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के अंतर्गत चिकित्सकीय परामर्श उपरांत सामान्य श्रवणबाधित से ग्रसित बच्चों को हियरिंग एड नि:शुल्क प्रदान किया जावेगा तथा शतप्रतिशत श्रवण बाधित से ग्रसित बच्चों को कॉकलियर इम्प्लांट कराने के साथ-साथ स्पीचथेरेपी का एक वर्ष तक का नि:शुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जायेगा। इस योजना में हियरिंग एड नि:शुल्क प्रदान किया जावेगा तथा कॉकलियर इम्प्लांट हेतु गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले तथा अनुसूचित जाति/जनजाति के श्रवणबाधित बच्चों हेतु अधिकतम राशि रू. 8 लाख अथवा वास्तविक व्यय जो भी कम हो एवं कॉकलियर इम्प्लांट पश्चात् स्पीच थेरेपी हेतु एक वर्ष तक नि:शुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जावेगा। श्री मिश्रा ने बताया कि इस योजना में म.प्र. के मूल निवासी, 01 से 05 वर्ष तक के बच्चे, चिकित्सक की सलाह पर 05 से 07 वर्ष के बच्चे तथा ऐसे बच्चे जो 18 वर्ष से कम आयु के हों एवं उनकी श्रवण शक्ति मस्तिष्क ज्वर के प्रभाव से समाप्त हो गई हो डॉक्टर की सलाह उपरांत/श्रवणबाधित बच्चों को लाभ दिया जायेगा। इसके लिए जिले के सभी 10 विकासखंडों में बच्चों के परीक्षण के लिये आगामी 23 जुलाई से शिविराें का आयोजन भी किया जा रहा है। जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से कहा गया है कि वे मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। जिससे अधिकतम पात्र हितग्राही योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। अधिक जानकारी के लिये जिला नि:शक्त पुनर्वास केन्द्र बालाघाट में दूरभाष क्रमांक : 07632 240177 पर फोन कर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
जिले में 350 मि.मी. वर्षा रिकार्ड, बैहर तहसील में सबसे अधिक 534 मि.मी. वर्षा
जिले में चालू वर्षा सत्र के दौरान एक जून से 11 जुलाई 2013 तक 350 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 205 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई थी। जिले की औसत सामान्य वर्षा 1447 मि.मी. है। चालू वर्षा सत्र में सबसे अधिक 534 मि.मी. वर्षा बैहर तहसील में तथा सबसे कम 40 मि.मी. वर्षा लांजी तहसील में रिकार्ड की गई है।

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