किसानों के लिए 5 रैक यूरिया एवं 3 रैक डी.ए.पी. की मांग
जिले में इन दिनों हो रही अच्छी वर्षा के कारण धान की रोपाई का कार्य गति पकड़ चुका है। खेत में पानी एकत्र होते ही किसानों ने धान का रोपा लगाना शुरू कर दिया है। धान की रोपाई के साथ ही उर्वरकों की मांग भी बढ़ने लगी है। इसी कड़ी में कृषि विभाग द्वारा जिले के किसानों के लिए 2500 मिट्रीक टन क्षमता की उर्वरक की 9 रैक की मांग की गई है। उप संचालक कृषि श्री बी.एल. बिलैया ने बताया कि चालू खरीफ सीजन में बालाघाट जिले के 2 लाख 83 हजार 700 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में खरीफ फसलों को लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें सबसे अधिक 2 लाख 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में जिले की मुख्य फसल धान लगाने का लक्ष्य रखा गया है। जिले में रोपा पध्दति से 2 लाख 5 हजार हेक्टेयर एवं बोआर पध्दति से 45 हजार हेक्टयर में धान फसल लगाने का लक्ष्य निर्धारित है। उप संचालक श्री बिलैया ने बताया कि चालू खरीफ सीजन 2013 के लिए जिले में यूरिया का 19 हजार, डी.ए.पी. का 13 हजार एवं 20:20:0:13 का 2450 मिट्रीक टन वितरण का लक्ष्य निर्धारित है। अब तक जिले में यूरिया का 5914, डी.ए.पी. का 7728 एवं 20:20:0:13 का 666 मिट्रीक टन भंडारण किया गया है। किसानों द्वारा सहकारी समितियों से उर्वरकों का उठाव किया जा रहा है। धान फसल के अनुकूल वर्षा होने के कारण किसानों द्वारा उर्वरकों का उठाव भी बढ़ गया है और मांग भी बढ़ गई है। जिले के किसानों के लिए शासन से यूरिया की 5 रैक, डी.ए.पी. की 3 रैक एवं 20:20:0:13 की एक रैक की शीघ्र आपूर्ति करने की मांग की गई है। प्रत्येक रैक में 2500 मिट्रीक टन उर्वरक की आपूर्ति की जाती है।
कौशल विकास प्रशिक्षण के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित
कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केन्द्र मुरझड़ फार्म वारासिवनी में प्रशिक्षण सत्र 2013-14 में कृषि संबंधी व्यवसायिक प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है। कक्षा पांचवी एवं आठवीं तक पढ़े युवकों से इस प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये है। मुरझड़ फार्म पर बीज उत्पादन में 180 घंटों का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इस प्रशिक्षण के लिए सभी वर्गों के लिए 80 तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 20 सीट निर्धारित है। इस प्रशिक्षण में आठवीं की योग्यता वाले युवक भाग ले सकते है। इसी प्रकार वर्मी कल्चरिंग एवं वर्मी कम्पोस्ंटिग में अनुसूचित जनजाति वर्ग के 40 युवाओं को 90 घंटों का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इस प्रशिक्षण के लिए पांचवी कक्षा की योग्यता वाले युवक शामिल हो सकते है।
उद्यानिकी विभाग की योजनाओं के लिये ऑन लाईन पंजीयन
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा क्रियान्वित की जा रही योजनाओं का लाभ लेने के लिये पंजीयन की कार्यवाही में पारदर्शिता के उद्देश्य से हितग्राहियों का ऑन लाईन पंजीयन वर्ष 2013-14 के लिये किया जा रहा है । सहायक संचालक उद्यान श्री तोमर ने बताया कि फल क्षेत्र विस्तार, सब्जी, मसाला, पुष्प क्षेत्र विस्तार, संरक्षित खेती, यंत्रीकरण, सूक्ष्म सिंचाई तथा वर्मी कम्पोस्ट, पैक हाउस, प्याज भण्डारण गृह आदि योजना में जिले के कृषक उद्यानिकी योजना का लाभ लेने स्थापित नागरिक सुविधा केन्द्र तथा एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क के माध्यम से पंजीयन करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि पंजीयन हेतु पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक खाते की पासबुक, पहचान पत्र, खसरा नकल या ऋण पुस्तिका दस्तावेज के रूप में आवश्यक हैं । पंजीयन के लिये पंजीयन शुल्क 30 रूपये होगा, जिसमें से हितग्राही द्वारा 10 रूपये एवं विभाग द्वारा 20 रूपये वहन किया जायेगा ।
आंगनवाड़ी कार्र्यकत्ता के लिए 25 जुलाई तक आवेदन पत्र आमंत्रित
एकीकृत बाल विकास परियोजना खैरलांजी के अंतर्गत ग्राम कचेखनी के केन्द्र क्रमांक-01 एवं पिपरिया के आंगनवाड़ी केन्द्र क्रमांक-02 में कार्र्यकत्ता के रिक्त पद की पूर्ति के लिए इच्छुक महिला उम्मीदवारों से आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये है। आवेदन पत्र आगामी 25 जुलाई 2013 तक कार्यालयीन समय में बाल विकास परियोजना कार्यालय खैरलांजी में प्रस्तुत किये जा सकते है। आवेदक महिला की आयु 01 जनवरी 2013 को 18 से 45 वर्ष के बीच होना चाहिए। आवेदक को संबंधित ग्राम की स्थाई निवासी होना चाहिए तथा आवेदक को 12 वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए।
आंगनवाड़ी सहायिका के लिए 22 जुलाई तक आवेदन पत्र आमंत्रित
एकीकृत बाल विकास परियोजना किरनापुर के अंतर्गत ग्राम कान्द्रीखुर्द के आंगनवाड़ी केन्द्र क्रमांक-02 में सहायिका के रिक्त पद की पूर्ति के लिए इच्छुक महिला उम्मीदवारों से आवेदन पत्र आमंत्रित किया गया है। आवेदन पत्र आगामी 22 जुलाई तक बाल विकास परियोजना कार्यालय किरनापुर में प्रस्तुत किया जा सकता है।
जिले में 514 मि.मी. वर्षा रिकार्ड
बैहर तहसील में सबसे अधिक 693 मि.मी. वर्षा
जिले में चालू वर्षा सत्र के दौरान एक जून से 15 जुलाई 2013 तक 514 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 240 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई थी। जिले की औसत सामान्य वर्षा 1447 मि.मी. है। चालू वर्षा सत्र में सबसे अधिक 693 मि.मी. वर्षा बैहर तहसील में तथा सबसे कम 223 मि.मी. वर्षा लांजी तहसील में रिकार्ड की गई है। 15 जुलाई को प्रात: 8 बजे समाप्त हुए 24 घंटों के दौरान जिले में औसतन 100 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बालाघाट तहसील में सबसे अधिक 175 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। अधिक वर्षा के कारण कुछ स्थानों पर सड़क सम्पर्क कटने की जानकारी प्राप्त हुई है। वैनगंगा नदी पर सिवनी जिले में बने भीमगढ़ बांध के पूर्ण रूप से भरे नहीं होने के कारण नदी में अभी पानी छोड़े जाने की संभावना नहीं है। भीमगढ़ बांध में 5 मीटर पानी और भरा जाना है।
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