बालाघाट (मध्यप्रदेश) की खबर ( 30 जुलाई ) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 30 जुलाई 2013

बालाघाट (मध्यप्रदेश) की खबर ( 30 जुलाई )

शिक्षण संस्थाओं के पास संचालित 32 पान ठेलों  को किया गया चिन्हित, कलेक्टर ने दिये सख्ती से हटाने  के निर्देश

कलेक्टर श्री बी. चन्द्रशेखर ने जिले में  स्थित शालाओं एवं शिक्षण संस्थाओं के समीप संचालित पानठेलों को हटाने के निर्देश दिये है। बालाघाट, वारासिवनी, बैहर, लांजी एवं कटंगी के एस.डी.एम. को  इस संबंध में दिये गये निर्देशों में कहा गया है कि शिक्षण संस्थाओं के आसपास पान बीड़ी, सिगरेट एवं नशा करने की अन्य सामग्री नहीं बिकना चाहिए। 29 जुलाई को टी.एल. बैठक में कलेक्टर द्वारा बालाघाट नगर में शिक्षण संस्थाओं के पास से हटायी गई पान दुकानों के बारे में जानकारी ली गई तो तहसीलदार श्री डेहरिया ने बताया कि बालाघाट नगर में शिक्षण संस्थाओं के समीप संचालित की जा रही 32 पानठेला दुकानों को चिन्हित कर लिया गया है। इन दुकानों को अब तक नहीं हटाये जाने पर कलेक्टर द्वारा नाराजगी जाहिर की गई और बालाघाट के एस.डी.एम. एवं तहसीलदार को निर्देशित किया कि वे इन दुकानों को सख्ती से हटाने की कार्यवाही करें। चिन्हित पानठेला दुकानों को एक निश्चित समय के भीतर हटाने के लिए नोटिस दें। नोटिस का पालन नहीं किये जाने पर उस दुकान को सीलबंद कर दें और दुकान के संचालक के विरूध्द धारा 107-16 की कार्यवाही कर जेल में बंद करा दें।

मुख्यमंत्री नि:शक्त विद्यार्थी शिक्षा प्रोत्साहन योजना, नि:शक्त बच्चों को मिलेगा लेपटाप एवं मोट्रेट ट्रायसिकल

समाज के नि:शक्त बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए  प्रोत्साहित करने के मकसद से म.प्र. शासन द्वारा मुख्यमंत्री  नि:शक्त विद्यार्थी शिक्षा प्रोत्साहन योजना प्रारंभ  की गई है। माह जून 2013 से प्रारंभ  की गई इस योजना में नि:शक्त बच्चों को उच्च कक्षाओं में प्रवेश लेने पर लेपटाप एवं मोट्रेट ट्रायसिकल प्रदान की जायेगी।उप संचालक सामाजिक न्याय श्री धनंजय  मिश्रा ने बताया कि नि:शक्त बच्चों को उच्च शिक्षा के प्रति  आकर्षित करने के लिए यह योजना लागू की गई है। दोनों  पैरों से चलने में अक्षम  विद्यार्थी की शैक्षणिक संस्था तक पहुंच सुगम बनाने तथा दृष्टिबाधित एवं श्रवण बाधित नि:शक्तों को इस योजना में सहायक उपकरण उपलब्ध कराये जायेंगें। इस योजना में मंदबुध्दि, दृष्टिबाधित, श्रवण बाधित तथा दोनों हाथ से अस्थि बाधित विद्यार्थी को प्रथम बार कक्षा 10 वीं में प्रवेश लेने पर तथा द्वितीय बार स्नातक कक्षा या पालीटेक्निक कक्षा में प्रवेश लेने पर लेपटाप प्रदाय किया जायेगा। इसी प्रकार दोनों पैरों से चलने में अक्षम अस्थि बाधित को प्रथम बार 10 वीं कक्षा में प्रवेश लेने पर तथा द्वितीय बार स्नातक या पालीटेक्निक कक्षा में प्रवेश लेने पर मोट्रेट ट्रायसिकल प्रदान की जायेगी। इस योजना  में उन्ही नि:शक्त विद्यार्थियों  को सहायता प्रदान की जायेगी जो म.प्र. के मूल निवासी हों। अस्थि बाधित छात्र ने पिछली कक्षा में 60 प्रतिशत  तथा अन्य श्रेणी के नि:शक्तजनों को पिछली कक्षा में 50 प्रतिशत अंक प्राप्त किया होना चाहिए। छात्र के माता-पिता की वार्षिक आय संयुक्त रूप से 96 हजार रु. से अधिक नहीं होना चाहिए। जिला शिक्षा अधिकारी, सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना समन्वयक  एवं जिले के सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्राचार्यों  से कहा गया है कि इस योजना में पात्रता रखने वाले नि:शक्त छात्र-छात्राओं को लेपटाप एवं मोट्रेट ट्रायसिकल दिलाने के प्रस्ताव प्रेषित करें। इसके लिए स्पर्श पोर्टल की वेवसाईट www.sprash.mp.gov.in पर आनलाईन आवेदन करना होगा। आवेदन पत्र में समग्र कोड एवं स्कूल का कोड अनिवार्य रूप से अंकित करना होगा।

सेवानिवृत्त 24 कर्मचारियों को किया गया  पी.पी.ओ का वितरण, चार कर्मचारियों  को एडवांस में मिला पी.पी.ओ.

विभिन्न विभागों  के 24 सेवानिवृत्त कर्मचारियों  के पेंशन प्रकरणों का निराकरण  कर गत दिवस कलेक्ट्रेट कार्यालय में इन कर्मचारियों को पी.पी.ओ. का वितरण किया गया। कलेक्टर श्री बी. चन्द्रशेखर द्वारा सेवा निवृत्त कर्मचारियों को पी.पी.ओ. का वितरण किया गया। चार कर्मचारियों को उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि 31 जुलाई 2013 के दो दिन पूर्व एडवांस में ही 29 जुलाई को पी.पी.ओ. प्रदाय किया गया। जिला पेंशन  अधिकारी श्री जे.एस. पटियाल ने इस संबंध में बताया  कि एम.एल.बी. स्कूल बालाघाट  की लेखापाल श्रीमती गीता पवार, खैरलांजी के प्रधान पाठक जयहरि मिश्रा, दमोह के प्रधान पाठक रामलाल लिल्हारे तथा  कन्या उ.मा. वि. कटंगी के शिक्षक गनीराम पटले को उनकी सेवानिवृत्ति से दो दिन पूर्व ही एडवांस में पी.पी.ओ. का वितरण किया गया है। पूर्व में  सेवानिवृत्त कर्मचारी पशु  चिकित्सा विभाग के संपतलाल  पंचेश्वर, स्वास्थ्य विभाग  की जयवंती उईके, पी.एच.ई. के गंगाराम  पटेल, हाई स्कूल सरेखा  के आत्माराम मस्करे, जत्ता स्कूल के सीताराम मातरे, लिंगा स्कूल के हरीशचन्द्र त्रिपाठी, भारी मशीनरी संभाग की रामबाई पडवार, वन विभाग के प्रभुदास मेश्राम, खैरलांजी स्कूल की प्रेमिला पटले, वारासिवनी तहसील कार्यालय की सुनीता फुलबांधे, स्वास्थ्य विभाग की सुरपत बाई, आमेली स्कूल के चितरंजन वासनिक, आदिवासी विकास परियोजना बैहर की बसंती ताराम, गढ़ी स्कूल की रूमन मरकाम, अमोली स्कूल के गुहालाल डहाटे, श्रीराम फुन्ने, मोवाला स्कूल के गुजोबा गेडाम, पुलिस विभाग की हीराबाई श्रीवास्तव तथा भारी मशीनरी संभाग के जयसिंह कुमरे को पी.पी.ओ. का वितरण किया गया है।

आंगनवाड़ी कार्र्यकत्ता एवं सहायिका की अनंतिम चयन सूची जारी

एकीकृत बाल  विकास परियोजना बालाघाट  शहरी द्वारा बालाघाट शहर  के दो आंगनवाड़ी केन्द्रों  में कार्र्यकत्ता एवं सहायिका  के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए चयनित महिला आवेदकों की वरियता क्रम के अनुसार अनंतिम चयन सूची जारी कर दी गई है। बालाघाट नगर के वार्ड क्रमांक-24 में आंगनवाड़ी केन्द्र क्रमांक-50 में कार्र्यकत्ता के लिए श्रीमती रीता गौतम को प्रथम, कुमारी रमा मडके को द्वितीय तथा श्रीमती तरूणा शर्मा को तृतीय वरियता प्रदान की गई है। इसी प्रकार वार्ड क्रमांक-32 में आंगनवाड़ी केन्द्र क्रमांक-67 में सहायिका के लिए कुमारी अलका येले को प्रथम, कुमारी नीतू येले को द्वितीय तथा श्रीमती अनिता उके को तृतीय वरियता प्रदान की गई है। इस चयन सूची पर यदि किसी व्यक्ति को आपत्ति हो तो वे आगामी 5 अगस्त 2013 तक कार्यालयीन समय में बाल विकास परियोजना कार्यालय बालाघाट शहरी में सप्रमाण दावे-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते है।

15 अगस्त को जिले में धूमधाम  से मनाया जायेगा स्वतंत्रता  दिवस

पूर्व वर्षों की तरह  इस वर्ष भी जिले में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह धूमधाम के साथ हर्षोल्लास से मनाया जायेगा। स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन की तैयारियों के लिए गत दिवस कलेक्टर श्री बी. चन्द्रशेखर की अध्यक्षता में अधिकारियों की बैठक का आयोजन किया गया था। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री सचिन अतुलकर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तरूण राठी भी मौजूद थे। बैठक में  निर्णय लिया गया कि सभी  शासकीय, अर्ध्दशासकीय तथा  अशासकीय संस्थाओं में प्रात: 7 से 8 बजे के बीच ध्वजारोहण  किया जायेगा। मुख्य समारोह पुलिस परेड ग्राउण्ड में  प्रात: 9 बजे से प्रारंभ होगा। बैठक व्यवस्था पूर्व वर्ष की भाँति रहेगी । शिक्षण संस्थाओं द्वारा नगर में प्रभात फेरी प्रात: 7-30 बजे से निकाली जायेगी, जो नगर के विभिन्न भागों से होती हुई मुख्य समारोह स्थल पुलिस परेड ग्राउण्ड पहुंचेगी। बैठक में बताया गया कि मुख्य समारोह स्थल पर सांस्कृति कार्यक्रम केवल 35 मिनट का होगा जिसमें केवल देशभक्ति के कार्यक्रम शामील होंगे । समारोह स्थल पर पेयजल, कुर्सियों की व्यवस्था नगर पालिका द्वारा की जायेगी। इसी प्रकार टैण्ट,विद्युत, साउण्ड, बेरीकेटिंग, बैठक व्यवस्था आदि के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दायित्व सौंपे गये । बैठक में  बताया गया कि प्लास्टिक  के तिरंगे झंडे का विक्रय प्रतिबंधित रहेगा। प्रभात फेरी में तिरंगे झंडे केवल कागज या कपड़े का उपयोग  किया जा सकेगा। प्रभात फेरी में प्राथमिक शालाओं के बच्चों को शामिल नहीं किया जायेगा।  स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सभी शासकीय भवनों पर 14 एवं 15 अगस्त की रात्री से रोशनी की जायेगी।

स्थानीय बोली में पढ़ाने के लिए  बैगा युवक-युवतियों, से संविदा शाला शिक्षक वर्ग-3 के लिए  आवेदन पत्र आमंत्रित
  • 5 अगस्त  तक प्रस्तुत किये जा सकते है आवेदन


एकीकृत आदिवासी  विकास परियोजना बैहर द्वारा बैगा बाहुल्य वाली प्राथमिक शालाओं में बच्चों को स्थानीय  बोली में शिक्षा देने के लिए  बैगा युवक-युवतियों की संविदा शाला शिक्षक वर्ग-03 के पद पर नियुक्ति की जा रही है।  इसके लिए बैगा युवाओं से अगामी 5 अगस्त 2013 तक आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये है। स्थानीय बोली में पढ़ाने के लिए अतिरिक्त संविदा शिक्षक वर्ग-03 के पद पर 15 बैगा युवक-युवतियों की नियुक्ति की जाना है। इसके अतिरिक्त आंगनवाड़ी शिक्षिका/नर्सरी शिक्षिका के 4 पदों पर बैगा जनजाति की महिलाओं की नियुक्ति की जाना है। संविदा शाला शिक्षक वर्ग-03 के पद पर चयनित आवेदकों को 5 हजार रु. प्रतिमाह का मानदेय दिया जायेगा। यह नियुक्ति माह जुलाई से अप्रैल तक 10 माह के लिए है। आवेदक की आयु 01 जनवरी 2013 को 18 वर्ष पूर्ण होना चाहिए। आवेदकों का चयन 12 वीं कक्षा के प्राप्ताकों के आधार पर किया जायेगा। विशेष पिछड़ी  जनजाति बैगा बाहुल्य क्षेत्र  में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों  में 03 से 06 वर्ष के बच्चों को उनकी ही बोली में उच्च स्तर की शाला पूर्व शिक्षा देने के लिए नर्सरी शिक्षिका को रखा जाना है। नर्सरी शिक्षिका को 12 माह के लिए नियुक्त किया जायेगा और उसे 2 हजार रु. का मानदेय दिया जायेगा। नर्सरी शिक्षिका के लिए आवेदक को 10 वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। बैगा जनजाति के युवक युवतियां इन पदों पर नियुक्ति के लिए आगामी 5 अगस्त 2013 तक एकीकृत आदिवासी विकास  परियोजना कार्यालय बैहर में आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। आवेदन पत्र के साथ पासपोर्ट आकार का एक फोटो भी लगाना होगा। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय बैहर से भी सम्पर्क किया जा सकता है। 

आंगनवाड़ी  कार्र्यकत्ता एवं सहायिका के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित

एकीकृत बाल  विकास परियोजना खैरलांजी के अंतर्गत ग्राम पुलपुट्टा  के आंगनवाड़ी केन्द्र में  सहायिका एवं ग्राम खैरी के आंगनवाड़ी केन्द्र में  कार्र्यकत्ता के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए इच्छुक महिला  उम्मीदवारों से आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये है। पुलपुट्टा केन्द्र में आंगनवाड़ी सहायिका के लिए आगामी 2 अगस्त तक तथा खैरी के केन्द्र में आंगनवाड़ी कार्र्यकत्ता के लिए 7 अगस्त 2013 तक आवेदन पत्र बाल विकास परियोजना कार्यालय खैरलांजी में प्रस्तुत किये जा सकते है।

लांजी परियोजना में आंगनवाड़ी कार्र्यकत्ता के लिए 12 अगस्त तक आवेदन  पत्र आमंत्रित

एकीकृत बाल  विकास परियोजना लांजी द्वारा चार आंगनवाड़ी केन्द्रों  में कार्र्यकत्ता के रिक्त  पदों की पूर्ति के लिए इच्छुक महिला उम्मीदवारों से आवेदन  पत्र आमंत्रित किये गये है। आवेदन पत्र आगामी 12 अगस्त 2013 तक प्रस्तुत किये जा सकते है। लांजी परियोजना के अंतर्गत ग्राम बोदादलखा, घंसा-कटंगी, सिंगोला एवं बड़गांव के आंगनवाड़ी केन्द्रों में कार्र्यकत्ता का पद रिक्त है। इन केन्द्रों में कार्र्यकत्ता के पद पर नियुक्ति की इच्छुक महिला की आयु 01 जनवरी 2013 को 18 से 45 वर्ष के बीच होना चाहिए। आवेदक महिला का नाम संबंधित ग्राम की बी.पी.एल. सूची में दर्ज होना चाहिए। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए बाल विकास परियोजना कार्यालय लांजी से सम्पर्क किया जा सकता है।

अल्पसंख्यक  प्री-मेट्रिक छात्रवृत्ति  के आवेदन संस्था में ही जमा करना होगा
  • पोस्ट मेट्रिक  छात्रवृत्ति के आवेदन आनलाईन भरे जायेंगें


अल्प संख्यक वर्ग के छात्र-छात्राओं को दी जाने वाली प्री-मेट्रिक  छात्रवृत्ति के आवेदन पत्र अध्ययनरत संस्था में ही जमा  करना होगा। छात्रवृत्ति के आवेदन संस्था के प्राचार्य के माध्यम से जमा कराना होगा। जिले की सभी  शिक्षण संस्थाओं के प्रमुखों से कहा गया है कि वे अल्पसंख्यक प्री-मेट्रिक छात्रवृत्ति  के आवेदन पत्र भरवाते समय  समस्त कालमों को पूर्ण  रूप से भरवायें तथा छात्र  की शैक्षणिक योग्यता का प्रमाण पत्र, छात्र के अभिभावक द्वारा प्रस्तुत आय एवं जाति प्रमाण पत्र के शपथ पत्र, छात्र के स्वयं के बैंक एकाउंट का नम्बर एवं संस्था के बैंक एकाउंट का नम्बर आवश्यक रूप से भरवाने कहा गया है। समस्त संस्था प्रमुखों से कहा गया है कि प्री-मेट्रिक छात्रवृत्ति के आवेदन पत्र कार्यालय सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग तथा अल्प संख्यक कल्याण बालाघाट से प्राप्त कर लें। अल्पसंख्यक  छात्रवृत्ति के आवेदन पत्र वेवसाईट www.bcwelfare.mp.nic.in  से भी डाउनलोड  किये जा सकते है। छात्रवृत्ति  के भरे हुए आवेदन पत्र माह अगस्त 2013 के दूसरे सप्ताह तक कार्यालय सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग तथा अल्प संख्यक कल्याण बालाघाट में जमा करने कहा गया है। अल्प संख्यक वर्ग के छात्र-छात्रायें पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति के लिए भारत सरकार की वेवसाईट www.momascholarship.gov.in पर आनलाईन आवेदन कर सकते है।

किरनापुर परियोजना द्वारा कार्र्यकत्ता एवं  सहायिका की अनंतिम चयन  सूची जारी

एकीकृत बाल  विकास परियोजना किरनापुर द्वारा पांच आंगनवाड़ी केन्द्रों  में कार्र्यकत्ता एवं सहायिका  के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए चयनित आवेदक महिलाओ की वरियता क्रम के अनुसार अनंतिम चयन सूची जारी कर दी गई है। आंगनवाड़ी कार्र्यकत्ता के लिए मंगोलीकला केन्द्र में कुमारी रक्षिता को प्रथम, श्रीमती त्रिवेणी को द्वितीय व श्रीमती चित्ररेखा को तृतीय, रजेगांव केन्द्र में  सीमा को प्रथम, ज्योति को द्वितीय व दीपिका को तृतीय, सिंगोड़ी केन्द्र में तारा को प्रथम, विशाखा को द्वितीय व उमा को तृतीय तथा मड़कापार केन्द्र में शीतल को प्रथम, रेखा को द्वितीय व वन्दना को तृतीय वरियता प्रदान की गई है। ग्राम कान्द्रीखुर्द केन्द्र में सहायिका के लिए वीणा को प्रथम, साधना को द्वितीय व सुषमा को तृतीय वरियता प्रदान की गई है। इस अनंतिम चयन सूची पर यदि किसी व्यक्ति को आपत्ति हो तो वे अपने दावे आपत्ति आगामी 5 अगस्त 2013 तक बाल विकास परियोजना कार्यालय किरनापुर में प्रस्तुत कर सकते है।

बिजली कार्मिकों  के लिये नई ''समूह बचत-सह-बीमा योजना'' लागू

मध्य क्षेत्र  विद्युत वितरण कम्पनी ने बिजली कार्मिकों के लिये भारतीय जीवन बीमा निगम की नई ''समूह बचत-सह-बीमा योजना'' 20 जुलाई, 2013 से लागू की है। कम्पनी के विभिन्न अधिकारी/कर्मचारी संगठनों के मध्य बनी सहमति  के बाद यह निर्णय लिया गया है। इसके अनुसार पूर्ववर्ती मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मण्डल से कम्पनी में अंतरिम रूप से अंतरित एवं आमेलित कार्मिकों एवं कम्पनी क्षेत्र में कार्यरत पूर्ववर्ती ग्रामीण विद्युत सहकारी समितियों के नियमित कर्मियों तथा कम्पनी में अंतिम रूप से अंतरित तथा शासन के अन्य विभाग एवं पूर्ववर्ती विद्युत मण्डल की उत्तरवर्ती कम्पनियों में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ अधिकारियों तथा कर्मचारियों के लिये यह योजना अनिवार्य रूप से लागू की गई है। योजना में कटौत्रा राशि पर कर्मचारी को आयकर की धारा-80-सी में कर में छूट की पात्रता होगी। कर्मचारी/अधिकारी  को श्रेणी-ए, बी, सी तथा डी के अनुसार ग्रेड-पे के अनुसार बीमा राशि एवं प्रतिमाह अंशदान देय होगा। ए-श्रेणी में  ग्रेड-पे 6600 एवं अधिक बीमा राशि 6 लाख प्रतिमाह कटौती 600 रुपये, बी-श्रेणी में ग्रेड-पे 4100 से 6599 तक बीमा राशि 4 लाख प्रतिमाह कटौती 400 रुपये, सी-श्रेणी में ग्रेड पे 2500 से 4099 तक बीमा राशि 3 लाख प्रतिमाह कटौती 300 रुपये तथा डी-श्रेणी में ग्रेड-पे 1900 से 2499 तक बीमा राशि 2 लाख रुपये तथा प्रतिमाह कटौती 200 रुपये होगी। प्रतिमाह  कटौती राशि का 65 प्रतिशत  बचत भाग तथा शेष 35 प्रतिशत जोखिम सुरक्षा के लिये व्यय होगा। यह अंशदान (प्रीमियम) संबंधित अधिकारी/कर्मचारी को वहन करना होगा। कटौती उनके मासिक वेतन से प्रतिमाह की जायेगी। यह योजना 20 जुलाई, 2013 से प्रभावशील की गई है। योजना में शामिल अधिकारी/कर्मचारी की किसी भी प्रकार से असामयिक मृत्यु पर बीमा राशि के साथ बचत भाग एवं उस पर देय ब्याज भी प्राप्त होगा। सेवानिवृत्ति या नौकरी छोड़ने पर जमा बचत-राशि ब्याज सहित भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा वापस की जायेगी।

सभी शासकीय विभाग को करना होगा यूनीकोड  फान्ट का उपयोग, अन्य फान्ट का उपयोग प्रतिबंधित

कम्प्यूटर क्रांति के इस युग में  टाईपराईटर पर काम करना अब बीते जमाने की बात हो गई है। सभी शासकीय विभागों  में टाईपराईटर का स्थान  कम्प्यूटर ने ले लिया है।  कम्प्यूटर पर हिन्दी में  टाईप करने के लिए विभिन्न  विभागों द्वारा अब तक अलग-अलग फोंट(लिपि) का उपयोग किया जा रहा है।  वर्तमान में प्रचलित अलग-अलग फॉन्ट में एकरूपता लाने के उद्देश्य से राज्य शासन ने यूनीकोड फोंट को अपनाने के निर्देश दिये हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश भी जारी किया है। साथ ही मुख्य सचिव ने भी निर्देश जारी कर दिये हैं कि शासकीय दस्तावेजों में यूनीकोड फोंट का ही उपयोग किया जाये। इसी उद्देश्य से सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने प्रशिक्षण की शुरूआत की गई है। यह प्रशिक्षण 14 अगस्त तक चलेगा। प्रत्येक दिन अलग-अलग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित उनके कर्मचारियों को यूनीकोड में कार्य करने का प्रशिक्षण दिया जायेगा। यूनीकोड एक तकनीक है। कम्प्यूटर  मूल रूप से नम्बर्स से संबंध रखता है। कम्प्यूटर  नम्बर्स पर ही आधारित है।  यूनीकोड तकनीक भी इन्हीं नम्बर्स पर आधारित है।  यूनीकोड तकनीकी में विश्व-स्तर पर एवं प्रचलित लिपि के वर्णमाला के प्रत्येक अक्षर के लिये 4 अंक का यूनीकोड दिया गया है। वर्तमान में प्रचलित फॉन्ट कृतिदेव, देवलिसिस सहित अन्य फॉन्ट  सिस्टम स्पेस्फिक होने के कारण यह फॉन्ट जिस सिस्टम में इंस्टाल होते हैं, संबंधित  भाषा में टाइप किया गया  मेटर उसी में दिखाई देता है। कम्प्यूटर सिस्टम में वह फॉन्ट नहीं होने पर अंग्रेजी भाषा में गारबेज की तरह दिखाई देता है और अपठनीय होता है। इसके लिये संबंधित फॉन्ट या उसी श्रेणी का दूसरा फॉन्ट इन्सटॉल करना पड़ता है। यूनीकोड तकनीक विश्व की सभी लिपिें से सभी संकेत के लिये एक अलग-अलग कोड बिन्दु देता है, जो एक ही फॉन्ट में उपलब्ध रहती है। जैसे एरियल यूनीकोड, मंगल, अक्षत यूनीकोड, अपराजिता आदि। यूनीकोड तकनीकी आधारित फॉन्ट में टाइप किया गया मेटर आपके सिस्टम में फॉन्ट हों या न हों, उसी भाषा की लिपि में दिखाई देगा और पढ़ने योग्य भी होगा। यदि आपका कम्प्यूटर यूनीकोड तकनीकी अनेबल्ड नहीं हैं तो ऐसी स्थिति में डिब्बे-डिब्बे प्रदर्शित होंगे। यूनीकोड अनेबल्ड करने पर मेटर संबंधित भाषा की लिपि में दिखाई  देगा और सिस्टम यूनीकोड के लिये अनेबल्ड भी हो जायेगा। यूनीकोड फांट के उपयोग से लाभ भी है। इसके उपयोग से एक ही दस्तावेज में अनेक भाषा के टेक्स्ट लिखे जा सकते हैं। टेक्स्ट को केवल एक निश्चित तरीके से संस्कारित करने की जरूरत पड़ती है। इससे विकास खर्च एवं अन्य खर्चे कम लगते हैं। इसी सॉफ्टवेयर उत्पाद का एक ही संस्करण पूरे विश्व में चलाया जा सकता है। क्षेत्रीय बाजारों के लिये अलग से संस्करण निकालने की जरूरत नहीं पड़ती। किसी भी भाषा का टेक्स्ट पूरे सँसार में बिना गारबेज हुए देखा जा सकता है।

2 अगस्त  को कटंगी जनपद की सामान्य  प्रशासन समिति की बैठक, 8 अगस्त  को सामान्य सभा की बैठक

आगामी 2 अगस्त  को जनपद पंचायत कटंगी सामान्य प्रशासन समिति की बैठक का आयोजन किया गया है। इस बैठक में जनपद पंचायत की माह जून एवं जुलाई 2013 की आय-व्यय का ब्यौरा सदस्यों के समक्ष अनुमोदन के लिए रखा जायेगा। इस बैठक में राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के प्राप्त प्रकरणों का भी अनुमोदन किया जायेगा। यह बैठक जनपद पंचायत के सभाहाल में दोपहर 12.30 बजे से प्रारंभ होगी। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री व्ही.एस. ठकराव ने बताया कि सामान्य प्रशासन समिति के सभी सदस्यों को बैठक में उपस्थित होने के लिए सूचना भेज दी गई है। उन्होंने बताया कि आगामी 8 अगस्त 2013 को जनपद पंचायत की सामान्य सभा की बैठक का आयोजन किया गया है। इस बैठक में विभागीय योजनाओं की समीक्षा की जायेगी। जनपद पंचायत के सभी सदस्यों को इस बैठक में उपस्थित होने के लिए सूचना भेज दी गई है।

जिले में 837 मि.मी. वर्षा रिकार्ड, बैहर तहसील  में सबसे अधिक 1125 मि.मी. वर्षा 

जिले में  चालू वर्षा सत्र के दौरान  एक जून से 30 जुलाई 2013 तक 837 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 494 मि.मी. वर्षा  रिकार्ड की गई थी। जिले की औसत सामान्य वर्षा 1447 मि.मी. है। चालू वर्षा सत्र में सबसे अधिक 1125 मि.मी. वर्षा बैहर तहसील में तथा सबसे कम 513 मि.मी. वर्षा लांजी तहसील में रिकार्ड की गई है।

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