पृथक तेलंगाना का रास्ता साफ होने से जहां एक तबका काफी खुश है, तो दूसरा धरा खासा नाराज है। फैसले की घोषणा के बाद जहां दिल्ली स्थित आंध्र प्रदेश भवन में लड्डू बांटने और जय तेलंगाना की गूंज के बीच जश्न का माहौल देखा गया, वहीं, दूसरी ओर इस्तीफे का दौर शुरू हो गया है।
कांग्रेस के एक सांसद और सीमांध्र के तीन विधायकों ने इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता एन तुलसी रेड्डी ने भी विरोध जताते हुए इस्तीफा दे दिया। उधर, तेलंगाना राज्य के गठन पर मुहर लगाने के लिए पीएम आवास पर केंद्रीय कैबिनेट की आज होने वाली बैठक टल गई है।
कांग्रेस की सर्वोच्च नीति निर्धारक इकाई कांग्रेस कार्य समिति ने अपनी बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर निश्चित समय सीमा के भीतर अलग तेलंगाना राज्य गठित करने की दिशा में कदम उठाने का केन्द्र से आग्रह करने का निर्णय किया। कांग्रेस ने केन्द्र सरकार से हैदराबाद को 10 साल के लिए आंध्रप्रदेश और प्रस्तावित तेलंगाना राज्य की साझा राजधानी बनाने की सिफारिश करने का भी निर्णय किया। पृथक तेलंगाना राज्य के गठन के बारे में कांग्रेस कार्य समिति और संप्रग का यह महत्वपूर्ण फैसला करीब एक सप्ताह के गहरे विचार विमर्श के बाद सामने आया है। यह देश का 29वां राज्य होगा। इसमें एकीकृत आंध्र प्रदेश के 23 में से 10 जिले शामिल होंगे।
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