मध्य प्रदेश विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा न कराए जाने पर कांग्रेस ने अब सड़क पर उतरकर राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के परिजनों से लेकर मंत्रियों तक पर खुलेआम आरोप लगाने के अभियान की शुरुआत कर दी है। इसके लिए कांग्रेस ने अविश्वास सभा आयोजित की। कांग्रेस का कहना है कि राज्य में भाजपा के नेता कबाड़ी से करोड़पति बन गए हैं। विधानसभा में गुरुवार को अविश्वास प्रस्ताव पर सिर्फ चर्चा इसलिए नहीं हो पाई, क्योंकि कांग्रेस के ही एक विधायक चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी ने अविश्वास प्रस्ताव पर ही अविश्वास जता दिया। इस पर सदन में हंगामा हुआ और विधानसभाध्यक्ष ईश्वर दास रोहाणी ने विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी, वहीं बगावत करने वाले विधायक भाजपा में शामिल हो गए।
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के परिवार से लेकर मंत्रियों तक पर गंभीर आरोप लगाते हुए विधानसभा अध्यक्ष को आरोप पत्र सौंपा था, मगर अविश्वास पर चर्चा न होने पर कांग्रेस के सारे मंसूबे धरे के धरे रह गए। भाजपा व सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस ने हर संभागीय मुख्यालयों पर अविश्वास सभा आयोजित करने का एलान किया और उसकी शुरुआत भोपाल से शुक्रवार को हुई। पहली अविश्वास सभा में कांग्रेस ने पूरी तरह आयोजन स्थल को समानांतर विधानसभा का रूप दिया। अध्यक्ष की आसंदी थी, तो नीचे विधायक भी बैठे थे। इस सभा में पूरी तरह विधानसभा का नजारा पेश करने की कोशिश की गई।
इस सभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का पूरा परिवार मालामला हो चला है। कोई जमीन के कारोबार में लगा है तो कोई रेत के अवैध कारोबार में। सिंह ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री की पत्नी साधना सिंह, भाई नरेंद्र सिंह, प्रद्युम्न सिंह और रोहित सिंह का नाम लिया। नेता प्रतिपक्ष का आरोप है कि मुख्यमंत्री के भाई नरेंद्र सिंह है तो शिक्षक, मगर करोड़ों रुपये की जमीन खरीद रहे हैं। वे सवाल करते हैं कि क्या कोई शिक्षक करोड़ों रुपये की जमीन खरीद सकता है, और अगर ऐसा हो रहा है तो पैसा कहां से आ रहा है, यह बताने की जरूरत नहीं है। उनका आरोप है कि नरेंद्र सिंह रेत के अवैध कारोबार में लगे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भोपाल की रोहित गृह निर्माण समिति में गलत तरीके से मुख्यमंत्री के करीबी व रिश्तेदारों ने भूखंड हड़पे हैं। एक अन्य भाई की आदित्य कंस्टक्शन कंपनी को गलत तरीके से ठेके दिए जा रहे हैं। इस कंपनी के पंजीयन व अमानत राशि जमा करने का कोई रिकार्ड नहीं है। नेता प्रतिपक्ष का आरोप है कि वे मुख्यमंत्री के परिवारों की हकीकत को उजागर करना चाहते थे, इसीलिए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा नहीं कराई गई। मुख्यमंत्री के साले संजय भसीन की पत्नी ने भोपाल की एक कॉलोनी में आवास खरीदा है, जिसकी वास्तविक कीमत एक करोड़ रुपये है, मगर स्टांप ड्यूटी बचाने के लिए इसे 19 लाख रुपये में खरीदा गया है। इतना ही नहीं विदिशा जिले में साधना सिंह द्वारा पुरातत्व नियमों का उल्लंघन कर पुरामहत्व के स्थल के करीब गोदाम बनवाए गए हैं। यह बात सूचना के अधिकार से सामने आई है।
कांग्रेस विधायक आरिफ अकील ने कहा कि भाजपा अब भारतीय जनता पार्टी नहीं बल्कि भगोड़ा जनता पार्टी हो गई है। यह ऐसा दल है, जहां कबाड़ी भी करोड़पति हो गए हैं। विधायक कल्पना पारुलेकर ने खाद्य मंत्री पारस जैन पर उज्जैन में सीलिंग की जमीन गलत तरीके से हड़पने का आरोप लगाया। कांग्रेस की इस अविश्वास सभा में विधानसभा में गुरुवार को घटित पूरे घटनाक्रम को दोहराया गया। कांग्रेस से बगावत करने वाले विधायक चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी द्वारा विधानसभा में दिए गए वक्तव्य को विधायक संजय पाठक ने दोहराया। साथ ही भाजपा में शामिल होने का भी मंचन किया गया। अध्यक्ष की जिम्मेदारी विधायक एन. पी. प्रजापति ने निभाई।

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