कांग्रेस सांप्रदायिक राजनीति की जनक : भाजपा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 10 जुलाई 2013

कांग्रेस सांप्रदायिक राजनीति की जनक : भाजपा


भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने खुद पर उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक उन्माद फैलाने के कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि देश में सांप्रदायिक राजनीति की वास्तविक जनक कांग्रेस ही है। भाजपा की प्रदेश इकाई के प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष निर्मल खत्री के उस बयान को हास्यास्पद करार दिया, जिसमें उन्होंने भाजपा पर सूबे में सांप्रदायिक उन्माद फैलाने का आरोप लगाया था।

पाठक ने कहा कि प्रदेश में सांप्रदायिक राजनीति का चेहरा बन चुकी समाजवादी पार्टी (सपा) की बैसाखी पर केंद्र में सरकार चला रही कांग्रेस एक बार फिर प्रदेश की जनता को बरगलाने में लग गई है। केंद्र में कांग्रेस की अगुवाई वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के नेता और घटक दल इस बात से चिंतित हैं कि कुशासन, महंगाई और भ्रष्टाचार के कारण उनकी हार निश्चित है। 

पाठक ने कहा कि राज्य में सपा, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस के बीच मुस्लिम वोट पाने की गलाकाट प्रतिस्पर्धा के कारण इन तीनों पार्टियों ने भाजपा को सांप्रदायिक करार देने का फैशन बना लिया है और इसी रणनीति के तहत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी बयानबाजी कर रहे हैं।

पाठक ने कहा कि आतंकवादी घटना के आरोपियों के पक्ष में खड़ी सपा सरकार की गलबहियां करने वाली कांग्रेस को भाजपा के नेताओं के सामान्य दर्शन-पूजन कार्यक्रमों में भी सांप्रदायिकता नजर आती है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता के मुताबिक, सपा सरकार द्वारा आतंकवाद के आरोपियों पर से मुकदमे की वापसी, मुस्लिम बेटियों को अनुदान सहित कई अन्य फैसलों पर मौन रहकर तमाशा देखने वाली कांग्रेस को क्या सपा सरकार के इन फैसलों में सांप्रदायिकता नजर नहीं आती?

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