भारत से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) खरीदने की नेपाल की योजना खटाई में पड़ गई है। नवंबर में होने वाले संविधान सभा के चुनाव के लिए नेपाल भारत से ईवीएम खरीदना चाहता था। लेकिन, भारत ने स्पष्ट किया है कि जितने राजनीतिक दल नेपाल में चुनाव लड़ने जा रहे हैं, उसके लिए भारत में प्रयुक्त हो रहे ईवीएम कारगर नहीं होंगे। नेपाल के मुख्य निर्वाचन आयुक्त नीलकंठ उप्रेती ने आईएएनएस से कहा कि भारतीय ईवीएम में 64 उम्मीदवारों या पार्टियों के लिए ही व्यवस्था है, जबकि नेपाल में अब तक 139 पार्टियां नेपाल चुनाव आयोग में पंजीकरण करा चुकी हैं। इसलिए भारतीय मशीनों का इस्तेमाल मुश्किल है।
उन्होंने कहा, "चुनाव लड़ने की इच्छुक पार्टियों की संख्या बढ़ सकती है। इसलिए हमने भारत से ईवीएम खरीदने की योजना स्थगित कर दी है। हालांकि भारत ने ईवीएम का एक उन्नत संस्करण भी विकसित किया है, जिसमें 384 बटन हैं, लेकिन इसका इस्तेमाल अब तक भारत ने भी नहीं किया है। इसलिए इस बार हम चुनाव में ईवीएम का इस्तेमाल नहीं करने जा रहे।"
उप्रेती ने मध्य जून में भारत का दौरा कर अपने भारतीय समकक्ष वी. एस. संपत के साथ ईवीएम तथा चुनाव को लेकर अन्य साजो-सामान पर चर्चा की थी। भारत ने कहा था कि वह नेपाल को जून के आखिर तक बता पाएगा कि ईवीएम की आपूर्ति कर पाएगा या नहीं।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें