राष्ट्रीय खेल विकास विधेयक का संशोधित मसौदा पेश - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 10 जुलाई 2013

राष्ट्रीय खेल विकास विधेयक का संशोधित मसौदा पेश


राष्ट्रीय खेल विकास विधेयक 2013 का मसौदा तैयार करने वाली कार्यकारी दल के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश मुकुल मुद्गल ने बुधवार को प्रस्तावित विधेयक का संशोधित मसौदा खेल मंत्री जितेंद्र सिंह को सौंप दिया। संशोधित मसौदे में राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (एनओसी) को प्रमुख दायित्व सौंपे गए हैं, जिनमें ओलम्पिक के संविधान के अनुसार कार्रवाई करने, अनेक खेलों वाले अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए दावेदारी पेश करना, शिकायतों के निबटारे के लिए अंदरूनी प्रणाली तैयार करना, नियमित अंतराल पर राष्ट्रीय खेल आयोजन कराना, एथलीट आयोग का गठन करना एवं सार्वजनिक प्राधिकरण के रूप में सूचना के अधिकार के अंतर्गत कार्य करना तथा संसद को रिपोर्ट पेश करना आदि शामिल हैं।

मसौदा विधेयक में खेल पुनर्विचार न्यायाधिकरण के गठन का प्रस्ताव भी दिया गया है, जिसकी चयन समिति में देश के मुख्य न्यायाधीश या उनकी जगह नियुक्त कार्यकारी न्यायाधीश, सचिव, खेल विभाग एवं एनओसी के अध्यक्ष शामिल होंगे। विधेयक में एक नैतिकता आयोग की प्रस्तावना भी की गई है, जो देश के संविधान के अनुरूप आईओसी के दिशा-निर्देशों को लागू करेगा। मसौदे में इसके अलावा एनओसी, एनएसएफ एवं एथलीट आयोग के लिए निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए एक खेल चुनाव आयोग के गठन का भी प्रस्ताव रखा गया है।

मसौदे में कहा गया है कि सभी अधिकृत एनएसएफ को यह सुनिश्चित करना होगा कि कर्मचारी 70 वर्ष की आयु में सेवानिवृत हों तथा एथलीट आयोग द्वारा नामित खिलाड़ियों को कार्यकारी संगठन में निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाए। इसके अलावा एनएसएफ को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि आम सभा के सदस्यों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 10 प्रतिशत से कम न हो।

इसके अलावा मसौदा विधेयक के अनुसार अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 228 के तहत आपराधिक मामले में आरोपी व्यक्ति एनओसी या एनएसएफ में चुनाव लड़ने में अक्षम होगा। लगातार दो कार्यकाल पूरा कर लेने के बाद भी अगले चुनाव के लिए वह अक्षम होगा। इससे पहले विधेयक का एक मसौदा 30 अगस्त 2011 को मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जा चुका है, उस समय अजय माकन खेल मंत्री थे। मंत्रिमंडल ने तब विधेयक के मसौदे को खारिज कर दिया था और उसमें संशोधन की बात कही थी। इसके बाद सरकार ने संशोधित विधेयक को 10 अक्टूबर 2011 को सार्वजनिक किया, लेकिन खेल मंत्रालय ने इसमें पुन: संशोधन का सुझाव दिया तथा संशोधित मसौदा निर्माण के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश मुद्गल की अध्यक्षता में एक कार्यकारी दल का गठन किया।

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