मुंबई की एक सत्र अदालत ने शुक्रवार को एक फर्जी मुठभेड़ मामले में 13 पुलिसकर्मियों सहित 21 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मामला 11 नवंबर, 2006 को फर्जी मुठभेड़ में गैंगस्टर राम नारायण गुप्ता को मार गिराने का है। इस मामले में मुख्य आरोपी, पूर्व 'मुठभेड़ विशेषज्ञ' व पुलिसकर्मी प्रदीप शर्मा को अदालत ने पांच जुलाई को सभी आरोपों से बरी करते हुए रिहा करने के आदेश दिए थे।
सत्र न्यायाधीश वी. डी. जाधवर ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए शेष 21 अभियुक्तों के खिलाफ आजीवन कारावास का फैसला दिया, जिनमें वरिष्ठ पुलिसकर्मी प्रदीप सूर्यवंशी भी शामिल हैं। अदालत ने अभियुक्तों को हत्या एवं सबूतों को नष्ट करने का दोषी पाया।
मुंबई की एक सत्र अदालत ने शुक्रवार को एक फर्जी मुठभेड़ मामले में 13 पुलिसकर्मियों सहित 21 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मामला 11 नवंबर, 2006 को फर्जी मुठभेड़ में गैंगस्टर राम नारायण गुप्ता को मार गिराने का है। इस मामले में मुख्य आरोपी, पूर्व 'मुठभेड़ विशेषज्ञ' व पुलिसकर्मी प्रदीप शर्मा को अदालत ने पांच जुलाई को सभी आरोपों से बरी करते हुए रिहा करने के आदेश दिए थे।
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