सरकार इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की हिस्सेदारी बेचेगी. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

सोमवार, 8 जुलाई 2013

सरकार इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की हिस्सेदारी बेचेगी.

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया का प्रबंधन करने के लिए सिटी, गोल्डमैन साक्स, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज समेत 17 मर्चेंट बैंकर दौड़ में हैं। आईओसी में विनिवेश से सरकार को 4,300 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व मिल सकता है।

वित्त मंत्रालय ने बिक्री के लिए पेशकश (ओएफएस) मार्ग से इंडियन ऑयल में 19.16 करोड़ इक्विटी शेयर या 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री के लिए मई में कैबिनेट नोट का मसौदा आगे बढ़ाया था। सूत्रों ने कहा कि विनिवेश विभाग द्वारा आईओसी में हिस्सेदारी बिक्री के लिए इस महीने के मध्य तक मर्चेंट बैंकरों के नाम पर मुहर लगाने की संभावना है।

बंबई शेयर बाजार में 225.20 रुपये के बंद भाव के मुताबिक सरकार को इंडियन ऑयल में विनिवेश से 4,315 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति की उम्मीद है। इस समय, इंडियन ऑयल में सरकार की 78.92 प्रतिशत हिस्सेदारी है। आईओसी में विनिवेश का प्रबंधन करने का अनुबंध हासिल करने की दौड़ में मेरिल लिंच, जेपी मार्गन, स्टैंडर्ड चार्टर्ड, एचएसबीसी, एसबीआई कैपिटल और मैकक्वेरी शामिल हैं।

कोई टिप्पणी नहीं: