मोम्मद मुर्सी ने कहा है कि वह अभी भी मिस्र के वैध राष्ट्रपति हैं, जबकि उनकी पार्टी मुस्लिम ब्रदरहुड ने सेना द्वारा उन्हें बेदखल किए जाने को विश्वासघात करार दिया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, अल जजीरा चैनल पर प्रसारित मुर्सी के एक रिकॉर्डेड वक्तव्य में उन्होंने कहा, "वैधता, संविधान या कानून का कोई विकल्प नहीं है।" मुर्सी का यह बयान सेना द्वारा नए राष्ट्रपति के चयन तक सुप्रीम कांस्टीट्यूशनल कोर्ट के न्यायाधीश को अस्थाई रूप से देश की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद आया है।
मुर्सी ने कहा कि हर कुछ महीने बाद वैधता को बदलने का मतलब अव्यवस्था पैदा करना है। उन्होंने कहा, "मैं हर किसी के साथ बातचीत और समझौते के लिए तैयार हूं।" विभिन्न खबरों के मुताबिक, मुर्सी फिलहाल किसी अज्ञात स्थान पर चले गए हैं। उन्होंने कहा, "मैं आपसे एक-दूसरे के खिलाफ लड़ने का अनुरोध नहीं करता। मैं आपको आपस में न लड़ने के आदेश देता हूं, लेकिन मैं नई वैधता को नहीं स्वीकारता।"
सेना ने मुर्सी से सत्ता छीनने के साथ एक सैन्य रोडमैप भी जारी किया है, जिसमें वर्तमान संविधान भंग करने व संवैधानिक संशोधनों के लिए एक आयोग गठित करने की बात कही गई है। मुर्सी ने अपने फेसबुक अकाउंट पर कहा कि नई सरकार के गठन की अवधि में देश को चलाने की सेना की रूपरेखा पूरी तरह से सैन्य तख्ता पलट है। उन्होंने जनता से कानून और संविधान का साथ देने की मांग की। उन्होंने कहा, "तख्ता पलट मिस्र को पीछे ले जाएगा। हर किसी को ईश्वर, जनता और इतिहास के प्रति अपनी जिम्मेदारी उठानी पड़ती है।"

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