पटना : प्रदर्शनकारी छात्र-नौजवानों पर पुलिस ने लाठियाँ चटकायी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 8 जुलाई 2013

पटना : प्रदर्शनकारी छात्र-नौजवानों पर पुलिस ने लाठियाँ चटकायी

प्रदर्शनकारियों पर चटकी लाठियाँ, पुसु महासचिव अंशु, युवा नेत्री रेखा सहित दर्जनों चोटिल आक्रोशित आन्दोलनकारियों ने तीन पुलिस बैरिकेट व आयरन गेट तोड़ा, मुख्यमंत्री का धेराव करने जा रहे थे ए.आई.एस.एफ. एवं ए.आई.वाई.एफ. से जुड़े छात्र-नौजवान, दर्जनों प्रदर्शनकारी गिरफ्तार, रिहा

पटना। आज अपनी माँग को लेकर मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदर्शन करने जा रहे प्रदर्शनकारी छात्र-नौजवानों पर पुलिस ने लाठियाँ चटकायी। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने तीन बैरिकेट तोड़ने के बाद आ.ब्लाॅक चैराहे का आयरन गेट तोड़ दिया। पुलिस की लाठियों से पुसु महासचिव अंशु कुमारी, युवा नेत्री रेखा कुमारी, छात्र नेता निखिल कुमार झा सहित दर्जनों प्रदर्शनकारी चोटिल हो गए। वहीं पुलिस ने कोतवाली थाने में दो दर्जन प्रदर्शनकारियों को जुलूस के बीच से ही गिरफ्तार कर लिया। जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया। छात्र संगठन ए.आई.एस.एफ. एवं युवा संगठन ए.आई.वाई.एफ. के आह्वान पर पूरे राज्य भर से प्रदर्शनकारी छात्र-नौजवान हजारों की संख्या में पटना पहुँचे। प्रदर्शनकारियों का हुजूम गाँधी मूर्ति, गाँधी मैदान से निकला फ्रेजर रोड होते हुए डाकबंगला चैराहा पहुंचे। प्रदर्शनकारी बेली रोड होते हुए मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदर्शन करने जा रहे थे। पुलिस कर्मियों ने रोकना चाहा इसी क्रम में प्रदर्शनकारियों एवं पुलिस में तीखी झड़प् हुई। प्रदर्शनकारी ने डाकबंगला चैराहा, कोतवाली एवं आयकर गोलंबर पर स्थित तीन बैरिकेट तोड वीरचंद पटेल पथ होते हुए आर ब्लाक चैराहा पहुँचे। पुलिस ने आर ब्लाक स्थित आयरन गेट बंद कर दिया जिसे आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने तोड़ दिया।

आमजन विरोधी निजी विश्वविद्यालय विधेयक रद्द करने, मधुबनी कांड की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने तथा इस कांड में जेल में बंद युवा नेता अनिल कुमार सिंह सहित तमाम निर्दोषों को अविलम्ब रिहा करने, शिक्षा के व्यवसायी करण पर रोक लगाने, संाप्रदायिक उन्माद फैलाने वाले संगठनों को प्रतिबंधित करने, सभी के लिए समान शिक्षा उपलब्ध कराने, सभी विश्वविद्यालयों में लोकतांत्रिक तरीके से छात्र संघ चुनाव कराने एवं गठित छात्र संघों को अधिकार देने, ठेका पर बहाली बंद करने, नियोजित शिक्षकों-कर्मियों को स्थाई नियुक्ति करने, टीईटी-एसटीईटी परीक्षा उर्तीण अभ्यर्थियों की अविलम्ब स्थाई नियुक्ति करने, बेरोजगारों को रोजगार देने या 3000 रूपया मासिक भत्ता देने, प्रतियोगिता परीक्षाओं में धांधली बंद कराने, रूम रेंट कंट्रोल एक्ट बनवाने, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार बचे हुए सहायक शिक्षकों की नियुक्ति अविलंब करने के लिए आज छात्र संगठन एआईएसएफ तथा युवा संगठन एआईवाईएफ से जुड़े हजारों छात्र-नौजवान प्रदर्शन करने पटना पहुँचे थे।

सभा को संबोधित करते हुए ए.आई.वाई.एफ. के राष्ट्रीय अध्यक्ष आफताब आलम ने कहा कि वर्तमान केन्द्र व राज्य की सरकारों का छात्र-युवाओं के सवालों से कोई सरोकार नहीं है जिससे शिक्षा व रोजगार के समक्ष गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। सरकार की नाकामियों व भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलनेवाले से नीतीश कुमार लाठी व गोली से पेश आती है तथा झूठे मुकदमे में फंसाती है। मधुबनी जेल में संगठन के नेता अनिल कुमार सिंह को गलत ढ़ंग से झूठे मुकदमे कर बंद कर दिया है। उन्होंने सांप्रदायिक उन्माद फैलानेवाले संगठनों पर कड़ी निगाह रखने की मांग करते हुए राज्य के नौजवानों को इनसे सचेत रहने की अपील की। ए.आई.वाई.एफ. के राष्ट्रीय सचिव संजीव कुमार सिंह ने कहा कि संगठन के लंबे संधर्ष के बाद बेरोजगारी भत्ता देना शुरू किया। जबकि बिहार की वर्तमान सरकार ने बेरोजगारी भत्ता देने की बात तो दूर बेरोजगारी का मजाक उड़ाना आदत सी बन गयी है। सूबे के अंदर प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली जारी है। सरकार भ्रष्टाचारियांे को जेल के अंदर करने की बजाए उन्हें संरक्षण देने में लगी है। सभा को संबोधित करते हुए ए.आई.एस.एफ. के राष्ट्रीय सचिव विश्वजीत कुमार ने कहा कि कभी राज्य में समान स्कूल प्रणाली लागू करने की बात करनेवाली नीतीश सरकार कारपोरेट घराने के समक्ष आत्मसमपर्ण कर दिया है। राज्य विधानसभा से निजी वि.वि. पेश करना इसका उदाहरण है। टीईटी-एसटीईटी उतीर्ण अभ्यर्थी आज भी दर-दर की ठोकरें खा रही है। संगठन के लंबे संधर्ष के पश्चात राज्य के दो विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव हुए। गठित छात्र संघों को अधिकार देने में वि.वि. प्रशासन आनाकानी कर रहा है सरकार भी बेशर्म चुप्पी साधे हुए है। सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ एआईएसएफ 25 जुलाई को राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगा।

सभा की अध्यक्षता करते हुए ए.आई.एस.एफ. के राज्य अध्यक्ष परवेज आलम एवं ए.आई.वाई.एफ. के राज्य अध्यक्ष मुरारी शेखर ने कहा कि सरकार छात्र-युवा आंदोलनों पर दमन करना नीतीश सरकार की आदत सी बन गयी है। सरकार छात्र-युवा पक्षीय नीति बनाये नही ंतो दोनों ही संगठन तमाशाबीन नहीं बनी रहेगी। इसके खिलाफ जोरदार आन्दोलन चरणवद्ध तरीके से जारी रखेगा। सभा को एआईवाईएफ के प्रदेश उपाध्यक्ष कामिनी कुमारी, सुधीर कुमार, मदन मोहन मुरारी, सह् सचिव परवेज असद, केसरी कुमार, एआईएसएफ के प्रदेश उपाध्यक्ष मृत्युंजय मृणाल, राज्य कोषाध्यक्ष सुशील कुमार, इंसाफ के महासचिव इरफान अहमद ने भी संबोधित किया। प्रदर्शन में आशुतोष कुमार, कुमार जितेन्द्र, विकास झा, हरिनाथ यादव, आकाश गौरव, प्रिंस कुमार, संदीप शर्मा, अनुकुल, मणि कुमार, उज्जवल, अभिषेक, अनुज, चंदन, महेश के अलावा हजारों छात्र-नौजवान शामिल थे। 

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