इशरत जहाँ पर जद (यू), भाजपा में बढ़ी तकरार - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 6 जुलाई 2013

इशरत जहाँ पर जद (यू), भाजपा में बढ़ी तकरार


गुजरात में कथित रूप से फर्जी मुठभेड़ में मारी गई इशरत जहां को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से हाल ही में अलग हुआ जनता दल (युनाइटेड) जहां इशरत को बिहार की बेटी बताकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को निशाना बना रहा है, वहीं भाजपा ने जद (यू) पर आतंकवादी को महिमामंडित करने का आरोप लगाया है। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता सुशाील कुमार मोदी ने कहा कि जद (यू) अल्पसंख्यकों के वोट के लिए इशरत के आतंकवादियों से सम्बंध को नकार कर उसे बिहार से जोड़ रहा है। उन्होंने यहां तक कहा कि देश की सुरक्षा को ताक पर रखकर आतंकवाद को संरक्षण दिया जा रहा है।

जद (यू) पर व्यंग्य करते हुए उन्होंने कहा कि इशरत को महिमामंडित करने के चक्कर में पार्टी कहीं अपने कार्यालय में उसकी मूर्ति न स्थापित कर दे और बिहार सरकार कहीं इशरत के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा न कर दे। उन्होंने सवाल किया कि यदि अफजल गुरु बिहार का होता तो क्या जद (यू) उसे भी महिमामंडित करता।

उधर, जद (यू) ने पूरे मामले में इशरत के परिजनों के लिए न्याय की मांग की है। विधान पार्षद और जद (यू) के नेता देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा कि उनकी पार्टी बिहार की बेटी के लिए इंसाफ की लड़ाई का समर्थन करेगी। उन्होंने भाजपा से इशरत के आतंकवादियों से जुड़े होने के प्रमाण भी मांगे।

इशरत का जन्म बिहार की राजधानी पटना के खगौल में हुआ था। वह 20 साल की होने तक यहीं अपने नाना के घर खगौल में रही थी। आज भी उनके मामा पटना में रहते हैं। मुम्बई की छात्रा इशरत को वर्ष 2004 में गुजरात पुलिस ने उसके तीन साथियों के साथ कथित मुठभेड़ में मार गिराया था। इस मामले की जांच कर रहे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने हालांकि बुधवार को अहमदाबाद की विशेष अदालत में इस मामले को लेकर दायर पहले आरोप-पत्र में मुठभेड़ को फर्जी करार दिया।

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