मिस्र की सेना ने राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी से सत्ता छीन ली है। सेना प्रमुख ने मिस्र का संविधान निलंबित करने की घोषणा की है। इस घोषणा के साथ ही अब मुर्सी सत्ता में नहीं रहेंगे और सुप्रीम कांस्टीट्यूशनल कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अस्थायी तौर पर देश की कमान संभालेंगे। बीबीसी के मुताबिक धार्मिक व सैन्य नेताओं से समर्थन प्राप्त जनरल अब्दुल फतह अल-सीसी ने बुधवार को यह घोषणा की। सिन्हुआ ने मिस्र की आधिकारिक समाचार एजेंसी अहराम के हवाले से बुधवार रात बताया कि सुप्रीम कांस्टीट्यूशनल कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अदली मंसूर गुरुवार को देश के अस्थायी प्रमुख के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। सैन्य प्रमुख के भाषण की प्रतिक्रिया में मुर्सी विरोधी प्रदर्शनकारी काहिरा के तहरीर चौक पर जश्न मना रहे हैं।
मुर्सी के खिलाफ चार दिन तक बड़े पैमाने पर जगह-जगह पर विरोध-प्रदर्शन और सेना द्वारा दिए गए अल्टीमेटम के बाद यह कदम उठाया गया है। सेना द्वारा दिया गया अल्टीमेटम बुधवार को समाप्त हो गया। सैन्य प्रमुख का भाषण समाप्त होते ही मुर्सी के मुस्लिम ब्रदरहुड से सम्बद्ध टीवी स्टेशनों का प्रसारण बंद हो गया। वैसे कुछ मिनटों बाद ही मुर्सी के फेसबुक पर सेना की इस कार्रवाई को 'तख्ता पलट' करार दिया गया।
बीबीसी ने कहा है कि मुर्सी का वर्तमान ठिकाना अज्ञात है लेकिन एक ट्वीट में नागरिकों व सेना के सदस्यों से कानून व संविधान का पालन करने के लिए कहा गया है। जनरल अल-सीसी के संबोधन के बाद मिस्र के कॉप्टिक चर्च के प्रमुख पोप ट्वाड्रोस द्वितीय व प्रमुख विपक्षी नेता मोहम्मद अलबर्देई ने भी वक्तव्य दिए। अलबर्देई ने कहा कि राष्ट्रीय सुलह व जनवरी 2011 की क्रांति की ताजा शुरुआत के मकसद से नया रोडमैप तैयार किया गया है।
सेना के देश का नियंत्रण अपने हाथ में लेने के बाद राजधानी सहित कई जगहों पर भारी संख्या में सैन्य बल तैनात दिखे। मुर्सी विरोधी हजारों प्रदर्शनकारी काहिरा की सड़कों पर जश्न मना रहे हैं और उन्होंने रात के समय आकाश में आतिशबाजी भी की। सिन्हुआ के मुताबिक इस बीच सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद ने कहा कि मिस्र में जो कुछ हो रहा है वह राजनीतिक इस्लाम की विफलता है।
सीरिया के 'अल-थाव्रा' समाचार पत्र को दिए साक्षात्कार में असद ने कहा, "दुनिया में जिस किसी ने राजनीतिक लाभ के लिए या एक विशेष पार्टी के पक्ष में धर्म का इस्तेमाल किया है, वहां का यही हश्र हुआ है।" वहीं अमेरिका ने मिस्र के ताजा घटनाक्रम पर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि मुर्सी ने देश को वर्तमान संकट से उबारने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए।

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