गुजरात में 2002 में हुए दंगों को लेकर खुद का बचाव करते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने सही काम करने के लिए अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल किया और उन्हें कोई अपराध बोध नहीं है। समाचार एजेंसी रायटर को दिए गए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों को आलोचना करने का अधिकार हासिल है, लेकिन उन्हें कोई अपराध बोध नहीं है।
उन्होंने कहा कि दंगों को लेकर उन्हें दुख हुआ था। उन्होंने कहा कि यदि कोई पिल्ला किसी कार की चपेट में आ जाए तब भी उन्हें दुख होगा।
यह पूछे जाने पर कि दंगों को लेकर उन्हें पछतावा तो नहीं है, उन्होंने कहा, "यदि हम एक कार चला रहे हों या कोई दूसरा व्यक्ति कार चला रहा हो और हम पीछे बैठे हों, यहां तक कि यदि एक कुत्ते का बच्चा पहिए के नीचे आ जाता है तो यह पीड़ादायक है या नहीं? निश्चित रूप से यह है। मैं मुख्यमंत्री हूं या नहीं हूं, मैं एक मनुष्य तो हूं। यदि कहीं भी कुछ गलत होता है तो दुख होना स्वाभाविक है।"

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