बिहार के बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर परिसर में हुए श्रंखलाबद्ध बम विस्फोटों के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने रविवार को कहा कि नीतीश कुमार सरकार ने राज्य में संभावित आतंकवादी हमलों के बारे में खुफिया रिपोर्टों की अनदेखी की। भाजपा और राजद ने बिहार सरकार को कठघरे में लाते हुए सवाल किया कि आईबी की चेतावनी के बावजूद महाबोधि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी क्यों नहीं की गई। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि उनके प्रशासन ने संभावित आतंकवादी हमले की अनदेखी नहीं की।
बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद विस्फोट की निंदा करते हुए कहा कि इस घटना से पूरे विश्व के बौद्ध मतावलंबी आहत हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में यह पहला आंतकवादी हमला है, जिसकी जानकारी पूर्व में थी, लेकिन बिहार और केंद्र सरकार ने क्यों सुरक्षा नहीं बढ़ाई। उन्होंने कहा कि महाबोधि मंदिर लगातार निशाने पर रहा है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण यहां यह घटना घटी।
इधर, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने कहा कि आईबी के सचेत करने के बाद भी राज्य सरकार ने सुरक्षा नहीं बढ़ाई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इसका जवाब देना होगा, क्योंकि इस मंदिर की पहचान पूरे विश्व में है। इससे पर्यटन प्रभावित होगा। खासकर विदेशी बोधगया जाने से हिचकेंगे। यह चिंता का विषय है। लोकजनशक्ति पार्टी के प्रमुख रामविलास पासवान ने कहा कि विस्फोटों से राज्य सरकार की विफलता प्रकट होती है।

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