कलेक्टर के मार्गदर्शन में आंगनबाडि़यों की समीक्षा कलस्टर स्तर
कलेक्टर श्री कवीन्द्र कियावत ने प्रदेश में पहली बार सेक्टर के स्थान पर कलस्टर गठित करते हुये संबंधित स्थानीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कोे ही कलस्टर प्रभारी बनाया है। जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनबाडि़यों के माध्यम से संचालित योजनाओं की प्रभावी समीक्षा हेतु आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सेक्टर के स्थान पर कलस्टर पर आने के लिये कम दूरी तय करनी होगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री बृजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि विगत वित्तीय वर्ष में लाड़ली लक्ष्मी योजना के शत्प्रतिशत् क्रियान्वयन हेतु कलेक्टर श्री कियावत ने स्वयं विभागीय अधिकारियों के साथ परियोजना व सेक्टर बैठकों के स्थान पर कलस्टरों में जाकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से बार-बार बैठके की थी जिसके परिणाम स्वरूप जिले ने पूरे प्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना में सर्वाधिक 159 प्रतिशत् उपलब्धी हासिल की थी। कलस्टर स्तर के भ्रमण व समीक्षा के सकारात्मक परिणामो देखते हुये कलेक्टर के मार्गदर्शन में प्रत्येक 05 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर 01 कलस्टर गठित कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से परामर्श कर उनके ही बीच की स्थानीय आंगनबाडी कार्यकर्ता को कलस्टर प्रभारी बनाया गया है। कलस्टर गठित होने के फलस्वरूप आवश्यकता अनुसार पांचों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पारस्परिक बैठके, भ्रमण और परामर्श करते हुये अपने-अपने केन्द्र को और अधिक प्रभावशाली बना सकेंगे। इसी प्रकार इन कार्यकर्ताओं को अपेक्षाकृत अधिक दूरी तय कर सेक्टर एवं परियोजना स्तर पर बार-बार नही आना पडे़गा। कलेक्टर श्री कियावत ने जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री बृजेश कुमार त्रिपाठी को निर्देश दिए कि वे जिले का भ्रमण कर कलस्टर गठन की विस्तार से समीक्षा करें। इसी क्रम में श्री त्रिपाठी ने आविदाबाद, सीहोर ग्रामीण, सतराना, नसरूल्लागंज, लाड़कुई, दोराहा, कोठरी एवं आष्टा में कलस्टर कार्यकर्ताओं की बैठक में कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
.........

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें