समाज में मूल्यों का क्षरण रोकने पर जोर देते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को कहा कि छात्रों को समझना चाहिए कि उनकी शिक्षा में काफी संसाधन, प्रयास और त्याग लगा हुआ है। मालवीय राष्ट्रीय इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्न ोलॉजी के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति ने कहा कि छात्रों के पास इस बात का स्पष्ट दृष्टिकोण होना चाहिए कि शिक्षा का उनके लिए मतलब क्या है, सफलता का क्या अर्थ है और अच्छे वेतन के साथ अच्छा करियर ही जीवन का अंत है या नहीं।
उन्होंने कहा कि छात्रों को समझना चाहिए कि उनकी शिक्षा में काफी संसाधन, प्रयास और त्याग लगा हुआ है। समाज ने उनमें निवेश किया है और उनसे इसके बदले में लाभ वापसी की उम्मीद जायज है। छात्रों को कमजोरों, जरूरतमंद और दबे हुए लोगों की मदद कर समाज को लाभ पहुंचाना चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा कि मानवीय मूल्य और सामाजिक प्रतिबद्धता छात्रों के मस्तिष्क में होना चाहिए।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें