उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बुधवार को रेस कोर्स रोड स्थित प्रधानमंत्री निवास में उत्तराखण्ड में पुनर्निर्माण एवं पुर्नवास कार्यों के दिशा-निर्देश हेतु गठित मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में प्रतिभाग किया। बैठक में प्रदेश के मुख्य सचिव सुभाष कुमार और अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा भी उपस्थित थे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड निवास में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि केन्द्र सरकार ने उत्तराखण्ड को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री बहुगुणा ने बताया कि उनके द्वारा उत्तराखण्ड के पुनर्निर्माण, पुर्नवास एवं अन्य राहत कार्यो के लिये कई मांगे केन्द्र सरकार के सम्मुख रखी गई है जिसका प्रधानमंत्री एवं मंत्रिमंडलीय समिति के अन्य सदस्यों द्वारा सैद्धांतिक समर्थन किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य के क्षतिग्रस्त गावों के पुर्नवास के लिये 8000 करोड़ रूपये के पैकेज की आवश्यकता है। गांवों का पुर्नवास पूर्णतः वैज्ञानिक ढंग से किया जायेगा और इससे जी0एस0आई और वाडिया संस्थान जैसी विशेषज्ञ संस्थाओं की सलाह ली जायेगी।
गांवों का पुर्नवास एक आदर्श माॅडल बनाकर किया जायेगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने केन्द्र सरकार से राज्य में बचाव, राहत, पुनर्निमाण के लिये 5500 करोड़ रूपये का अलग से एक पैकेज मांगा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पशुधन की हानि से राहत हेतु 100 करोड़ रूपये, व्यवसायिक सम्पति के लिये 100 करोड,़ आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सेफ शेल्टर्स (सुरिक्षत शरणस्थली) के निर्माण हेतु 200 करोड़ रूपये की आवश्यकता होगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राज्य सरकार द्वारा शीघ्र ही सभी औपचारिकताएं पूर्ण करते ही केन्द्र सरकार द्वारा इन मांगों पर औपचारिक सहमति प्रदान कर दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ मंदिर में पूजा प्रारंभ कराने के लिये आगामी 2 अगस्त को मंदिर समिति की एक मीटिंग बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण बेहद वैज्ञानिक एवं सुरक्षित मानकों के आधार पर किया जायेगा। राज्य सरकार द्वारा केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण हेतु भी अलग से धनराशि मांगी गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य मंे तत्काल तौर पर रोजगार के अवसर उत्पन्न करने के लिये सशस्त्र-बलों ़द्वारा भर्तियाॅ की जानी चाहिये। उन्होंने कहा कि राज्य के सुदूरवर्ती ़क्षेत्रों में बेहतर रिस्पंास के लिये चरणबद्व तरीके से रेगुलर पुलिस की नियुक्ति की जानी होगी। इसके लिये भी केन्द्र सरकार से आर्थिक मदद मांगी गई है। उन्होंने कहा की केन्द्र सरकार से अनुरोध किया गया है कि उत्तरकाशी के वरूणावत पर्वत भूस्खलन राहत पैकेज की तर्ज पर इस आपदा में भी व्यवसायिक परिसम्पतियों को मुआवजा मिलना चाहिये।
उन्होंने कहा की 15 अगस्त तक प्रदेश सरकार अपने यहां के सभी लापता लोगों को मृत मानते हुए उनके परिजनों को मुआवजा दे देगी। अन्य राज्यों के नागरिकों का मुआवजा, उनकी राज्य सरकारो द्वारा लापता लोगों की सूची को प्रमाणित करने के उपरांत दिया जायेगा। इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। केन्द्र सरकार से अनुरोध किया गया है कि भारतीय जीवन बीमा निगम भी इसी तर्ज पर लापता लोगों को मृत मानते हुए उनके दावों का भुगतान कर दे। मुख्यमंत्री श्री बहुगुणा ने कहा कि सरकार एक नये उत्तराखण्ड का निर्माण करने के लिये संकल्पबद्व है। चार धाम यात्रा के तीन धाम बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री मंे यात्रा 30 सितम्बर के उपरांत प्रारंभ हो जायेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के कुछ भागों को छोड़कर प्रदेश के अन्य भाग पर्यटकों के लिये पूरी तरह से सुरक्षित है। उन्होंने केन्द्र सरकार से अनुरोध किया कि मसूरी और नैनीताल को कुछ महत्वपूर्ण बैठकों के लिये कांफं्रेस सेण्टर के रूप में विकसित किया जाये जिससे पर्यटकों का भरोसा लौटेगा।
मुख्यमंत्री ने मौसम के सटीक पूर्वानुमान हेतु अत्याधुनिक मौसम चेतावनी सयंत्र स्थापित करने की बात भी की। मुख्यमंत्री ने बैठक में उत्तराखण्ड में आई0ए0एस0(प्।ै) और पी0सी0एस0(च्ब्ै) अधिकारियों की कमी का मुद्दा भी उठाया।
--मनोज इष्टवाल--
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