एक तरफ जहां पाकिस्तानी सेना पिछले एक महीने में 27 बार सीजफायर का उल्लंघन कर चुकी है, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ दोनों देशों को शांति और अमन की नसीहत दे रहे हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में कश्मीर को राष्ट्रीय मुद्दा बताते हुए उसे पाकिस्तान की धड़कन करार दिया। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान को युद्ध पर अपने संसाधन बर्बाद करने के बजाय गरीबी का मुकाबला करने के लिए हाथ मिलाना चाहिए।
गौरतलब है कि, अपने पहले संबोधन में नवाज ने जम्मू-कश्मीर लाइन ऑफ कंट्रोल पर जारी झड़पों का जिक्र तक नहीं किया। लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि उनका देश अपनी सरजमीं की हिफाजत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने अमेरिकी ड्रोन हमलों को पाकिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन करार देते हुए कहा कि इस बारे में अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी को बता दिया गया है।
शरीफ ने भारत के साथ अच्छे संबंध बनाने की इच्छा प्रकट करते हुए कहा, 'दोनों देशों को इस सच्चाई को स्वीकार करना होगा कि युद्ध पर अपने संसाधनों और उर्जा खर्च करने की बजाय गरीबी, जहालत और बीमारियों के खिलाफ मिलकर जंग छेड़ना चाहिए।' उन्होंने कहा, 'इतिहास गवाह है कि किसी देश का विकास पड़ोसियों के साथ अच्छे रिश्ते से जुड़ा होता है। इसीलिए हम भारत सहित सभी पड़ोसियों के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं।' शरीफ ने कहा कि वह हमेशा से भारत के साथ अच्छा रिश्ता चाहते हैं और मई में चुनाव के दौरान जनता उनकी इस भावना का समर्थन किया।
उन्होंने आगाह किया पाकिस्तान अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत किए बिना कोई लक्ष्य हासिल नहीं कर सकता और 'ऐसे में हमें अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, अपनी आंतरिक और बाहरी समस्याओं को दूर करने तथा बिजली संकट एवं आतंकवाद से निपटने पर ध्यान देना चाहिए।' शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान और भारत को गरीबी और जहालत को दूर करने के लिए हाथ मिलाना चाहिए।
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