बालाघाट (मध्यप्रदेश) की खबर ( 05 अगस्त) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 6 अगस्त 2013

बालाघाट (मध्यप्रदेश) की खबर ( 05 अगस्त)

पी.एच.ई. मंत्री श्री बिसेन ने किया इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी  का शुभारंभ

  • नई खोजों  को प्रोत्साहित करने का माध्यम है प्रदर्शनी

इंस्पायर  अवार्ड प्रदर्शनी विज्ञान  संबंधी नवीन खोजों को प्रोत्साहित करने का एक माध्यम है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को सामने आने एवं अपने तकनीक ज्ञान का प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा। यह बातें म.प्र. शासन के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं सहकारिता मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन ने आज एम.एल.बी. स्कूल में आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी का शुभारंभ करते हुए कही। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में नगर पालिका बालाघाट के अध्यक्ष श्री रमेश रंगलानी, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती निर्मला  पटले, सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना समन्वयक श्री विनय रहांगडाले, उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य श्री राजेन्द्र कुमार लटारे, एम.एल.बी. के प्राचार्य श्री अश्विन उपाध्याय, अन्य विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक एवं छात्र-छात्रायें उपस्थित थी। कार्यक्रम के मुख्य  अतिथि मंत्री श्री बिसेन  ने प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं द्वारा प्रदर्शित किये गये माडलों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन से बच्चों में विज्ञान के प्रति रूचि जागृत होगी और उन्हें कुछ नया कर दिखाने की प्रेरणा मिलेगी। इन्ही बच्चों में से कुछ आगे जाकर बड़े वैज्ञानिक बनेगें और देश सेवा में अपना योगदान देंगें। इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी में बालाघाट  जिले के माध्यमिक, हाई स्कूल  एवं हायर सेकेंडरी शालाओं के 389 बच्चों ने अपने माडल प्रदर्शित  किये है। 

इंस्पायर  अवार्ड प्रदर्शनी में नन्हें वैज्ञानिकों ने दिखाई प्रतिभा

  • संतरे के छिलके से पेट्रोल बनाने का माडल

एम.एल.बी. स्कूल  बालाघाट में तीन दिनों  तक चलने वाली इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी में अच्छे  माडल प्रस्तुत किये गये है।  उत्कृष्ट विद्यालय बालाघाट  की कक्षा 11 वीं के छात्र  शुभम रावड़े ने संतरे छिलकों से पेट्रोल बनाने का माडल प्रदर्शित किया है। शुभम ने बताया कि संतरे के छिलके में ज्वलनशील पदार्थ प्रोपेलीन पाया जाता है। फलों का जूस निकलाने वाली दुकानों पर प्रतिदिन काफी बड़ी मात्रा में संतरे छिलके उपलब्ध होते है। संतरे से रस निकालने के बाद उसके छिलकों को फेंक दिया जाता है। यदि इन छिलकों को एकत्र कर उनसे प्रोपेलीन एकत्र किया जाये तो अच्छी खासी मात्रा में सस्ता ईंधन प्राप्त हो सकता है। इसे बड़े पैमाने पर किया जाये तो पेट्रोल पर खर्च होने वाली भारी विदेशी मुद्रा की बचत की जा सकती है।

माया ने बताया राख से बिजली बनाना

इंस्पायर  अवार्ड प्रदर्शनी में जिले के ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल की नन्ही वैज्ञानिक ने राख से बिजली बनाने का माडल प्रदर्शित किया है। बालाघाट विकासखंड के ग्राम टेकाड़ी के हाईस्कूल की कक्षा 10 वीं की बालिका माया पंचेश्वर ने एक माडल के द्वारा राख एवं पानी के मिश्रण से बिजली बनाने की विधि बताई है। माया ने बताया कि फैक्ट्रियों एवं भटिटयों से बड़ी मात्रा में अनुपयोगी राख निकलती है। इस राख का उपयोग बिजली बनाने में किया जा सकता है। इससे बिजली की समस्या से निजात पाई जा सकती है।

समतल दर्पण  में प्रतिबंब बनने का प्रदर्शन

इंस्पायर  अवार्ड प्रदर्शनी में उत्कृष्ट विद्यालय बालाघाट की कक्षार 11 वीं की छात्रा नेहा सोनी ने अपने माडल के द्वारा दो समतल दर्पणों के बीच अलग-अलग कोण होने पर बनने वाले प्रतिबिंबों की संख्या को बताया है। दो समतल दर्पण के बीच बनने वाले कोण को जब कम किया जाता है तो उनके बीच रखी वस्तु के प्रतिबिंब की संख्या बढ़ने लगती है। कोण बढने पर प्रतिबिंब की संख्या कम होने लगती है। इसी को नेहा सोनी ने अपने माडल में प्रदर्शित किया है। भौतिकी की इस घटना को माडल के द्वारा रोचक तरीके से बताया गया है।

बिना लायसेंस  के साहूकारी करने वालों के विरूध्द कार्यवाही के निर्देश

कलेक्टर श्री बी. चन्द्रशेखर ने बालाघाट, वारासिवनी, बैहर, लांजी एवं  कटंगी के एस.डी.एम. को निर्देशित  किया है कि वे अपने क्षेत्र  में जमीन के कागजात या जेवर गिरवी रखकर साहूकारी करने वालों जांच करें और लायसेंस धारक साहूकारों की सूची प्रकाशित करायें। जिस किसी भी व्यक्ति द्वारा किसी साहूकार से रुपये लिये गये हों तो उन रुपयों को वापस नहीं करने कहा गया है। यदि किसी साहूकार द्वारा रुपये वापस लेने के लिए परेशान किया जाता है तो संबंधित क्षेत्र के एस.डी.एम. को इसकी सूचना देने कहा गया है। एस.डी.एम. को इस संबंध  में दिये गये निर्देशों  में कहा गया है कि वर्तमान  समय में किसी व्यक्ति  से उसके जमीन या संपत्ति के दस्तावेज या जेवर आदि गिरवी  रखकर साहूकारी करना दंडनीय अपराध है। जो कोई भी व्यक्ति  अनाधिकृत रूप से साहूकारी का कार्य कर रहा है उसके विरूध्द थाने में प्रकरण दर्ज करायें। यदि किसी व्यक्ति को साहूकार द्वारा रुपये वापस करने के लिए परेशान किये जाने की सूचना मिले तो तत्काल उस साहूकार के विरूध्द प्रकरण दर्ज करने कहा गया है।

सामान्य बच्चे के अति कुपोषित की श्रेणी में आंगनवाड़ी कार्र्यकत्ता की सेवायें होगी समाप्त

  • बच्चे के पोषण स्तर की जानकारी माता-पिता को भी मिलेगी

कलेक्टर श्री बी. चन्द्रशेखर ने बाल विकास  परियोजना अधिकारियों को निर्देशित  किया है कि आंगनवाड़ी केन्द्रों  के बच्चों को पोषण आहार वितरण  योजना का समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। आंगनवाड़ी कार्र्यकत्ता की बच्चों को पोषण आहार वितरण में सक्रिय भूमिका होना चाहिए। आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों का नियमित समय पर वजन लेकर उनके कुपोषण की स्थिति की जानकारी लेते रहें। बच्चों के वजन की हर माह समीक्षा की जाये। यदि किसी आंगनवाड़ी केन्द्र का बच्चा सामान्य वर्ग से अतिकुपोषित की श्रेणी में आयेगा तो वहां की कार्र्यकत्ता की सेवायें समाप्त कर दी जायेगी। उन्होंने सभी आंगनवाड़ी कार्र्यकत्ताओं को भी निर्देशित किया है कि वे आंगनवाड़ी केन्द्र में वजन के अनुसार बच्चे के पोषण स्तर की जानकारी उसके माता-पिता को भी दें। बच्चे के माता-पिता को भी पता चलना चाहिए कि उनका बच्चा कुपोषित है या सामान्य वर्ग में है।

अतिवृष्टि से मकान क्षति प्रकरणों में  शीघ्र सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश

कलेक्टर श्री बी. चन्द्रशेखर ने बालाघाट, वारासिवनी, बैहर, लांजी एवं कटंगी के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं सभी तहसीलों के तहसीलदारों को निर्देशित किया है कि वे अतिवृष्टि से मकान क्षति वाले मामलों में तत्परता के साथ कार्यवाही करें और आर.बी.सी.-6-4 के प्रकरण तेजी से तैयार करें। ऐसे प्रकरणों में प्रभावित व्यक्तियों को पात्रता के अनुसार सहायता राशि का सात दिनों के भीतर वितरण सुनिश्चित करें।

यात्री  बसों में किराया प्रदर्शित  करने के निर्देश, चार दिन  की वैद्यता वाला ड्रायविंग  लायसेंस फर्जी होने की आशंका

कलेक्टर श्री बी. चन्द्रशेखर ने जिला परिवहन अधिकारी को निर्देशित किया है कि वे जिले में संचालित सभी यात्री बसों में किराया सूची एक निर्धारित प्रारूप में चस्पा करवायें। इसके साथ बसों के निरीक्षण के लिए सभी एस.डी.एम. को एक निरीक्षण प्रपत्र उपलब्ध करायें। जिसमें बसों के निरीक्षण के दौरान देखी जाने वाली चीजों का उल्लेख हो। सभी यात्री बसों के ड्रायवर कंडेक्टर यूनीफार्म में एवं अपने नाम का बैच लगाये होना चाहिए। बस में अग्नि शमन यंत्र एवं फर्स्ट एड बाक्स भी होना चाहिए। आज टी.एल. बैठक में  बसों के निरीक्षण की समीक्षा  के दौरान कटंगी के एस.डी.एम. श्री दिलीप कापसे ने बताया कि उनके द्वारा बसों के निरीक्षण के दौरान पाया गया है कि बस में वाहन के मूल दस्तावेज उपलब्ध नहीं रहते है। ड्रायवर के ड्रायविंग लायसेंस भी एक्सपायर होना पाया गया है। श्री कापसे ने बताया कि उनके द्वारा सानू बस सर्विस की बस का निरीक्षण किया गया था। उसके चालक द्वारा ड्रायविंग लायसेंस एक्सपायर होने के बाद चार दिनों की वैद्यता वाला ड्रायविंग लायसेंस प्रस्तुत किया गया था। जिला परिवहन अधिकारी से इस संबंध में जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि उनके कार्यालय से चार दिन की वैद्यता वाले ड्रायविंग लायसेंस नहीं बनाये जाते है। उनके द्वारा ऐसे लायसेंस के फर्जी होने की संभावना व्यक्त की गई। कलेक्टर ने इस पर जिला परिवहन अधिकारी को पूरे प्रकरण की जांच करने और चार दिन  की वैद्यता वाला ड्रायविंग  लायसेंस प्रस्तुत करने वाले सानू बस सर्विस के उक्त चालक के विरूध्द थाने में एफ.आई. आर. दर्ज करने के निर्देश दिये है।

7 अगस्त  को होगी वन समिति की  बैठक

आगामी 7 अगस्त  को जिला पंचायत की वन समिति  की बैठक का आयोजन किया गया  है। समिति के सभापति श्री राकेश डहरवाल की अध्यक्षता में आयोजित यह बैठक जिला पंचायत कार्यालय सभाकक्ष में दोपहर 2 बजे से प्रारंभ होगी। इस बैठक में वन विभाग के विभागीय कार्यों, उत्पादन कार्यों एवं वन विकास निगम के अंतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा की जायेगी। समिति के सभी सदस्यों को बैठक में उपस्थित होने के लिए सूचना भेज दी गई है। पूर्व में त्रुटिवश बैठक की तिथि 8 अगस्त प्रकाशित हो गई थी।

करेंट से बचने हाई  मास्क लाईट के चारों ओर सुरक्षा के इंतजाम करने के निर्देश

25 जुलाई 2013 को ढीमरटोला-बालाघाट में  हाई मास्क लाईट के खंबे  के सम्पर्क में आने पर एक बालक की करेंट लगने से मृत्यु होने की घटना को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री बी. चन्द्रशेखर ने नगर पालिका बालाघाट के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को निर्देशित किया है कि नगर में जहां पर भी हाई मास्क लाईट लगे हैं, उनके चारों ओर सुरक्षा के इंतजाम किये जायें। जिससे कोई भी व्यक्ति खंबे के सीधे सम्पर्क में न आ सके और करेंट लगने की घटना न हो सके। उन्होंने ढीमरटोला में एक बालक की करेंट लगने से मृत्यु के लिए हाई मास्क लाईट लगाने वाले लापरवाह ठेकेदार को जिम्मेदार मानते हुए उसके विरूध्द थाने में एफ.आई.आर. दर्ज करने और ठेकेदार से मृत बालक के परिवार को सहायता राशि दिलाने के निर्देश दिये है।

जिले में 878 मि.मी. वर्षा रिकार्ड, बैहर तहसील  में सबसे अधिक 1157 मि.मी. वर्षा 

जिले में  चालू वर्षा सत्र के दौरान  एक जून से 05 अगस्त 2013 तक 878 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 614 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई थी। जिले की औसत सामान्य वर्षा 1447 मि.मी. है। चालू वर्षा सत्र में सबसे अधिक 1157 मि.मी. वर्षा बैहर तहसील में तथा सबसे कम 550 मि.मी. वर्षा लांजी तहसील में रिकार्ड की गई है। बालाघाट तहसील में 1003 मि.मी., कटंगी में 811 मि.मी. तथा वारासिवनी तहसील में 626 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। वर्ष 2012 में अब तक बालाघाट तहसील में 619 मि.मी., वारासिवनी में 468 मि.मी., बैहर में 704 मि.मी., लांजी में 456 मि.मी. तथा कटंगी तहसील में 751 मि.मी. वर्षा रिकार्ड गई थी।

बिरवा हवाई पट्टी  के सुधार के लिए 1.93 करोड़ रु. मंजूर

बालाघाट जिले की बैहर तहसील के ग्राम  बिरवा में स्थित हवाई पट्टी के सुधार एवं सुदृढ़ीकरण  कार्य के लिए नागरिक उडडयन  मंत्रालय द्वारा एक करोड़ 93 लाख रु. की राशि मंजूर की गई है। इस हवाई पट्टी में सुविधाओं का विस्तार होने से कान्हा नेशलन पार्क में आने वाले पर्यटकों को आवागमन के लिए वायु मार्ग भी सुलभ हो जायेगा। लोक निर्माण विभाग  के कार्यपालन यंत्री श्री जी.पी. वर्मा ने बताया कि बिरवा की हवाई पट्टी पर कान्हा नेशनल पार्क के चालू रहने पर प्रति माह औसतन पांच बार चार्टर प्लेन का आना-जाना होता है। इस हवाई पट्टी का रनवे खराब होने तथा एप्रोच रोड़ के खराब होने से विमान से आने वाले यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता था। नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा इस हवाई पट्टी के समतलीकरण, रनवे के सुदृढीकरण एवं एप्रोच रोड़ के निर्माण के लिए एक करोड़ 93 लाख रु. की राशि मंजूर की गई है। इस कार्य के लिए टेंडर की प्रक्रिया के बाद ऐजेंसी तय कर दी गई है। आगामी नवम्बर माह तक इसका कार्य पूर्ण कर लिया जायेगा। कार्यपालन यंत्री श्री वर्मा ने बताया कि बिरवा की हवाई पट्टी के बेहतर बनने एवं सुविधा सम्पन्न बनने से कान्हा नेशनल पार्क में चार्टर प्लेन से आने वाले पर्यटकों की संख्या में ईजाफा होगा। अक्टूबर-नवम्बर माह में जब यह पार्क चालू होगा तो पर्यटन के लिए अधिक संख्या में चार्टर प्लेन आयेंगें। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार की संभावनायें भी बढ़ेगी।

8 अगस्त  से किरनापुर मे प्रारंभ  होगा युवतियों एवं महिलाओं  के लिए सिलाई एवं ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण

ग्रामीण क्षेत्रों  की युवतियों एवं महिलाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देने के मकसद से ग्रामीण युवा केन्द्र किरनापुर द्वारा 8 अगस्त 2013 से सिलाई एवं ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण प्रारंभ किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की युवतियां व महिलायें शामिल हो सकती है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के ग्रामीण युवा केन्द्र किरनापुर की समन्वयक योगिता कावड़े ने बताया कि इस प्रशिक्षण में 10 वीं पास युवतियों एवं महिलाओं को ब्यूटी पार्लर व सिलाई का प्रशिक्षण दिया जायेगा। यह प्रशिक्षण 8 अगस्त 2013 से सामुदायिक भवन किरनापुर में प्रारंभ होगा। यह प्रशिक्षण नि:शुल्क दिया जायेगा। यह प्रशिक्षण खेल विभाग द्वारा अनुबंधित कंपनी वी.एल.सी.सी. द्वारा दिया जायेगा। प्रशिक्षण में शामिल होने की इच्छुक युवतियां एवं महिलायें अपने दो पासपोर्ट साईज के फोटो, जाति प्रमाण पत्र के सहित प्रशिक्षण फार्म भर कर ग्रामीण युवा केन्द्र किरनापुर में जमा कर सकते है। प्रशिक्षण संयुक्त रूप से दोपहर 12 से 2 बजे तक एवं दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक दिया जायेगा।

अब अध्यापक  करेंगे बच्चों की आंखों की प्रारम्भिक जॉच बतायेंगे  नजर अच्छी है या खराब


बच्चे की सीखने की क्षमता ऑखो पर निर्भर करती है। बच्चो के बौद्विक, व्यवहारिक, शारीरिक विकास को आकार देने मे दृष्टि का बहुत बड़ा योगदान होता है। किसी भी प्रकार का दृष्टिदोष बच्चे की परिपक्वता एवं सुझबूझ मे रूकावट डालता है। इन्ही तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए बच्चों की आंखों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान शुरू किया जायेगा। इस अभियान में प्रशिक्षित शिक्षक बच्चों की आंखों की जांच कर बतायेंगें की नजर अच्छी है या खराब है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी  डॉ. के.के. खोसला ने बताया  कि आंखे हमारी ज्ञानेन्द्रियो मे सबसे मूल्यवान है। कम दिखाई देना दृष्टिदोष के दायरे मे आता है। कम दिखाई देना अर्थात अन्धापन दो कारणो से होता है। सबसे बडा कारण मोतियाबिंद है, जो कि 85 प्रतिशत है। इसमे ऑख का पारदर्र्शी लेन्स अपारदर्शी हो जाता है। जो लेन्स ऑपरेशन से ठीक हो जाता है। एवं दृष्टि पुन: वापस आ जाती है। कम दिखाई देने का दूसरा बडा कारण है दृष्टिदोष जो किसी भी उम्र मे हो सकता है। जिसका प्रतिशत 5 से 10 प्रतिशत है। दृष्टिदोष आम तौर पर चश्मे की जॉच कर, उपयुक्त नम्बर का चश्मा पहनकर अन्धेपन को नियन्त्रित किया जा सकता है। इसी उद्देश्य को लेकर बच्चो मे दृष्टिदोष को रोकने के लिए शिक्षा विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग एक संयुक्त कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसमे विद्यालय स्तर पर बच्चो का नेत्र परीक्षण प्रशिक्षित अध्यापको द्वारा कम दृष्टि वाले बच्चो को चिन्हित किया जाता है। नेत्र परीक्षण ई टाईप के चार्ट से किया जाता है। परीक्षण के दौरान पांच प्रमुख बातो का विशेष ध्यान रखा जाता है। अध्यापक एवं छात्र के बीच का अन्तर 20 फीट हो, उपयुक्त प्रकाश हो, प्रत्येक आंख का अलग- अलग नेत्र परीक्षण करें, चार्ट एवं आंख का लेबल एक जैसा हो तथा एक साथ सभी बच्चो का परीक्षण नही करना। जिला स्तर पर मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण  कार्यक्रम शा.उ.मा.विद्यालय बालाघाट के सभागार में  आगामी 12 अगस्त 2013 को जिले के मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण रखा  गया है। इस प्रकार प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनरों द्वारा दिनांक 17 अगस्त 2013 को संकुल स्तर पर मा.शाला, प्रा.शाला एवं अधिनस्थ शालाओं से एक प्रतिभागी को प्रशिक्षण दिया जायेगा। 20 अगस्त 2013 को सम्पूर्ण जिले में शाला स्तर पर नेत्र परीक्षण होगा। 22 अगस्त 2013 से कम दृष्टि वाले बच्चों की जॉच ब्लाक स्तर पर सामु.स्वा.केन्द्रों में टाईम-टेबल अनुसार की जावेगी तथा चश्मों का वितरण 14 नवम्बर 2013 को बाल दिवस के अवसर पर समारोह पूर्वक किया जावेगा। इस आशय का पत्र  समस्त प्राचार्यो को,जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी कर दिया गया है।

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