बिहार के सारण जिले के मशरख में मध्याह्न् भोजन हादसे की घटना के बाद राज्य के हैंडपंपों में कथित रूप से विषैला पदार्थ डालने और पानी पीने से बच्चों की तबियत बिगड़ने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पुलिस का कहना है कि एक-दो दिनों में पूरे मामले का खुलासा हो जाएगा। पूरे मामले की जांच अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) द्वारा किया जा रहा है। अब तक राज्य के विभिन्न जिलों के 65 से ज्यादा हैंडपंपों (चापाकलों) को सील कर जांच की जा रही है।
राज्य पुलिस मुख्यालय के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि अब तक राज्य के सीतामढ़ी, जहानाबाद, सीवान, सारण, गोपालगंज, अरवल, मधुबनी, समस्तीपुर सहित 14 जिलों में इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। लगातार ऐसे मामले सामने आने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के पुलिस महानिदेशक अभयानंद से इस तरह के मामले की जांच का निर्देश देते हुए सभी जिलों के जिलाधिकारियों को भी ऐसे मामले पर नजर रखने का निर्देश दिया है। इसके बाद राज्य के सीआईडी विभाग के अधिकारी इस पूरे मामले की जांच करने में जुटे हुए हैं।
सूत्रों के मुताबिक सीआईडी के आला अधिकारियों ने सभी जिलों के सील किए गए हैंडपंपों का मुआयना किया है तथा साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, जिससे पूरे मामले का खुलासा हो सके। पुलिस के एक अधिकारी की मानें तो राज्य में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) के 67 हैंडपंपों को अब तक सील किया जा चुका है। इनके पानी के नमूनों को लेकर जांच के लिए जल प्रयोगशाला भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार कई लोगों के फोन कॉल्स की भी जांच की जा रही है। संभावना व्यक्त की जा रही है पूरे मामले का खुलासा एक-दो दिनों में हो जाएगा।

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