नेपाल की अंतरिम सरकार को समर्थन दे रहीं चार प्रमुख पार्टियों की एक समिति ने चरमपंथी माओवादियोंसे समझौता वार्ता की पेशकश की है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक उच्चस्तरीय राजनीतिक समिति (एचएलपीसी) ने शनिवार को माओवादियों को पत्र भेजकर वार्ता के लिए आमंत्रित करने का निर्णय लिया।
एचएलपीसी के समन्वयक पुष्प कमल दहाल ने सीपीएन-माओवादी संगठन को पत्र भेजा है। दहाल एकीकृत नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी के अध्यक्ष भी हैं। सीपीएन-माओवादी, एकीकृत नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी से अलग हुआ एक गुट है। यह गुट संविधानसभा के लिए 19 नवंबर को होने वाले चुनाव को बाधित करने के लिए देशव्यापी प्रचार कर रहा है। यह गुट चाहता है कि समझौता के दौरान उसके सामने कोई शर्त न रखी जाए।
इस बीच अंतरिम सरकार ने भी सीपीएन-माओवादी को अलग से पत्र भेजा है। चरमपंथी संगठन चाहता है कि 19 नवंबर को होने वाला चुनाव स्थगित कर दिया जाए और न्यायमूर्ति खिलराज रेग्मी के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार को बर्खास्त किया जाए।

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