उत्पाती तत्वों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाये कानून-व्यवस्था संबंधी लापरवाही को गंभीरता से लिया जायेगा, मुख्यमंत्री श्री चैहान ने की वीडियो कान्फ्रेंसिंग
खंडवा (22 अगस्त) - मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने कहा है कि उत्पाती और उपद्रवी तत्वों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाये। प्रशासन समाज के सभी वर्गों के साथ सीधा संवाद रखें। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था के मामलों में लापरवाही को गंभीरता से लिया जायेगा। श्री चैहान भोपाल मंत्रालय में प्रदेश के प्रशासन और पुलिस के संभागीय एवं जिला अधिकारियों की वीडियो कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। व्हीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान खंडवा में कलेक्टर नीरज दुबे, पुलिस अधीक्षक मनोज शर्मा, अपर कलेक्टर एस.एस.बघेल एवं कानून व्यवस्था से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर नीरज दुबे ने व्हीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद स्थानीय अधिकारियों की बैठक ली और प्राप्त निर्देशों के पालन की समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्य सचिव आर.परशुराम, अपर मुख्य सचिव गृह आई.एस. दाणी, अपर मुख्य सचिव कृषि एम.एम.उपाध्याय, अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति अन्टोनी डीसा और पुलिस महानिदेशक नंदन दुबे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चैहान ने कहा कि कानून एवं व्यवस्था प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह आवश्यक है कि समाज के सभी वर्गों और जन-प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद बना रहे। स्थिति की निरंतर समीक्षा की जाये। सतर्कता और सावधानी के साथ कार्य किया जाये। गड़बड़ी करने वालों पर कठोरता के साथ कार्रवाई की जाये। श्री चैहान ने कहा कि वर्षा की स्थिति के परिप्रेक्ष्य में आपदा प्रबंधन की तैयारियाँ अग्रिम की जाये। प्रदेश के सभी जलाशय पूर्ण रूप से भरे हैं। आगामी समय में भी वर्षा का पूर्वानुमान है। किसी भी आपात स्थिति में राहत की कार्रवाई तत्काल और प्रभावी ढंग से की जाये। उन्होंने कहा कि राहत शिविर में बेहतर व्यवस्थाएँ होनी चाहिये। प्रभावितों को तात्कालिक राहत देने में देरी नहीं हो। राहत पर्याप्त हो। इसकी सुनिश्चितता की जाये। उन्होंने कहा कि फसलों के नुकसान की उचित भरपाई हो। इस हेतु क्षतिग्रस्त फसलों के किसानों को फसल क्षति बीमा योजना के तहत मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाये। यह कार्य तत्परता के साथ सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिये। उन्होंने गरीबों के 30 जून तक के विद्युत बिल माफ करने के कार्य को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिये।
टीप:- फोटो मेल की गई हैं।
मंत्री पारसचंद्र जैन का दौरा कार्यक्रम
खंडवा (22 अगस्त) - खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री पारसचंद्र जैन 24 अगस्त को प्रातः 7 बजे उज्जैन से प्रस्थान कर पूर्वान्ह 11 बजे खंडवा सर्किट हाउस आयेंगे तथा स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेंगे। मंत्री श्री जैन शाम 5 बजे खंडवा से उज्जैन के लिये प्रस्थान करेंगे।
आवासहीन परिवारों का आसरा बना मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन
खंडवा (22 अगस्त) -मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान द्वारा प्रदेश की ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत आबादी की आवास की समस्या को देखते हुये ग्रामीण क्षेत्र के गरीब ग्रामीणों को आवास उपलब्ध्ा कराने के लिये मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना वर्ष 2010-11 से प्रारंभ की गई है। यह एक पूर्णतः मांग आधारित स्वभागीदारी ऋण-सह-अनुदान योजना है योजनांतर्गत हितग्राही द्वारा विभिन्न अभिन्यासों के अनुरूप स्वयं आवास का निर्माण किया जाता है। उक्त जानकारी देते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अमित तोमर द्वारा बतलाया गया कि पूर्व में आवास की न्यूनतम लागत 70 हजार रूपये थी, जिसमें नगद श्रम अथवा सामग्री के रूप में हितग्राही का योगदान न्यूनतम राशि 10 हजार रूपये तथा बैंक ऋण न्यूनतम राशि 30 हजार रूपये एवं शासन का निर्धारित अनुदान राशि 30 हजार रूपये थे। माह जुलाई 2013 से न्यूनतम लागत को बढ़ाकर 1 लाख 20 हजार रूपये कर दिया गया है। वर्तमान में सेन्ट्रल बैंक आॅफ इंडिया, बैंक आॅफ इंडिया, स्टेट बैंक आॅफ इंडिया, यूनाईटेड बैंक आॅफ इंडिया एवं बैंक आॅफ बड़ौदा से शासन स्तर पर एम0ओ0यू0 की प्रक्रिया की गई है। खण्डवा जिले में योजनाअंतर्गत वर्तमान तक कुल 2744 प्रकरण बैंकेा द्वारा स्वीकृत किये जाकर 2205 प्रकरण में वितरण किया जा चुका है। प्रस्तावित राशि 1 लाख 20 हजार रूपये की लागत में न्यूनतम 225 वर्गफीट के आवास का निर्माण किया जाता है। आवास में एक कमरा, रसोईघर, स्नानागार एवं बरामदा रहता है। आवास विन्यास शासन द्वारा अनुमोदित माॅडल के अनुरूप ही किया जाना अनिवार्य है। आवास हेतु आवासहीन, कच्चे अर्द्धपक्के आवासों में निवासरत ग्राम में रहने वाले ऐसे सभी ग्रामीण इस योजना के पात्र हितग्राही हैं जो अधिकतम 1 हेक्टेयर कृषिभूमि धारक परिवार है अथवा जिनकी सभी स्त्रोतो से अध्िाकतम आय रू 1लाख 25 हजार वार्षिक हो हितग्राही अपने स्वामित्व की कृषि भूमी पर भी इन आवासों को बनाने के लिए पत्र है। योजना अंतर्गत आवास ऋण का भुगतान हितग्राही को तीन किस्तों में किया जाता है। प्रथम किस्त के रूप में नींव खुदाई के पश्चात 50 प्रतिशत राशि दीवालों का कार्य पूर्ण करने के लिये दी जाती है। द्ववतीय किस्त में 40 प्रतिशत राशि छत तथा खिडकियों का कार्य पूर्ण करने के लिये दी जाति है। तृतीय किस्त में शेष 10 प्रतिशत राशि बचे हुये आवश्यक कार्य को पूर्ण करने हेतु दी जाति है। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास का लाभ अधिक से अधिक हितग्राहियों को मिल सके इस हेतु स्ततरूप से जनपद स्तर पर ऋण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
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