सकारात्मक मानसून सत्र सुनिश्चित करे विपक्ष : प्रधानमंत्री - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

सोमवार, 5 अगस्त 2013

सकारात्मक मानसून सत्र सुनिश्चित करे विपक्ष : प्रधानमंत्री

Manmohan Singh
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को विपक्षी पार्टियों से संसद सत्र को फलदायी सुनिश्चित करने की दोबारा अपील की। प्रधानमंत्री ने मानसून सत्र के पहले दिन कहा, "मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार से हो रही है। यह मेरा आपसे विनम्र निवेदन और उम्मीद है और मैं सदन के सभी दलों से इस सत्र को सही अर्थो में फलदायी सुनिश्चित किए जाने की अपील करता हूं।" उन्होंने कहा, "हमने पिछले सत्र में भी काफी समय बर्बाद किया है और मुझे उम्मीद है कि इस सत्र में उसकी पुनरावृत्ति नहीं होगी।"

प्रधानमंत्री ने कहा, "हम सदन में चर्चा के इच्छुक हैं और इसलिए मैं विपक्षी पार्टियों से इस सत्र को फलदायी और रचनात्मक सुनिश्चित करने के लिए सदन को सहज तरीके से चलने देने की अपील करता हूं।" यह दूसरी बार है जब प्रधानमंत्री ने विपक्ष से यह अनुरोध किया है। मनमोहन सिंह ने शनिवार को सर्वदलीय बैठक के बाद भी यही बात कही थी और उन्होंने विपक्षी दलों से विधायी कार्यों का निष्पादन होने देने की अपील की थी। उन्होंने शनिवार को कहा कि संसद के सामने खाद्य सुरक्षा विधेयक सबसे महत्वपूर्ण विधायी कार्य है। 

संसद का मानसून सत्र पांच अगस्त से 30 अगस्त तक चलेगा और 16 कार्य दिवसों में 44 विधेयकों पर चर्चा होनी है। संसद में निलंबित पड़े विधेयकों की संख्या 100 से अधिक हो गई है।  संसदीय कार्य मंत्री कमल नाथ ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सरकार सत्र की अवधि बढ़ाने पर विचार कर सकती है। 

कोई टिप्पणी नहीं: