केंद्रीय वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार रघुराम गोविंद राजन भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नए गवर्नर होंगे। सरकार ने मंगलवार को इस आशय की घोषणा की। राजन वर्तमान गवर्नर डी. सुब्बाराव की जगह लेंगे। 50 वर्षीय राजन पांच सितंबर को पदभार संभालेंगे और इस पद पर नियुक्त होने वाले सबसे कम उम्र के अधिकारी होंगे। वर्तमान गवर्नर डी. सुब्बाराव का कार्यकाल इस वर्ष चार सितंबर को समाप्त होने जा रहा है।
वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा है, "प्रधानमंत्री (मनमोहन सिंह) ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर के रूप में तीन वर्षो के कार्यकाल के लिए रघुराम राजन की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।" भारत सरकार से जुड़ने से पहले राजन अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में मुख्य अर्थशास्त्री रह चुके हैं। वह शिकागो विश्वविद्यालय में भी प्रोफेसर रह चुके हैं। पिछले साल अगस्त में वह वित्त मंत्रालय से जुड़े। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब अर्थव्यवस्था की हालत अच्छी नहीं है और इससे बाहर आने को लेकर सरकार और आरबीआई में सामंजस्य की कमी है।
आरबीआई रुपये के अवमूल्यन को नियंत्रित करने में लगा हुआ है, जिसने मंगलवार को 61.86 का रिकार्ड निचला स्तर छू लिया। नियुक्ति के बाद राजन ने कहा, "भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए यह चुनौती भरा समय है, लेकिन देश की संभावना को लेकर किसी को संदेह नहीं हो सकता है।" उन्होंने कहा कि इस मामले में आरबीआई और सरकार साथ-साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "रिजर्व बैंक एक महान संस्था है। ईमानदारी, स्वतंत्रता और पेशेवराना रुझान उसकी परंपरा है।"
उद्योग और सरकार के कुछ हलकों से आरबीआई पर मुख्य दरों में कटौती का भारी दबाव है। राजन भी दरों में कटौती की वकालत करते रहे हैं। लेकिन 30 जुलाई को मौजूदा कारोबारी साल की पहली तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में रिजर्व बैंक ने मुख्य दरों में कोई बदलाव नहीं किया।
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