आडवाणी हमारे नेता, संरक्षक और मार्गदर्शक हैं : राजनाथ सिंह - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 14 सितंबर 2013

आडवाणी हमारे नेता, संरक्षक और मार्गदर्शक हैं : राजनाथ सिंह

आगामी आम चुनावों में नरेंद्र मोदी को भाजपा का उम्मीदवार घोषित किए जाने के कारण लालकृष्ण आडवाणी की नाराजगी के बीच पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि आडवाणी को नाराज होने का अधिकार है, लेकिन यह बात इस मामले पर पार्टी के बीच विभाजन को नहीं दर्शाती। सिंह ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने का फैसला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दबाव में लेने की खबरों को भी नकार दिया। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि आडवाणी हमारे नेता, संरक्षक और मार्गदर्शक हैं। उन्हें नाराज होने का अधिकार हैं। मैं इस बात का संज्ञान लेकर इस मामले से निपटने की कोशिश करूंगा। अलगाव का प्रश्न ही कहां है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि मुझमें उन्हें पलटकर जवाब देने की क्षमता नहीं है। यदि कोई अभिभावक परिवार में किसी को डांटता है, तो इसका मतलब यह नहीं होता कि परिवार के बीच मतभेद हैं। आडवाणी ने कभी यह नहीं कहा कि मोदी को भाजपा का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार नामित नहीं किया जाना चाहिए। राजग ने अपने कई सहयोगियों को खो दिया है। हाल में जदयू ने राजग से नाता तोड़ लिया था। इस संबंध में भाजपा प्रमुख ने कहा कि वह नए सहयोगियों को शामिल करने की कोशिश करेंगे लेकिन उन्होंने साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि किसी भी नए सहयोगी से हाथ मिलाने से पहले मौजूदा सहयोगियों को विश्वास में लिया जाएगा। सिंह ने कहा कि शिवसेना और शिरोमणि अकाली दल समेत हमारे मौजूदा सहयोगियों ने मोदी पर लिए निर्णय का समर्थन किया है। चुनावों से पहले या बाद में नए गठबंधन की संभावनाएं हैं, लेकिन इस संबंध में निर्णय लेने से पूर्व हमारे मौजूदा सहयोगियों को विश्वास में लिया जाएगा।

राजनाथ सिंह से पूछा गया कि क्या राज ठाकरे की पार्टी मनसे को राजग में शामिल होने के लिए मनाया जाएगा। राज ठाकरे को मोदी का निकटवर्ती माना जाता है, लेकिन शिव सेना के प्रमुख उद्धव के साथ उनका मन मुटाव जारी है। मनसे को राजग में शामिल करने का निर्णय संभवत: शिव सेना को भाएगा नहीं। यह पूछे जाने पर कि मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने रहेंगे या भाजपा की चुनाव प्रचार मुहिम का नेतृत्व करते हुए लोकसभा चुनाव लड़ेंगे, उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि संविधान के तहत इस बात पर कोई रोक है। लेकिन हमने अभी तक इस बात पर कोई विचार नहीं किया है। हम विचार विमर्श के बाद इस संबंध में निर्णय लेंगे। यह पूछने पर कि आडवाणी उनके कार्य करने के तरीके के बारे में किस बात से नाराज हैं, राजनाथ ने कहा कि मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। भाजपा अध्यक्ष ने इन खबरों को नकार दिया कि मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने के लिए संघ ने पार्टी नेतृत्व पर दबाव बनाया है।

सिंह ने कहा कि मैं संघ के साथ लंबे समय से जुड़ा हुआ हूं लेकिन मैंने कभी यह नहीं देखा कि उसने भाजपा पर किसी प्रकार दबाव बनाया हो या किसी प्रकार का निर्देश जारी किया हो। मैं यह नहीं जानता कि यह धारणा किस वजह से पैदा हुई है। सिंह ने मोदी को  देश में आज के सबसे लोकप्रिय राजनेता करार देते हुए हुए कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने को लेकर पार्टी कभी किसी प्रकार की दुविधा में नहीं थी। उन्होंने कांग्रेस नीत केंद्र सरकार को सभी मोर्चों पर असफल बताते हुए कहा कि जब हमने मोदी को औपचारिक तौर पर प्रधामंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है तो अब देश यह जानना चाहता है कि कांग्रेस का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार कौन है। 

इससे पहले सिंह ने जावेरी बाजार में बंबई बुलियन एसोसिएशन के नये भवन का उदघाटन करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि घटक दलों के साथ पार्टी केंद्र में अगली सरकार बनाने में समर्थ होगी। सिंह ने कहा, हमें 2014 के चुनाव में 272 से अधिक सीटें मिलने की उम्मीद है। हमें 272 से अधिक सीटें दीजिए और हम ऐसी सरकार बनायेंगे जिसकी आर्थिक नीतियों से वैश्विक स्तर पर भारत का गौरव पुन: स्थापित होगा। भाजपा प्रमुख ने कहा कि आम चुनाव में उनकी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने वाले सभी घटक दल गठबंधन के सत्ता में आने पर सरकार में शामिल होंगे।

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