भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री प्रत्याशी घोषित किए जाने को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 'विनाश काले विपरीत बुद्धि' कहा है। उन्होंने कहा कि देश की जनता कभी भी विभाजनकारी तत्वों को स्वीकार नहीं करेगी। पटना में शनिवार को एक कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे मुख्यमंत्री ने मोदी के प्रधानमंत्री प्रत्याशी घोषित होने के संबंध में पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर कहा, "हमारा फैसला सही साबित हुआ। विनाश काले विपरीत बुद्धि।"
उन्होंने कहा कि केंद्र में सत्तारूढ़ गठबंधन के खिलाफ देश में जो माहौल था, महंगाई और भ्रष्टाचार के विरुद्ध जो मुद्दे थे, उनको लेकर बहुत बड़ी गोलबंदी की संभावना थी। लेकिन भाजपा ने यह साफ कर दिया कि वह विपक्षी एकता की पक्षधर नहीं है। नीतीश ने जोर देकर कहा कि भाजपा हवा बांधने की कोशिश कर रही है, जिसमें कोई दम नहीं है। भाजपा के लोग खुद अपने घर में उत्साहित हैं, जनता कहीं और है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मीडिया में छाकर कुछ हासिल कर लेना संभव नहीं है। भाजपा का नजरिया देश को कमजोर करने-कराने और बांटने का है, देश को एक करने का नहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा में बुजुर्गो का सम्मान नहीं है। देश को दूसरी ओर मोड़ने की कोशिश हो रही है, जिससे कुछ हासिल होने वाला नहीं है। नीतीश ने कहा कि जनता दल (युनाइटेड) ने तीन महीने पूर्व ही भांप लिया था कि ऐसा ही कुछ होने वाला है। अब वे वही कर रहे हैं जो वे करने वाले थे। उन्होंने भाजपा से अलग होने के फैसले को सही ठहराते हुए कहा, "हमने उचित समय पर सही फैसला लिया।"
उल्लेखनीय है कि भाजपा द्वारा मोदी को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद जद (यू) ने 17 वर्षो से जारी भाजपा और जद (यू) गठबंधन को तोड़ दिया था। इसके बाद दोनों दलों के नेताओं के बीच मोदी को लेकर वाक्युद्ध चल रहा है। मोदी को शुक्रवार को भाजपा ने अगले लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें