उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि राजनेताओं के बयानबाजी से काम नहीं चलेगा. यूपी में तुरंत राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए. लखनऊ में सोमवार को उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है मुजफ्फरनगर हिंसा पीड़ितों के जख्म पर मरहम लगाने या उन पर बयानबाजी करने से कुछ नहीं होगा. उत्तरप्रदेश सरकार को बर्खास्त राष्ट्रपति शासन लगाने की जरूरत है.
मायावती ने यह भी कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के प्रभावित इलाकों में दौरा कर खानापूर्ति करने का काम कर रहे हैं और राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश में लगे हैं. जबकि केन्द्र को चाहिए कि उत्तर प्रदेश के सरकार को तुरंत बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाएं. उन्होंने अखिलेश यादव पर प्रहार करते हुए कहा कि अखिलेश से न तो प्रदेश संभल रहा है और न ही कानून-व्यवस्था. मुजफ्फरनगर के हिंसा प्रभावित इलाकों में जाना उनकी मजबूरी बन गयी है.
गौरतबल है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी हिंसा प्रभावित मुजफ्फरनगर के दौरे हैं. सोमवार को मुजफ्फरनगर पहुंचकर नेताओं ने हिंसा प्रभावित लोगों से मुलाकात की और उनका दुख दर्द सुना. इससे पहले रविवार को यूपी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव दंगा पीड़ितों से मिलने गये और कहा कि पीड़ितों को इंसाफ मिलेगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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