भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की बिहार राज्य परिषद ने ‘‘शासकों की जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ जनता की रोजी-रोटी के लिए लड़ाई और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ बिहार को सांप्रदायिक उन्माद से बचाने की लड़ाई का दोहरा दायित्व’’ निभाते हुए 25 अक्टूबर को पटना में ‘‘जनाक्रोश रैली’’ को कामयाब बनाने का संकल्प लिया है।
राज्य परिषद ने यह संकल्प 15 सितम्बर, 2013 को संपन्न अपनी बैठक में पारित प्रस्ताव द्वारा लिया। प्रस्ताव में कहा गया है कि केन्द्र और राज्य सरकार की जन-विरोधी आर्थिक नीतियों के कारण कमरतोड़ महंगाई, बढ़ती बेरोजगारी, सर्वव्यापी भ्रष्टाचार और बेलगाम अपराध से जनता परेशान है। दूसरी ओर भाजपा जन-विरोधी आर्थिक नीतियों पर पर्दा डालने और जनता का ध्यान रोजी-रोटी से हटाने के लिए सांप्रदायिक हिंसा फैला रही है।
बैठक में जनाक्रोश रैली को सफल बनाने के लिए व्यापक योजना बनायी गयी। बैठक को पार्टी के केन्द्रीय सचिवमंडल सदस्य और ऐटक के महासचिव गुरूदास दासगुप्ता, एम॰पी॰ और केन्द्रीय सचिवमंडल सदस्य अमरजीत कौर ने भी संबोधित किया।
गुरूदास दासगुप्ता ने कहा कि कांग्रेस की यूपीए सरकार की नवउदारवादी आर्थिक नीतियों ने गंभीर आर्थिक संकट पैदा कर दिया है। देश की आर्थिक हालत बेहद खराब है। इस संकट का बोझ जनता पर डाला जा रहा है। इसके खिलाफ जनता सड़कों पर उतर रही है। लेकिन भारतीय जनता पार्टी चुनावी लाभ के लिए हिन्दू-मुस्लिम दंगा भड़का कर जनता की एकता को तोड़ रही है।
अमरजीत कौर ने कहा कि रुपये के मूल्य में लगातार गिरावट से महंगाई और ज्यादा बढ़ेगी। रोजगार घटेगी। अभी ही सरकारी आँकड़े के मुताबिक 11 करोड़ लोग बेरोजगार हैं। आगे बेरोजगारों की तादाद और ज्यादा बढ़ेगी। जनता की मुसीवते और भी बढ़ने वाले है। ऐसे वक्त भाजपा की सांप्रदायिक उन्माद फैलाने की चुनावी चाल से जनता की रोजी-रोटी की लड़ाई कमजोर होगी। इसलिए जन-विरोधी आर्थिक नीतियों और सांप्रदायिकता दोनों के खिलाफ लड़ना होगा।
बैठक की अध्यक्षत अमृत गिरि ने की । बैठक में सभी जिला मंत्रियों ने जनाक्रोश रैली की तैयारी की रिपोर्ट दी और इसे सफल बनाने का संकल्प दूहराया।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें