चीनी दूतावास ने एक बार फिर अरुणाचल प्रदेश के खिलाड़ियों को स्टेपल (नत्थी) वीजा जारी किया है. इसके चलते वूक्सी चाइना में वर्ल्ड यूथ आर्चरी चैम्पियनशिप में हिस्सा लेने जा रहे अरुणाचल प्रदेश की दो तीरंदाजों को चीन जाने से रोक दिया गया.
भारत का 24 तीरंदाजों और छह कोचों का कुल 30 सदस्यीय दल इस प्रतियोगिता के लिए रवाना होना था. वर्ल्ड चैम्पियनशिप में हिस्सा लेने के लिए भारतीय तीरंदाजी टीम को बृहस्पतिवार शाम छह बजे वीजा जारी किया गया. टीम की रात साढ़े ग्यारह बजे की फ्लाइट थी. जब इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर टीम का इमिग्रेशन चेक कर रहे थे तो उसमें अरुणाचल प्रदेश की दो तीरंदाज मासेलो मिहू और सोरांग यूमी थीं.
चीनी दूतावास ने इन दोनों को स्टेपल वीजा दिया था जबकि बाकियों को सामान्य वीजा दिया गया. लिहाजा इन दोनों को इमिग्रेशन वालों ने रोक लिया. उन्होंने इनसे सामान्य वीजा मांगा. इसके बाद पूरी टीम इन दोनों को छोड़कर चली गई. भारतीय तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष विजय कुमार मल्होत्रा ने चीनी दूतावास की घोर निंदा की है. वह इस मामले को उच्च स्तर पर उठाएंगे और इन दोनों को शुक्रवार को वर्ल्ड चैम्पियनशिप में भेजने की कोशिश करेंगे. गौरतलब है कि यह पहला मामला नहीं है जब चीनी दूतावास ने भारतीय टीम में शामिल होने वाले अरुणाचल प्रदेश के खिलाड़ियों के साथ इस तरह का व्यवहार किया है. इससे पहले अरुणाचल प्रदेश के दो वेटलिफ्टरों को चीनी दूतावास ने स्टेपल वीजा जारी किया था. इसके चलते इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन विभाग ने दोनों लिफ्टरों को एशियाई यूथ चैंपियनशिप में जाने से रोक दिया था.
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