भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता यशवंत सिन्हा ने गुरुवार को कहा कि 2जी दूरसंचार लाइसेंस आवंटन में अनियमितताओं की जांच के लिए गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट 'अर्ध सत्य' का पुलिंदा है। जेपीसी में शामिल भारतीय जनता पार्टी के छह सदस्यों की ओर से असहमति रिपोर्ट सौंपने के बाद सिन्हा ने संवाददाताओं से कहा, "यह रिपोर्ट (जेपीसी के अध्यक्ष पी. सी. चाको द्वारा सौंपी गई) दोषपूर्ण है। यह रिपोर्ट विरोधाभाषों, असत्य और अर्ध सत्य का पुलिंदा है।"
उन्होंने संसदीय नियम के तहत अनिवार्य हर पैरे पर विचार करने को ताक पर रख कर जिस तरीके से चाको ने रिपोर्ट को मंजूरी के लिए पेश किया उस पर आपत्ति जाहिर की। सिन्हा ने कहा कि भाजपा सदस्यों ने अपनी असहमति रिपोर्ट जेपीसी सचिवालय को दोपहर बाद 5 बजे शाम से पहले सौंप दी। समय सीमा जेपीसी के अध्यक्ष चाको ने तय की थी। उन्होंने कहा कि उनकी असहमति रिपोर्ट की एक प्रति लोकसभा अध्यक्ष को भी सौंपी गई है।
सिन्हा ने स्वीकार किया कि संसद में पेश होने के पहले मीडिया के सामने रिपोर्ट के तथ्यों का खुलासा करना संसदीय नियमों और प्रक्रिया का उल्लंघन है। जेपीसी रिपोर्ट पर असहमति नोट को जारी करते हुए उन्होंने कहा, "यह संसद की घोषणा के विरुद्ध है और इसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, लेकिन इस व्यवस्था को चाको ने ही नजरअंदाज कर दिया।"

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें