दोषी जनप्रतिनिधियों संबंधी अध्यादेश को लेकर सरकार की खुलेआम आलोचना के कुछ दिनों बाद राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री को मनाने के अंदाज में कहा कि वह मेरे गुरु हैं और अच्छी नीयत वाले व्यक्ति हैं।
पंजाब में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा द्वारा अध्यादेश पर अपने बयान के समय को लेकर सवाल खड़े करने की भी आलोचना की और कहा कि यह सच बोलने का मुद्दा नहीं हो सकता। कैंसर अस्पताल की आधारशिला रखने के बाद उन्होंने कहा कि अध्यादेश के बाद मैंने जब मनमोहन सिंह जी से मुलाकात की तो उनसे कहा कि मैंने आपसे काफी कुछ सीखा है। मेरी जिंदगी में दो गुरु हैं - कांग्रेस अध्यक्ष और मनमोहन सिंह। आपने मुझे एक गुरु दिया है। मनमोहन सिंह ने भारत और पंजाब के लिए जो किया है वह कोई नहीं कर सकता। प्रधानमंत्री की प्रशंसा करते हुए राहुल ने कहा कि अगर नीयत खराब है तो कुछ नहीं होगा, अगर नीयत साफ है तो सब कुछ होगा। मनमोहन सिंह जी की नीयत बिल्कुल साफ है।
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